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जलवायु परिवर्तन से बुंदेलखंड की सेहत को खतरा
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बांदा। बुंदेलखंड में जलवायु परिवर्तन तेजी से हो रहा हैै। सरकार के सर्वे में प्रदेश में चिह्नित किए गए 27 जिलों में बुंदेलखंड के छह (22 फीसदी) जिले शामिल हैं। प्रदेश सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने इन जिलों के प्रशासन, वन और पंचायती राज विभागों को आगाह किया है। साथ ही जलवायु परिवर्तन रोकने के लिए चिह्नित जिलों की एक-एक ग्राम पंचायत को ‘जलवायु मित्र’ ग्राम पंचायत के रूप में चुनकर इन्हें क्लाइमेट स्मार्ट ग्राम पंचायत के तौर पर विकसित करने की योजना तैयार की है।
जलवायु में परिवर्तन से बुंदेलखंड भी अछूता नहीं है। इसका खुलासा प्रदेश सरकार के पर्यावरण एवं वन तथा जलवायु परिवर्तन विभाग के पत्र से हुआ है। विभाग के सचिव ने 21 मई को जारी पत्र में कहा कि जलवायु परिवर्तन की दृष्टि से संवेदनशीलता ज्ञात किए जाने के लिए एक अध्ययन किया गया है। इसमें 27 जिले अति संवेदनशील पाए गए हैं।
भविष्य में संवेदनशीलता और बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में कृषि, जल संसाधन, स्वास्थ्य, अपशिष्ट प्रबंधन, वैकल्पिक ऊर्जा, जलवायु आपदा प्रबंधन आदि क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन संबंधी कामों को और तेज करने की जरूरत है। इसके दुष्प्रभावों को कम करने में ग्राम पंचायतों की अग्रणी भूमिका होगी। डीएम अनुराग पटेल ने डीपीआरओ को पत्र जारी कर जिले की पांच ग्राम पंचायतों को जलवायु मित्र ग्राम पंचायत के रूप में चयनित करने के निर्देश दिए हैं।
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बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, ललितपुर और झांसी। इनके अलावा अन्य जनपदों में फर्रुखाबाद, उन्नाव, औरैया, हरदोई, कन्नौज, रोायबरेली, सिद्धार्थ नगर, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, संत रविदास नगर, सुल्तानपुर, संत कबीर नगर, अमेठी, चंदौली, मुरादाबाद आदि शामिल हैं।
जलवायु परिवर्तन रोकने संबंधी उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को चिह्नित करने के लिए प्रदेश सरकार ‘जलवायु मित्र ग्राम पंचायत प्रतियोगिता-2022’ आयोजित करेगी। सभी चिह्नित जनपदों से एक-एक ग्राम पंचायतों को चयनित किया जाएगा। इन ग्राम पंचायत को ‘क्लाइमेट स्मार्ट’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
राज्य स्तर पर यह ग्राम पंचायतें सम्मानित भी की जाएंगी। इस प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए ग्राम पंचायतों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इनकी आनलाइन संस्तुति प्रभागीय वनाधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से की जाएगी। इसकी लिंक पर समय सारिणी, शर्तें, नियम आदि दर्शाए गए हैं।
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जलवायु में परिवर्तन से बुंदेलखंड भी अछूता नहीं है। इसका खुलासा प्रदेश सरकार के पर्यावरण एवं वन तथा जलवायु परिवर्तन विभाग के पत्र से हुआ है। विभाग के सचिव ने 21 मई को जारी पत्र में कहा कि जलवायु परिवर्तन की दृष्टि से संवेदनशीलता ज्ञात किए जाने के लिए एक अध्ययन किया गया है। इसमें 27 जिले अति संवेदनशील पाए गए हैं।
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भविष्य में संवेदनशीलता और बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में कृषि, जल संसाधन, स्वास्थ्य, अपशिष्ट प्रबंधन, वैकल्पिक ऊर्जा, जलवायु आपदा प्रबंधन आदि क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन संबंधी कामों को और तेज करने की जरूरत है। इसके दुष्प्रभावों को कम करने में ग्राम पंचायतों की अग्रणी भूमिका होगी। डीएम अनुराग पटेल ने डीपीआरओ को पत्र जारी कर जिले की पांच ग्राम पंचायतों को जलवायु मित्र ग्राम पंचायत के रूप में चयनित करने के निर्देश दिए हैं।
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बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, ललितपुर और झांसी। इनके अलावा अन्य जनपदों में फर्रुखाबाद, उन्नाव, औरैया, हरदोई, कन्नौज, रोायबरेली, सिद्धार्थ नगर, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, संत रविदास नगर, सुल्तानपुर, संत कबीर नगर, अमेठी, चंदौली, मुरादाबाद आदि शामिल हैं।
जलवायु परिवर्तन रोकने संबंधी उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को चिह्नित करने के लिए प्रदेश सरकार ‘जलवायु मित्र ग्राम पंचायत प्रतियोगिता-2022’ आयोजित करेगी। सभी चिह्नित जनपदों से एक-एक ग्राम पंचायतों को चयनित किया जाएगा। इन ग्राम पंचायत को ‘क्लाइमेट स्मार्ट’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
राज्य स्तर पर यह ग्राम पंचायतें सम्मानित भी की जाएंगी। इस प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए ग्राम पंचायतों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इनकी आनलाइन संस्तुति प्रभागीय वनाधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से की जाएगी। इसकी लिंक पर समय सारिणी, शर्तें, नियम आदि दर्शाए गए हैं।