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आत्महत्या को उकसाने में ससुर को पांच साल की कैद
Updated Thu, 19 Jul 2018 11:53 PM IST
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बांदा। दहेज के लिए बहू को प्रताड़ित कर आत्महत्या को मजबूर करने के मामले में अदालत ने ससुर को दोषी मानते हुए पांच साल का कठोर कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
भरतकूप थाना (चित्रकूट) क्षेत्र के दुगवां बरहाई गांव निवासी सतीश कुमार पुत्र शिवपूजन ने थाने में 17 जून 2009 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन संगीता की शादी 8 जुलाई 2003 को उदयपुर भुसासी (बदौसा) निवासी संतोष कुमार पांडेय के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद ससुर रामप्रपन्न पांडेय दहेज में मोटरसाइकिल की मांग करता रहा।
मांग पूरी न करने पर उसे प्रताड़ित करने लगा। मजबूर होकर बहन संगीता ने ससुराल में जहर खाकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार को द्वितीय अपर जिला सत्र न्यायाधीश रामकरन ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की सुनवाई करते हुए पत्रावली में मौजूद अभिलेखीय साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद ससुर रामप्रपन्न को दोष सिद्ध पाते हुए धारा 306 में पांच वर्ष का कठोर कारावास व तीन हजार रुपये जुर्माना, धारा 498 ए में दो वर्ष की सजा व एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 3/4 दहेज एक्ट में छह माह का कारावास व 500 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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भरतकूप थाना (चित्रकूट) क्षेत्र के दुगवां बरहाई गांव निवासी सतीश कुमार पुत्र शिवपूजन ने थाने में 17 जून 2009 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन संगीता की शादी 8 जुलाई 2003 को उदयपुर भुसासी (बदौसा) निवासी संतोष कुमार पांडेय के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद ससुर रामप्रपन्न पांडेय दहेज में मोटरसाइकिल की मांग करता रहा।
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मांग पूरी न करने पर उसे प्रताड़ित करने लगा। मजबूर होकर बहन संगीता ने ससुराल में जहर खाकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार को द्वितीय अपर जिला सत्र न्यायाधीश रामकरन ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की सुनवाई करते हुए पत्रावली में मौजूद अभिलेखीय साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद ससुर रामप्रपन्न को दोष सिद्ध पाते हुए धारा 306 में पांच वर्ष का कठोर कारावास व तीन हजार रुपये जुर्माना, धारा 498 ए में दो वर्ष की सजा व एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 3/4 दहेज एक्ट में छह माह का कारावास व 500 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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