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बहन को बचाने में गई भाई की जान
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बांदा। अपनी जान गंवाकर भाई ने छोटी बहन की करंट से जान बचा ली। दूसरी घटना में बिजली का खंभा टूट जाने से लाइन की चपेट में आ गए प्रवासी किशोर की ननिहाल में करंट से मौत हो गई।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के हरदौली गांव के गिरधारी पुरवा निवासी उमेश (18) पुत्र राजकुमार की इकलौती बहन कमलेश कुमारी (11) बुधवार को सुबह दरवाजे पर खेल रही थी। इसी दौरान वह लोहे के एंगल में उतरे करंट की चपेट में आ गई। भाई उमेश ने उसे करंट से बचा लिया, लेकिन खुद चपेट में आ गया।
परिजनों और ग्रामीणों ने उसे अलग किया और सीएचसी ले गए। यहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। भाई अरविंद ने बताया कि उमेश दो भाइयों में बड़ा था। पिता के साथ खेतीबाड़ी में हाथ बंटाता था। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जयश्याम शुक्ला ने बताया दरवाजे पर लगे एंगल के नजदीक बिजली मीटर लगा था। इसी वजह से उसमें करंट उतर आया।
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उधर, चित्रकूट जिले के शिवरामपुर थानांतर्गत पहरा तरांव गांव निवासी अनिल कुमार (17) पुत्री बबली लगभग 15 साल से यहां हस्तम (बिसंडा, बांदा) गांव में अपने ननिहाल में रहता था। लॉकडाउन होने पर एक माह पूर्व गुजरात से हस्तम घर लौट आया था। मंगलवार को दोपहर लाइट बिगड़ जाने पर वह लकड़ी के खंभे में चढ़कर लाइन दुरुस्त कर रहा था।
इसी दौरान खंभा टूट गया और खंभा समेत नीचे आ गिरा। केबिल ऊपर आ गिरने से करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। मामा जगप्रसाद ने बताया कि अनिल घर की इकलौती संतान था।
वापी (गुजरात) में साड़ी फैक्टरी में काम करता था। मां राजाबाई और पिता गांव में रहते हैं। एक अन्य घटना में कनवारा गांव में रामसखी (45) पत्नी जयराम को मंगलवार की शाम घर में करंट लग गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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बबेरू कोतवाली क्षेत्र के हरदौली गांव के गिरधारी पुरवा निवासी उमेश (18) पुत्र राजकुमार की इकलौती बहन कमलेश कुमारी (11) बुधवार को सुबह दरवाजे पर खेल रही थी। इसी दौरान वह लोहे के एंगल में उतरे करंट की चपेट में आ गई। भाई उमेश ने उसे करंट से बचा लिया, लेकिन खुद चपेट में आ गया।
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परिजनों और ग्रामीणों ने उसे अलग किया और सीएचसी ले गए। यहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। भाई अरविंद ने बताया कि उमेश दो भाइयों में बड़ा था। पिता के साथ खेतीबाड़ी में हाथ बंटाता था। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जयश्याम शुक्ला ने बताया दरवाजे पर लगे एंगल के नजदीक बिजली मीटर लगा था। इसी वजह से उसमें करंट उतर आया।
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उधर, चित्रकूट जिले के शिवरामपुर थानांतर्गत पहरा तरांव गांव निवासी अनिल कुमार (17) पुत्री बबली लगभग 15 साल से यहां हस्तम (बिसंडा, बांदा) गांव में अपने ननिहाल में रहता था। लॉकडाउन होने पर एक माह पूर्व गुजरात से हस्तम घर लौट आया था। मंगलवार को दोपहर लाइट बिगड़ जाने पर वह लकड़ी के खंभे में चढ़कर लाइन दुरुस्त कर रहा था।
इसी दौरान खंभा टूट गया और खंभा समेत नीचे आ गिरा। केबिल ऊपर आ गिरने से करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। मामा जगप्रसाद ने बताया कि अनिल घर की इकलौती संतान था।
वापी (गुजरात) में साड़ी फैक्टरी में काम करता था। मां राजाबाई और पिता गांव में रहते हैं। एक अन्य घटना में कनवारा गांव में रामसखी (45) पत्नी जयराम को मंगलवार की शाम घर में करंट लग गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।