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मंडल में पहली बार ई-पॉस मशीन से खरीद
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बांदा। सरकारी खरीद केंद्रों में अबकी चित्रकूटधाम मंडल में गेहूं की खरीद ई-पॉस मशीन से की जाएगी। साथ ही सरकार ने खरीद की दर में 40 रुपये की वृद्धि भी की है। किसानों को बढ़ी दर में 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। एक अप्रैल से शुरू हो रही खरीद के लिए संबंधित एजेंसियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
क्रय केंद्रों में बिचौलियों और व्यापारियों के गेहूं की खरीद पर रोक के लिए ई-पॉस मशीन (प्वाइंट ऑफ परचेज) इस वर्ष से अनिवार्य कर दी गई है, ताकि असली किसान ही गेहूं बेच सके। पॉस मशीन की व्यवस्था स्वयं एजेंसी अथवा क्रय केंद्र प्रभारी करेंगे। संभागीय खाद्य विपणन नियंत्रक चित्रकूटधाम मंडल संजीत कुमार ने बताया कि गेहूं की खरीद पहली अप्रैल से शुरू हो जाएगी। समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद होगी। पिछले वर्ष 1935 रुपये दर पर खरीद हुई थी। इस वर्ष सरकार ने समर्थन मूल्य पर 40 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है।
बोरो की खरीद व क्रय केंद्रों का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। चित्रकूटधाम मंडल में कई एजेंसियों के करीब 90 क्रय केंद्र खोले जाएंगे। बांदा में खाद्य विभाग के नौ, भारतीय खाद्य निगम के एक, पीसीएफ के 20 यानि 30 क्रय केंद्रों का अनुमोदन किया गया है। अन्य जिलों में अनुमोदन का काम किया जा रहा है। हालांकि, अभी सरकार ने गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है, लेकिन मंडल में एक लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने की तैयारी है। पिछले वर्ष मंडल में 80,650 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, जिसमें सर्वाधिक बांदा जनपद में 67 हजार एमटी गेहूं खरीदा गया।
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इंसेट---
ओटीपी आधारित होगा पंजीयन
जिला विपणन अधिकारी गोविंद उपाध्याय ने बताया कि किसान गेहूं की बिक्री के लिए किसी भी लोकवाणी केंद्र और जन सुविधा केंद्र पर जाकर पंजीयन करा लें। पंजीयन ओटीपी आधारित होगा। पंजीयन के पूर्व बिक्री का रजिस्ट्रेशन होगा। ओटीपी नंबर आने पर उसे आवेदन पर दर्ज करना होगा। इसके बाद पंजीयन प्रक्रिया पूरी होगी। पंजीयन के लिए किसान को खतौनी, खसरा, पहचान के लिए आधार कार्ड, बैंक की पासबुक व मोबाइल आवश्यक है। एसएमएस के माध्यम से किसान को बिक्री की तिथि और केंद्र का नाम बताया जाएगा।
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20 मार्च तक लक्ष्य आने की उम्मीद
गेहूं की खरीद की तैयारियां तो हो गई हैं, लेकिन लक्ष्य का निर्धारण नहीं हुआ है। संभागीय खाद्य विपणन नियंत्रक चित्रकूटधाम मंडल संजीत कुमार ने बताया कि शासन स्तर पर गेहूं के उत्पादन का आकलन कराया जा रहा है। शासन की बैठक में पूर्व वर्ष के लक्ष्य में 10 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ खरीद की तैयारियों के निर्देश दिए गए हैं। उम्मीद जताई कि 20 मार्च तक खरीद का लक्ष्य आ जाएगा।
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फोटो परिचय-6-2020 को जैतपुर में बने खरीद केंद्र में रखा किसानों का गेहूं। फाइल फोटो
महोबा में 42 केंद्रों पर होगी गेहूं की खरीद
महोबा। जिले में एक अप्रैल से गेहूं खरीद का काम शुरू होगा। गेहूं खरीद के लिए 42 केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों में किसानों के लिए छाया व पानी का इंतजाम किया जा रहा है। इस बार ई-पॉस मशीनों से किसानों के गेहूं की खरीद होगी। इसको लेकर तैयारियां की जा रही है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी रामकृष्ण पांडेय ने बताया कि अभी तक गेहूं खरीद के लिए 42 केंद्र बनाए गए हैं। दो केंद्र बढ़ाने के लिए अनुमोदन भेजा गया है। पिछले वर्ष जिले को 30 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन इस बार अभी लक्ष्य तय नहीं हुआ है। दो दिन पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ई-पॉस मशीनों से गेहूं खरीद करने के निर्देश दिए गए हैं। इसको लेकर तैयारियां की जा रही हैं। किसानों को गेहूं बेचने के लिए खाद्य विभाग के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। (संवाद)
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चित्रकूट में 37 केंद्रों पर होगी गेहूं खरीद
चित्रकूट। जिले में भी गेहूं की एक अप्रैल से खरीद शुरू होने के पहले ही जिला प्रशासन पूरी तैयारी कर रहा है। फिलहाल शासन से कोई आदेश न आने के चलते लक्ष्य तय नहीं हो सका, लेकिन तीन खरीद केंद्र कम जरूर हो गए हैं। जिला विपणन अधिकारी संजय श्रीवास्तव ने बताया कि गेहूं खरीद की तैयारी शुरू हो गई है। बताया कि हाल ही में धान खरीद पूरी हुई है, जिसमें अधिकतर किसानों का ई-भुगतान कर दिया गया है। अबकी गेहूं खरीद के लिए 37 खरीद केंद्र बनाए जाएंगे। जिसमें एक विपणन शाखा का नया खरीद केंद्र भी शामिल है। जिले में सन् 2020 में गेहूूं खरीद का लक्ष्य 24 हजार टन था और 41 खरीद केंद्र बनाए गए थे। बताया कि यूपीएसएफ के चार खरीद केंद्र इस बार नहीं खुलेंगे। ऐसे में बचे 36 केंद्र हैं, लेकिन विपणन शाखा का एक केंद्र बढ़ने से संख्या 37 हो गई है। (संवाद)
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हमीरपुर में खोले जाएंगे 46 क्रय केंद्र
हमीरपुर। समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत जिले में गेहूं खरीद की तैयारी पूरी कर ली गई हैं। एक अप्रैल से जिले के कई स्थानों पर 46 क्रय केंद्रों के जरिए खरीद की जाएगी। जिला विपणन अधिकारी बृजेश कुमार ने बताया कि किसान पंजीयन किसी भी जन सुविधा केंद्र, साइबर कैफे व खाद्य विभाग के पोर्टल पर करा सकता है। पंजीकरण में कंप्यूटराइज्ड खतौनी, फोटोयुक्त पहचान पत्र, बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छाया प्रति व आधार कार्ड लाएं। कहा कि किसान कंप्यूटराइज्ड खतौनी का खाता संख्या किसान पंजीकरण में दर्ज कर अपने कुल रकबे को व बोए गए गेहूं के रकबे को अंकित करें। उन्होंने बताया कि गेहूं खरीद का अभी लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। कहा कि गेहूं बेचने वाले किसान को केंद्र में आना होगा और उसका ई-पॉस मशीन में अंगूठा लगेगा।
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35 से ज्यादा केंद्रों पर होगी गेहूं की खरीद
उरई (जालौन)। शासन के निर्देशानुसार इस बार भी गेहूं खरीद केंद्रों की तैयारी तेज कर दी गई है। अभी तक 35 खरीद केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन केंद्रों में और भी बढ़ोतरी की संभावना है। यहां लगभग एक लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जाएगी। मौसम अनुकूल होने के कारण पैदावार भी ठीक हुई है। जिला विपणन अधिकारी विकास तिवारी ने बताया कि अबकी ई-पॉस मशीनों से गेहूं की खरीद की जाएगी, जिससे किसानों को काफी सहूलियत भी होगी। तैयारी शुरू हो गई है, बारदाना मंगाया जा रहा है। जल्द ही केंद्र प्रभारी भी नियुक्त किए जाएंगे। (संवाद)
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क्रय केंद्रों में बिचौलियों और व्यापारियों के गेहूं की खरीद पर रोक के लिए ई-पॉस मशीन (प्वाइंट ऑफ परचेज) इस वर्ष से अनिवार्य कर दी गई है, ताकि असली किसान ही गेहूं बेच सके। पॉस मशीन की व्यवस्था स्वयं एजेंसी अथवा क्रय केंद्र प्रभारी करेंगे। संभागीय खाद्य विपणन नियंत्रक चित्रकूटधाम मंडल संजीत कुमार ने बताया कि गेहूं की खरीद पहली अप्रैल से शुरू हो जाएगी। समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद होगी। पिछले वर्ष 1935 रुपये दर पर खरीद हुई थी। इस वर्ष सरकार ने समर्थन मूल्य पर 40 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है।
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बोरो की खरीद व क्रय केंद्रों का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। चित्रकूटधाम मंडल में कई एजेंसियों के करीब 90 क्रय केंद्र खोले जाएंगे। बांदा में खाद्य विभाग के नौ, भारतीय खाद्य निगम के एक, पीसीएफ के 20 यानि 30 क्रय केंद्रों का अनुमोदन किया गया है। अन्य जिलों में अनुमोदन का काम किया जा रहा है। हालांकि, अभी सरकार ने गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है, लेकिन मंडल में एक लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने की तैयारी है। पिछले वर्ष मंडल में 80,650 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, जिसमें सर्वाधिक बांदा जनपद में 67 हजार एमटी गेहूं खरीदा गया।
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ओटीपी आधारित होगा पंजीयन
जिला विपणन अधिकारी गोविंद उपाध्याय ने बताया कि किसान गेहूं की बिक्री के लिए किसी भी लोकवाणी केंद्र और जन सुविधा केंद्र पर जाकर पंजीयन करा लें। पंजीयन ओटीपी आधारित होगा। पंजीयन के पूर्व बिक्री का रजिस्ट्रेशन होगा। ओटीपी नंबर आने पर उसे आवेदन पर दर्ज करना होगा। इसके बाद पंजीयन प्रक्रिया पूरी होगी। पंजीयन के लिए किसान को खतौनी, खसरा, पहचान के लिए आधार कार्ड, बैंक की पासबुक व मोबाइल आवश्यक है। एसएमएस के माध्यम से किसान को बिक्री की तिथि और केंद्र का नाम बताया जाएगा।
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20 मार्च तक लक्ष्य आने की उम्मीद
गेहूं की खरीद की तैयारियां तो हो गई हैं, लेकिन लक्ष्य का निर्धारण नहीं हुआ है। संभागीय खाद्य विपणन नियंत्रक चित्रकूटधाम मंडल संजीत कुमार ने बताया कि शासन स्तर पर गेहूं के उत्पादन का आकलन कराया जा रहा है। शासन की बैठक में पूर्व वर्ष के लक्ष्य में 10 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ खरीद की तैयारियों के निर्देश दिए गए हैं। उम्मीद जताई कि 20 मार्च तक खरीद का लक्ष्य आ जाएगा।
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फोटो परिचय-6-2020 को जैतपुर में बने खरीद केंद्र में रखा किसानों का गेहूं। फाइल फोटो
महोबा में 42 केंद्रों पर होगी गेहूं की खरीद
महोबा। जिले में एक अप्रैल से गेहूं खरीद का काम शुरू होगा। गेहूं खरीद के लिए 42 केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों में किसानों के लिए छाया व पानी का इंतजाम किया जा रहा है। इस बार ई-पॉस मशीनों से किसानों के गेहूं की खरीद होगी। इसको लेकर तैयारियां की जा रही है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी रामकृष्ण पांडेय ने बताया कि अभी तक गेहूं खरीद के लिए 42 केंद्र बनाए गए हैं। दो केंद्र बढ़ाने के लिए अनुमोदन भेजा गया है। पिछले वर्ष जिले को 30 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन इस बार अभी लक्ष्य तय नहीं हुआ है। दो दिन पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ई-पॉस मशीनों से गेहूं खरीद करने के निर्देश दिए गए हैं। इसको लेकर तैयारियां की जा रही हैं। किसानों को गेहूं बेचने के लिए खाद्य विभाग के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। (संवाद)
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चित्रकूट में 37 केंद्रों पर होगी गेहूं खरीद
चित्रकूट। जिले में भी गेहूं की एक अप्रैल से खरीद शुरू होने के पहले ही जिला प्रशासन पूरी तैयारी कर रहा है। फिलहाल शासन से कोई आदेश न आने के चलते लक्ष्य तय नहीं हो सका, लेकिन तीन खरीद केंद्र कम जरूर हो गए हैं। जिला विपणन अधिकारी संजय श्रीवास्तव ने बताया कि गेहूं खरीद की तैयारी शुरू हो गई है। बताया कि हाल ही में धान खरीद पूरी हुई है, जिसमें अधिकतर किसानों का ई-भुगतान कर दिया गया है। अबकी गेहूं खरीद के लिए 37 खरीद केंद्र बनाए जाएंगे। जिसमें एक विपणन शाखा का नया खरीद केंद्र भी शामिल है। जिले में सन् 2020 में गेहूूं खरीद का लक्ष्य 24 हजार टन था और 41 खरीद केंद्र बनाए गए थे। बताया कि यूपीएसएफ के चार खरीद केंद्र इस बार नहीं खुलेंगे। ऐसे में बचे 36 केंद्र हैं, लेकिन विपणन शाखा का एक केंद्र बढ़ने से संख्या 37 हो गई है। (संवाद)
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हमीरपुर में खोले जाएंगे 46 क्रय केंद्र
हमीरपुर। समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत जिले में गेहूं खरीद की तैयारी पूरी कर ली गई हैं। एक अप्रैल से जिले के कई स्थानों पर 46 क्रय केंद्रों के जरिए खरीद की जाएगी। जिला विपणन अधिकारी बृजेश कुमार ने बताया कि किसान पंजीयन किसी भी जन सुविधा केंद्र, साइबर कैफे व खाद्य विभाग के पोर्टल पर करा सकता है। पंजीकरण में कंप्यूटराइज्ड खतौनी, फोटोयुक्त पहचान पत्र, बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छाया प्रति व आधार कार्ड लाएं। कहा कि किसान कंप्यूटराइज्ड खतौनी का खाता संख्या किसान पंजीकरण में दर्ज कर अपने कुल रकबे को व बोए गए गेहूं के रकबे को अंकित करें। उन्होंने बताया कि गेहूं खरीद का अभी लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। कहा कि गेहूं बेचने वाले किसान को केंद्र में आना होगा और उसका ई-पॉस मशीन में अंगूठा लगेगा।
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35 से ज्यादा केंद्रों पर होगी गेहूं की खरीद
उरई (जालौन)। शासन के निर्देशानुसार इस बार भी गेहूं खरीद केंद्रों की तैयारी तेज कर दी गई है। अभी तक 35 खरीद केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन केंद्रों में और भी बढ़ोतरी की संभावना है। यहां लगभग एक लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जाएगी। मौसम अनुकूल होने के कारण पैदावार भी ठीक हुई है। जिला विपणन अधिकारी विकास तिवारी ने बताया कि अबकी ई-पॉस मशीनों से गेहूं की खरीद की जाएगी, जिससे किसानों को काफी सहूलियत भी होगी। तैयारी शुरू हो गई है, बारदाना मंगाया जा रहा है। जल्द ही केंद्र प्रभारी भी नियुक्त किए जाएंगे। (संवाद)