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मिलावट में तीन व्यापारियों के खिलाफ अदालत में मुकदमा
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बांदा। बाजार में बिक रही मीठी सुपारी में हानिकारक तंबाकू, बिरयानी तथा नाश्ता सामग्री (कचरी) में मिलावट पाए जाने पर तीन व्यापारियों पर अपर जिला जज (प्रथम) की अदालत में मुकदमा दायर किया गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी नागेश कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष पैलानी के खप्टिहाकलां गांव में रामऔतार पुत्र पुन्ना के यहां से मीठी सुपारी का सैंपल लिया गया था। इसी तरह बदौसा के तुर्रा गांव में विनय कुमार की दुकान से कचरी (रंगीन खाद्य सामग्री) और बांदा शहर के अलीगंज में अनीस के ठेले से बिरयानी का सैंपल लेकर गोरखपुर लैब भेजा गया था। रिपोर्ट आने के बाद इन दुकानदारों पर मुकदमा दायर करने के लिए विभाग ने शासन से अनुमति मांगी थी।
कई माह बाद शासन से अनुमति मिलने पर अब खाद्य विभाग ने अदालत में तीनों व्यापारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
कहा है कि मीठी सुपारी में तंबाकू (निकोटिन), कचरी और बिरयानी में सिंथेटिक रंग पाया गया है। यह लीवर, गुर्दा आदि के लिए खतरनाक है। इसमें अदालत छह साल तक की सजा और पांच लाख तक का जुर्माना कर सकती है।
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खाद्य सुरक्षा अधिकारी नागेश कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष पैलानी के खप्टिहाकलां गांव में रामऔतार पुत्र पुन्ना के यहां से मीठी सुपारी का सैंपल लिया गया था। इसी तरह बदौसा के तुर्रा गांव में विनय कुमार की दुकान से कचरी (रंगीन खाद्य सामग्री) और बांदा शहर के अलीगंज में अनीस के ठेले से बिरयानी का सैंपल लेकर गोरखपुर लैब भेजा गया था। रिपोर्ट आने के बाद इन दुकानदारों पर मुकदमा दायर करने के लिए विभाग ने शासन से अनुमति मांगी थी।
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कई माह बाद शासन से अनुमति मिलने पर अब खाद्य विभाग ने अदालत में तीनों व्यापारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
कहा है कि मीठी सुपारी में तंबाकू (निकोटिन), कचरी और बिरयानी में सिंथेटिक रंग पाया गया है। यह लीवर, गुर्दा आदि के लिए खतरनाक है। इसमें अदालत छह साल तक की सजा और पांच लाख तक का जुर्माना कर सकती है।
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