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सीबीआई ने तीन घंटे खंगाला ट्रक हेल्पर का घर
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बांदा के पैलानी गांव में ट्रक हेल्पर मोहन श्रीवास के घर जांच-पड़ताल करती सीबीआई।
- फोटो : BANDA
बांदा/खप्टिहा कलां। लखनऊ से आई सीबीआई की टीम ने उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता की कार में टक्कर मारने वाले ट्रक के हेल्पर मोहन श्रीवास के पैतृक गांव पैलानी में रविवार को दस्तक दी। करीब सवा तीन घंटे तक घर की तलाशी और सामान खंगाला। हेल्पर के माता-पिता से सवाल-जवाब किए। जाने से पहले सीबीआई टीम दो पृष्ठ की लिखित जांच रिपोर्ट हेल्पर के पिता को सौंप गई। इसमें कहा गया है कि परिजन आगे भी जांच में सीबीआई का सहयोग करेंगे और बुलाए जाने पर लखनऊ आएंगे।
रायबरेली में उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता को टक्कर मारने वाले ट्रक का हेल्पर मोहन श्रीवास बांदा के पैलानी गांव का रहने वाला है। घटना के बाद ही वह पकड़ा जा चुका है। तीन दिन पूर्व सीबीआई ने उसे और चालक को रिमांड पर लिया था। पूछताछ चल रही है। रविवार को सुबह सवा 6 बजे सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम पैलानी थाने पहुंची। थाने के अभिलेखों में मोहन श्रीवास का आपराधिक इतिहास खंगाला, लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला।
थाने के नजदीक ही मोहन का मकान है। सीबीआई ने पैलानी थाने के इंस्पेक्टर दिनेश कुमार सिंह और फोर्स के साथ मोहन के मकान पर छापा मारा। मोहन के पिता सरमन और मां रामदुलारी से ढेरों सवाल किए। मोहन के कमरे में रखे बक्से की खोलकर तलाशी ली। इसमें भी कुछ आपत्तिजनक नहीं मिला। कमरे में रखीं दो डायरियां भी उलटी-पलटीं। माता-पिता ने टीम को बताया कि मोहन 27 जुलाई को यह कहकर गया था कि लामा गांव में डंप बालू ट्रक में भरकर जाना है। यह भी बताया कि उन्हें राजनीतिक दबाव में परेशान किया जा रहा है।
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तलाशी और पूछताछ के बाद सीबीआई टीम ने धारा 103/165 सीआरपीसी के तहत दो पृष्ठीय सर्च लिस्ट तैयार की। इसमें मोहन के पिता व मां के हस्ताक्षर/अंगूठा निशान लगवाए। इसी घर की सदस्य सुमन पत्नी राजेंद्र, सरवन आदि से भी हस्ताक्षर करवाएं। उनसे लिखित तौर पर लिया कि भविष्य में भी जांच में सहयोग करेंगे। सीबीआई टीम में इंस्पेक्टर संतोष कुमारी तिवारी, हिमांशु तिवारी, अनूप तिवारी, डीके पांडेय, यज्ञनाथ सोनकर व पहलवान सिंह शामिल थे।
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रायबरेली में उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता को टक्कर मारने वाले ट्रक का हेल्पर मोहन श्रीवास बांदा के पैलानी गांव का रहने वाला है। घटना के बाद ही वह पकड़ा जा चुका है। तीन दिन पूर्व सीबीआई ने उसे और चालक को रिमांड पर लिया था। पूछताछ चल रही है। रविवार को सुबह सवा 6 बजे सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम पैलानी थाने पहुंची। थाने के अभिलेखों में मोहन श्रीवास का आपराधिक इतिहास खंगाला, लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला।
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थाने के नजदीक ही मोहन का मकान है। सीबीआई ने पैलानी थाने के इंस्पेक्टर दिनेश कुमार सिंह और फोर्स के साथ मोहन के मकान पर छापा मारा। मोहन के पिता सरमन और मां रामदुलारी से ढेरों सवाल किए। मोहन के कमरे में रखे बक्से की खोलकर तलाशी ली। इसमें भी कुछ आपत्तिजनक नहीं मिला। कमरे में रखीं दो डायरियां भी उलटी-पलटीं। माता-पिता ने टीम को बताया कि मोहन 27 जुलाई को यह कहकर गया था कि लामा गांव में डंप बालू ट्रक में भरकर जाना है। यह भी बताया कि उन्हें राजनीतिक दबाव में परेशान किया जा रहा है।
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तलाशी और पूछताछ के बाद सीबीआई टीम ने धारा 103/165 सीआरपीसी के तहत दो पृष्ठीय सर्च लिस्ट तैयार की। इसमें मोहन के पिता व मां के हस्ताक्षर/अंगूठा निशान लगवाए। इसी घर की सदस्य सुमन पत्नी राजेंद्र, सरवन आदि से भी हस्ताक्षर करवाएं। उनसे लिखित तौर पर लिया कि भविष्य में भी जांच में सहयोग करेंगे। सीबीआई टीम में इंस्पेक्टर संतोष कुमारी तिवारी, हिमांशु तिवारी, अनूप तिवारी, डीके पांडेय, यज्ञनाथ सोनकर व पहलवान सिंह शामिल थे।