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कैंसर से पीड़ित किसान ने लगाई फांसी
Updated Fri, 30 Nov 2018 11:28 PM IST
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बांदा। इलाज के लिए पूरी पांच बीघा जमीन गिरवी रख चुके कैंसर पीड़ित 42 वर्षीय किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों के मुताबिक मर्ज और कर्ज दोनों का ही तनाव था। राजस्व कर्मियों ने मृतक के घर जाकर जांच-पड़ताल की है। एसडीएम का कहना है कि किसान ने घरेलू कलह में फांसी लगाई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार विचार किया जाएगा।
घटना बबेरू तहसील अंतर्गत बिसंडा थाना क्षेत्र के लौली टीकामऊ गांव की है। शुक्रवार को सुबह इंद्रपाल यादव पुत्र गामा यादव ने घर में दीवारों पर रखे बांस में रस्सी बांधकर गले में फंदा कस लिया। उसकी वहीं मौत हो गई। परिजनों ने शव टंगा देख पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। पुत्र धीरज उर्फ पप्पू यादव ने बताया कि करीब छह माह से पेट में कैंसर की शिकायत थी। सूरत के वापी में आपरेशन भी कराया।
इलाज के लिए पूरी पांच बीघा जमीन करीब डेढ़ लाख रुपये में गिरवी रख दी, लेकिन कैंसर से निजात नहीं मिली और कर्ज भी चढ़ गया। पुत्र के मुताबिक मर्ज के अलावा कर्ज का भी तनाव था। मृतक की दो पुत्रियां हैं। इनमें एक लगभग 17 वर्ष की है। उसकी शादी की भी चिंता थी। दोनों पुत्र नाबालिग हैं।
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घटना की सूचना पर क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो ने मृतक के घर जाकर जांच-पड़ताल की। उधर, शुक्रवार को शाम बबेरू एसडीएम अरविंद कुमार तिवारी ने फोन पर बताया कि उन्हें घटना की जानकारी है। किसान ने घरेलू कलह से आत्महत्या की है।
एसडीएम का कहना था कि आत्महत्या करने वाले को प्रोत्साहन नहीं दिया जाता। फिलहाल उन्हें लेखपाल व कानूनगो की जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। इसके मिलने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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घटना बबेरू तहसील अंतर्गत बिसंडा थाना क्षेत्र के लौली टीकामऊ गांव की है। शुक्रवार को सुबह इंद्रपाल यादव पुत्र गामा यादव ने घर में दीवारों पर रखे बांस में रस्सी बांधकर गले में फंदा कस लिया। उसकी वहीं मौत हो गई। परिजनों ने शव टंगा देख पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। पुत्र धीरज उर्फ पप्पू यादव ने बताया कि करीब छह माह से पेट में कैंसर की शिकायत थी। सूरत के वापी में आपरेशन भी कराया।
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इलाज के लिए पूरी पांच बीघा जमीन करीब डेढ़ लाख रुपये में गिरवी रख दी, लेकिन कैंसर से निजात नहीं मिली और कर्ज भी चढ़ गया। पुत्र के मुताबिक मर्ज के अलावा कर्ज का भी तनाव था। मृतक की दो पुत्रियां हैं। इनमें एक लगभग 17 वर्ष की है। उसकी शादी की भी चिंता थी। दोनों पुत्र नाबालिग हैं।
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घटना की सूचना पर क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो ने मृतक के घर जाकर जांच-पड़ताल की। उधर, शुक्रवार को शाम बबेरू एसडीएम अरविंद कुमार तिवारी ने फोन पर बताया कि उन्हें घटना की जानकारी है। किसान ने घरेलू कलह से आत्महत्या की है।
एसडीएम का कहना था कि आत्महत्या करने वाले को प्रोत्साहन नहीं दिया जाता। फिलहाल उन्हें लेखपाल व कानूनगो की जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। इसके मिलने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।