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बजट में बुंदेलखंड को नहीं मिली खास तवज्जो
अमर उजाला ब्यूरो , बांदा
Updated Fri, 16 Feb 2018 11:50 PM IST
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बजट का सीधा प्रसारण देखते व्यापारी।
- फोटो : अमर उजाला
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47 लाख की आबादी वाले प्रदेश के सबसे पिछड़े बुंदेलखंड को योगी सरकार के दूसरे बजट में कुछ खास तोहफा और तवज्जो नहीं मिली। 4 लाख 28 हजार 384 करोड़ 52 लाख रुपये के भारी-भरकम बजट में बुंदेलखंड के हिस्से में मात्र 981 करोड़ रुपये आए हैं, जो कुल बजट का आधा फीसदी भी नहीं है। बजट में बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे और अन्य सड़कों के लिए क्रमश: 650 व 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सोलर फोटो वोल्टाइक इरिगेशन पंपों के लिए 131 करोड़ दिए गए हैं।
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केंद्र सरकार के आम बजट के बाद राज्य सरकार के बजट में भी बुंदेलखंड के ‘अच्छे दिन’ आने की उम्मीदें क्षीण हो गईं। सातों जिलों में लोकसभा और विधानसभा की सभी सीटें भाजपा की झोली में डालने वाले बुंदेलियों को भरोसा था कि अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर केंद्र और राज्य सरकारों के बजट में बुंदेलखंड को भरपूर नोट मिलेंगे, पर ऐसा हुआ नहीं। शुक्रवार को विधानसभा में पेश किए गए वर्ष 2018-19 के बजट में बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के लिए 650 करोड़ और सड़कों के लिए सिर्फ 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
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इसके अलावा सोलर फोटो वोल्टाइक इरिगेशन पंपों के लिए 131 करोड़ रुपये दिए गए हैं। तीनों योजनाओं में 981 करोड़ मिले हैं। पिछली सपा सरकार में शुरू हुई खेत तालाब योजना बुंदेलखंड के किसानों के लिए खास मुफीद साबित नहीं हुई। खोदे गए तालाबों में पानी भरना दूभर है। फिर भी प्रदेश सरकार ने बजट में खेत तालाब योजना के तहत पांच हजार तालाब खोदने का लक्ष्य रखा है। बुंदेलखंड के किसानों की आम राय है कि राज्य सरकार का बजट बुंदेलखंड के किसानों, नौजवानों और मजदूरों आदि की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।
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दैवी आपदाओं के घावों पर बजट नहीं बना मरहम
बांदा। बुंदेलखंड में सूखे के दर्द से कराह रहे किसानों पर चार दिन पूर्व ओलावृष्टि से मिले घावों में बजट कोई मरहम नहीं दे सका। दैवी आपदाओं से टूट गए किसानों के लिए प्रदेश सरकार के बजट में अलग से कुछ खास नहीं दिया गया। बुंदेलखंड में गंभीर रूप ले चुकी अन्ना प्रथा, गोशाला, केन-बेतवा गठजोड़ आदि भी बजट से नदारद रहे।
सूखे से बुंदेलखंड की 60 से 70 फीसदी फसल नहीं हो पाई। शेष 30 से 40 फीसदी फसल को चार दिन पूर्व ओला और बेमौसम की बारिश ने मटियामेट कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने ओला पीड़ितों के लिए मात्र 50 करोड़ की स्वीकृृति दी, लेकिन आम बजट में कोई मदद की बात शामिल नहीं की। खेती के दुश्मन बने अन्ना पशुओं के लिए बुंदेलखंड में कोई अलग से बजट निर्धारित नहीं किया गया। केन-बेतवा नदियों के गठजोड़ की भी बजट में चर्चा नजर नहीं आई। कान्हा गोशाला/पशु आश्रय योजना के लिए बजट में पूरे प्रदेश को मात्र 98.50 करोड़ दिए गए हैं, लेकिन बुंदेलखंड के लिए अलग से कोई राशि घोषित नहीं की गई।