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ढर्रे पर लौटने लगा मौसम, तेज पछुवा हवाओं से मंडल में गलन बरकरार रही
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 29 Jan 2015 11:53 PM IST
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डेढ़ माह से लगातार कोहरा, बदली और बारिश की मार झेल रहे बुंदेलखंड में मौसम ढर्रे पर आने लगा है। दिनचर्या फिर पटरी पर लौटने लगी है। मौसम से निराश शादी-ब्याह वाले घरों में भी उत्साह नजर आया। हालांकि तेज पछुवा हवाओं से मंडल में गलन बरकरार रही।
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बृहस्पतिवार को मंडल के चारों जनपदों में सुबह से निकली धूप ने मौसम को खुशगवार बना दिया। अधिकतम तापमान में भी दो से तीन डिग्री का और इजाफा हुआ। बांदा में अधिकतम तापमान में 2 डिग्री का इजाफा हुआ। यह 19.0 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि यहां न्यूनतम तापमान 3 डिग्री कम होकर 13 से 10 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। गलन बरकरार रही।
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चित्रकूट में दूसरे दिन भी अधिकतम तापमान 20 डिग्री पर डटा रहा। न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की कमी आई। महोबा में अधिकतम तापमान में 3 डिग्री का इजाफा हुआ। यहां अधिकतम 21.5 और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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हमीरपुर में भी अधिकतम तापमान में 3 डिग्री का इजाफा हुआ। यहां अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि तेज पछुवा हवाओं से मंडल में गलन बरकरार रही। शाम होते ही ठिठुरन बढ़ गई।
उधर, 15 जनवरी से शुरू हुई शादी-ब्याह की सहालग में बारिश ने अड़ंगा डाल दिया था लेकिन अब मौसम बदलने से शहनाई की गूंज वाले घरों में दोहरी खुशियां दिखाई दे रही हैं।
अरहर में उगड़ा रोग की बजी घंटी
बांदा। रिमझिम बारिश के बाद तेज हवा के झोंकों ने दलहनी फसलों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। बारिश से अरहर, मसूर व चने में फूल झड़ गए हैं। अब उगड़ा रोग लगने की संभावना बढ़ गई है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ.मुलायम सिंह परिहार का कहना है कि कोहरा, बदली व बूंदाबांदी से दलहनी व तिलहनी फसलों का करीब 40 फीसदी नुकसान हो चुका है। यदि इसी तरह धूप निकलती है तो फसलों की रंगत जल्द ही वापस लौट आएगी। गेहूं की फसल को इस बारिश ने संजीवनी दी है। इससे किसानों को लाखों रुपये सिंचाई में बच गया।