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पत्नी की हत्या में पति को पांच साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Wed, 05 Dec 2018 11:33 PM IST
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बांदा। पांच साल पहले पत्नी की गला दबाकर हत्या के मामले में पति को अदालत ने 5 साल की कैद और 5000 रुपये जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर 5 माह की अतिरिक्त जेल होगी। पति को जेल भेज दिया गया।
कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम महोखर की ग्राम प्रधान के पति राजेंद्र सिंह पुत्र देवी दयाल ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जमनीपुरवा निवासी रफीक पुत्र शहाबुद्दीन और उसकी पत्नी से पहली जून 2013 को झगड़ा हुआ। पत्नी आसिमा ने खुद को हंसिया मारने की कोशिश की।
पति रफीक ने उसे पकड़ लिया और गला दाब दिया। दूसरी तरफ मृतका के पिता खलील अहमद ने इसे आत्महत्या बताते हुए ससुरालीजनों के विरुद्ध कोई कार्रवाई न करने की तहरीर दी।
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थाना पुलिस ने जांच के बाद पति रफीक के खिलाफ धारा 304 की रिपोर्ट दर्ज की और तफ्तीश के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
बुधवार को प्रथम त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पंचम ने पति रफीक को धारा 304 (2) में पांच साल की कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने 5 गवाह पेश किए।
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कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम महोखर की ग्राम प्रधान के पति राजेंद्र सिंह पुत्र देवी दयाल ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जमनीपुरवा निवासी रफीक पुत्र शहाबुद्दीन और उसकी पत्नी से पहली जून 2013 को झगड़ा हुआ। पत्नी आसिमा ने खुद को हंसिया मारने की कोशिश की।
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पति रफीक ने उसे पकड़ लिया और गला दाब दिया। दूसरी तरफ मृतका के पिता खलील अहमद ने इसे आत्महत्या बताते हुए ससुरालीजनों के विरुद्ध कोई कार्रवाई न करने की तहरीर दी।
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थाना पुलिस ने जांच के बाद पति रफीक के खिलाफ धारा 304 की रिपोर्ट दर्ज की और तफ्तीश के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
बुधवार को प्रथम त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पंचम ने पति रफीक को धारा 304 (2) में पांच साल की कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने 5 गवाह पेश किए।