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कमिश्नर के गांव पहुंचे सीडीओ और बीडीओ
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Sat, 31 Mar 2018 10:42 PM IST
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हैंडपंप चलाकर पानी न निकलने की शिकायत करती बालिका।
- फोटो : अमर उजाला
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कमिश्नर के गोद लिए गांव नीबी में शनिवार को लंबे अरसे के बाद ग्रामीणों ने अफसरों के दीदार किए। जहां मामूली कर्मचारी भी जाने की जरूरत नहीं समझ रहे थे वहां अब विकास कार्यों के सबसे बड़े जिला स्तरीय अफसर मुख्य विकास अधिकारी भी पहुंच गए। उनके साथ खंड विकास अधिकारी भी थे। गांव के हैंडपंपों का खुद जायजा लिया। कहा कि चार हैंडपंप रिबोर होना है। शेष ठीक हैं। जरूरत पर टैंकर से पानी भेजा जाएगा।
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नरैनी तहसील के नीबी गांव को मंडलायुक्त ने गोद ले रखा है। यहां काफी दिनों से पानी का जबर्दस्त संकट है। खासकर गांव की दलित बस्ती में पानी के लाले हैं। मंडल के मुखिया तो दरकिनार ब्लाक स्तरीय अधिकारी भी यहां से बेखबर थे। पेयजल की किल्लत पर शनिवार को ‘अमर उजाला’ ने गड्ढों से पानी हासिल करने की फोटो सहित खबर प्रमुखता से छापी। मंडलायुक्त रामविशाल मिंश्रा ने संज्ञान लिया और अधिकारियों को तत्काल गांव जाने के निर्देश दिए।
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सीडीओ राम कुमार सिंह शनिवार को दोपहर बाद नीबी गांव पहुंचे। भ्रमण कर हैंडपंप देखे। उनके साथ नरैनी बीडीओ लालव्रत यादव भी थे। अधिकारियों ने गांव के कुएं भी देखे। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि खराब हैंडपंप दुरुस्त करने के लिए तमाम फरियादें अनसुनी कर दी जाती हैं। सीडीओ ने बताया कि गांव में एक तालाब भरने की व्यवस्था की जा रही है। जहां कहीं भी पानी की किल्लत हो रही है वहां टैंकरों से आपूर्ति की जाएगी।
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उन्होंने बीडीओ को निर्देश दिए कि सभी हैंडपंप दुरुस्त रखें और उनके नजदीक चरही या सोख्ता बनवाएं। बीडीओ ने बताया कि नीबी गांव में 45 हैंडपंप लगे हैं। एक हैंडपंप का रिबोर इसी माह कराया गया है। चार का रिबोर बाकी है। सीडीओ ने प्रदूषित पानी पीने की बात से इनकार किया।