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बांदाः एमपी की घाटियों में बारिश थमने से घट रहा केन का जलस्तर
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बांदा। मध्य प्रदेश की घाटियों में बारिश थमने और हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से डिस्चार्ज कम होने पर नदियों का उफान कम होने लगा है। यमुना नदी खतरे के निशान से महज तीन सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। केन नदी चेतावनी बिंदु से तीन मीटर नीचे है। केंद्रीय जल आयोग ने दोनों नदियों का जलस्तर घटने की संभावना जताई है।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, मंगलवार को यमुना नदी का जलस्तर 100.03 मीटर रहा। यहां खतरे का निशान 100 मीटर पर है। 10 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी घट रहा है। इसी तरह एमपी में बांध क्षेत्रों में बारिश न होने से केन नदी का जलस्तर भी 100.72 मीटर हो गया है। यहां खतरे का निशान 104 मीटर है। यहां पर छह सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी घट रहा है।
एसडीआरएफ ने डाला डेरा
बाढ़ प्रभावित पैलानी में लोगों की सहायता के लिए एसडीआरएफ टीम ने डेरा डाल दिया है। 20 सदस्यीय टीम के प्रभारी सुरेश राजभर बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री के साथ-साथ आने जाने में लोगों की मदद कर रहे हैं। टीम के सदस्य अलग-अलग जगहों पर जाकर उन्हें राशन से लेकर अन्य सामग्री मुहैया करा रहे हैं। इन इलाकों में जब तक बाढ़ का पानी कम नहीं होगा, तब तक टीम उनकी मदद में लगी रहेगी।
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केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, मंगलवार को यमुना नदी का जलस्तर 100.03 मीटर रहा। यहां खतरे का निशान 100 मीटर पर है। 10 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी घट रहा है। इसी तरह एमपी में बांध क्षेत्रों में बारिश न होने से केन नदी का जलस्तर भी 100.72 मीटर हो गया है। यहां खतरे का निशान 104 मीटर है। यहां पर छह सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी घट रहा है।
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एसडीआरएफ ने डाला डेरा
बाढ़ प्रभावित पैलानी में लोगों की सहायता के लिए एसडीआरएफ टीम ने डेरा डाल दिया है। 20 सदस्यीय टीम के प्रभारी सुरेश राजभर बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री के साथ-साथ आने जाने में लोगों की मदद कर रहे हैं। टीम के सदस्य अलग-अलग जगहों पर जाकर उन्हें राशन से लेकर अन्य सामग्री मुहैया करा रहे हैं। इन इलाकों में जब तक बाढ़ का पानी कम नहीं होगा, तब तक टीम उनकी मदद में लगी रहेगी।
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