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लेखपाल समेत छह लोग धोखाधड़ी में फंसे
Updated Wed, 24 Oct 2018 11:55 PM IST
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बांदा। अभिलेखों में हेराफेरी कर लाखों रुपये की भूमिधरी जमीन दूसरों के नाम चढ़ाने और बेच देने के मामले में लेखपाल समेत छह लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी और फर्जी अभिलेख तैयार करने की एफआईआर दर्ज की गई है। रिपोर्ट अदालत के आदेश पर दर्ज हुई।
शहर के ईदगाह रोड निवासी यूसुफ खां पुत्र मोहब्बत अली ने धारा 156 (3) के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को अर्जी दी थी। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली में दर्ज हुई रिपोर्ट में यूसुफ ने बताया कि लड़ाका पुरवा में उसकी भूमिधरी जमीन है। इस पर वह काबिज और दाखिल है। बताया कि 1993 में तत्कालीन लेखपाल ने राजस्व मानचित्र में उसकी जमीन के अभिलेख में संशोधन कर गाटा संख्या में तीन खातेदार अंकित कर दिए थे। शेष खातेदारों को एक से पांच बटे तक कब्जा दर्ज कर दिया था।
यह बंटवारा 2016 तक ठीकठाक दर्ज रहा। रिपोर्ट में कहा है कि इसके बाद श्याम कुमार जड़िया पुत्र राधेश्याम (फूटाकुआं), विजय कुमार गुप्ता, रामसेवक गुप्ता (कटरा, बांदा) और जगदीश अग्रवाल पुत्र मूलचंद्र अग्रवाल (पीली कोठी, बांदा) तथा नदीम खां व मुबीन खां पुत्रगण मुसब्बर अली (खाईंपार, बांदा) ने वर्ष 2017-18 में उसके (यूसुफ) के स्वामित्व वाली भूमि के आसपास वाली जमीनें खरीद लीं।
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लेखपाल संतोष कुमार यादव से सांठगांठ कर कूटरचित नक्शा दाखिल कर उसकी जमीन को खरीददारों के कब्जे में दिखा दी। पुराना राजस्व नक्शा सदर नजारत से गायब करा दिया गया। बताया कि धोखाधड़ी की शिकायत उसने कोतवाली में की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर शहर कोतवाली में लेखपाल सहित उक्त सभी छह लोगों के विरुद्ध धारा 419, 420, 465, 468, 471 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कोतवाली के उपनिरीक्षक अनिरुद्ध प्रताप सिंह को जांच सौंपी गई है।
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शहर के ईदगाह रोड निवासी यूसुफ खां पुत्र मोहब्बत अली ने धारा 156 (3) के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को अर्जी दी थी। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली में दर्ज हुई रिपोर्ट में यूसुफ ने बताया कि लड़ाका पुरवा में उसकी भूमिधरी जमीन है। इस पर वह काबिज और दाखिल है। बताया कि 1993 में तत्कालीन लेखपाल ने राजस्व मानचित्र में उसकी जमीन के अभिलेख में संशोधन कर गाटा संख्या में तीन खातेदार अंकित कर दिए थे। शेष खातेदारों को एक से पांच बटे तक कब्जा दर्ज कर दिया था।
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यह बंटवारा 2016 तक ठीकठाक दर्ज रहा। रिपोर्ट में कहा है कि इसके बाद श्याम कुमार जड़िया पुत्र राधेश्याम (फूटाकुआं), विजय कुमार गुप्ता, रामसेवक गुप्ता (कटरा, बांदा) और जगदीश अग्रवाल पुत्र मूलचंद्र अग्रवाल (पीली कोठी, बांदा) तथा नदीम खां व मुबीन खां पुत्रगण मुसब्बर अली (खाईंपार, बांदा) ने वर्ष 2017-18 में उसके (यूसुफ) के स्वामित्व वाली भूमि के आसपास वाली जमीनें खरीद लीं।
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लेखपाल संतोष कुमार यादव से सांठगांठ कर कूटरचित नक्शा दाखिल कर उसकी जमीन को खरीददारों के कब्जे में दिखा दी। पुराना राजस्व नक्शा सदर नजारत से गायब करा दिया गया। बताया कि धोखाधड़ी की शिकायत उसने कोतवाली में की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर शहर कोतवाली में लेखपाल सहित उक्त सभी छह लोगों के विरुद्ध धारा 419, 420, 465, 468, 471 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कोतवाली के उपनिरीक्षक अनिरुद्ध प्रताप सिंह को जांच सौंपी गई है।