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Rampur Bushahar News: एनएच पर रेलिंग होती तो बच जाती दो युवकों की जान
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एनएच पांच से गहरी खाई में गिरी कार। संवाद
बीते वर्ष पहाड़ी से हुए भूस्खलन की चपेट में आ गई थी रेलिंग
मोहन मेहता
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। ज्यूरी के पास नेशनल हाईवे-पांच पर दुर्घटना वाली जगह डब्लू बीम रेलिंग लगी होती, तो कार गहरी खाई में नहीं गिरती और कार सवार किन्नौर के युवकों की जान नहीं जाती। दुर्घटना वाले स्थान पर पिछले साल पहाड़ी गिरने से एनएच किनारे खाई की तरफ लगी रेलिंग और सड़क टूट गई थी। इसके बाद से यहां दोबारा रेलिंग नहीं लगी और न ही टूटी सड़क को ठीक करने के लिए दीवार लगाने का काम पूरा हुआ है। 9 सितंबर को कार ठीक उसी जगह से नीचे गिरी जहां से पुरानी रेलिंग टूटी हुई है। यदि एनएच पर रेलिंग होती, तो कार करीब 400 सौ मीटर गहरी खाई में न समाती। कार संभवत: रेलिंग से टकरा कर वहीं रुक जाती और दो युवाओं की जान बच भी जाती। इस स्थान पर लंबे समय से सड़क टूटने के बाद सड़क काफी तंग हो गई है और इसी स्थान पर बने बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिससे बचने के चक्कर में गाड़ी इधर-उधर जाने का भी खतरा बना हुआ है। वहीं, एनएचएआई ज्यूरी के सहायक अभियंता करतार चंद शर्मा का कहना है कि भूस्खलन से टूटी रेलिंग और सड़क को ठीक करवाने का एस्टीमेट मंजूरी के लिए भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही रेलिंग और दीवार दोनों का काम पूरे किए जाएंगे।
रात 7:45 पर ज्यूरी से रामपुर की ओर निकले थे युवक
पुलिस की निकाली सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के अनुसार 9 सितंबर की रात 7:45 पर रविंद्र नेगी और प्रशांत नेगी मारुति कार में ज्यूरी से रामपुर की ओर निकले थी, लेकिन यहां से आगे झाकड़ी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कार क्रॉस होती नहीं पाई गई। इसके बाद युवकों के परिजनों ने ज्यूरी से झाकड़ी के बीच सड़क से नीचे मंगलाड और सतलुज नदी के आसपास ढूंढने के बाद कार को मंगलाड खड्ड में खोजा, जहां दोनों युवक क्षतिग्रस्त कार में मृत अवस्था में पाए गए।
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मोहन मेहता
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। ज्यूरी के पास नेशनल हाईवे-पांच पर दुर्घटना वाली जगह डब्लू बीम रेलिंग लगी होती, तो कार गहरी खाई में नहीं गिरती और कार सवार किन्नौर के युवकों की जान नहीं जाती। दुर्घटना वाले स्थान पर पिछले साल पहाड़ी गिरने से एनएच किनारे खाई की तरफ लगी रेलिंग और सड़क टूट गई थी। इसके बाद से यहां दोबारा रेलिंग नहीं लगी और न ही टूटी सड़क को ठीक करने के लिए दीवार लगाने का काम पूरा हुआ है। 9 सितंबर को कार ठीक उसी जगह से नीचे गिरी जहां से पुरानी रेलिंग टूटी हुई है। यदि एनएच पर रेलिंग होती, तो कार करीब 400 सौ मीटर गहरी खाई में न समाती। कार संभवत: रेलिंग से टकरा कर वहीं रुक जाती और दो युवाओं की जान बच भी जाती। इस स्थान पर लंबे समय से सड़क टूटने के बाद सड़क काफी तंग हो गई है और इसी स्थान पर बने बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिससे बचने के चक्कर में गाड़ी इधर-उधर जाने का भी खतरा बना हुआ है। वहीं, एनएचएआई ज्यूरी के सहायक अभियंता करतार चंद शर्मा का कहना है कि भूस्खलन से टूटी रेलिंग और सड़क को ठीक करवाने का एस्टीमेट मंजूरी के लिए भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही रेलिंग और दीवार दोनों का काम पूरे किए जाएंगे।
रात 7:45 पर ज्यूरी से रामपुर की ओर निकले थे युवक
पुलिस की निकाली सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के अनुसार 9 सितंबर की रात 7:45 पर रविंद्र नेगी और प्रशांत नेगी मारुति कार में ज्यूरी से रामपुर की ओर निकले थी, लेकिन यहां से आगे झाकड़ी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कार क्रॉस होती नहीं पाई गई। इसके बाद युवकों के परिजनों ने ज्यूरी से झाकड़ी के बीच सड़क से नीचे मंगलाड और सतलुज नदी के आसपास ढूंढने के बाद कार को मंगलाड खड्ड में खोजा, जहां दोनों युवक क्षतिग्रस्त कार में मृत अवस्था में पाए गए।

एनएच पांच से गहरी खाई में गिरी कार। संवाद
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