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केन में डूबे युवक का शव मिला
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा
Updated Fri, 21 Aug 2015 11:55 PM IST
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मूर्ति विसर्जन के दौरान केन में डूबे युवक का शव शुक्रवार को बरामद कर लिया गया है। इससे पूर्व प्रशासन की बेरुखी से नाराज परिवारीजनों व पड़ोसियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर जमकर हंगामा किया। पब्लिक का गुस्सा भड़कते देख मौके पर पहुंचे अफसरों ने आनन-फानन मल्लाहों को बुलाकर शव की तलाश शुरू कराई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद युवक का शव गोताखोरों ने ढूंढ निकाला।
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शहर के ठठराही (छोटी बाजार) मोहल्ला निवासी लोकेश सोनी (22) पुत्र जगदेव प्रसाद गुरुवार की शाम रुद्राभिषेक के बाद शिव-पार्वती की प्रतिमा विसर्जन यात्रा के साथ केन नदी पहुंचा था। विसर्जन के दौरान नाव के डगमगाने से वह नदी में समा गया।
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रात 9 बजे तक तलाश के बाद प्रशासन ने अंधेरा बताकर हाथ खड़े कर लिए और परिजनों को सुबह 6 बजे से फिर तलाश शुरू कराने का भरोसा दिया। परिवार के लोग व ग्रामीण शुक्रवार को सुबह 5 बजे ही केन नदी घाट पहुंच गए। 8 बजे तक पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के न पहुंचने पर उनका पारा चढ़ गया।
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सभी बांदा-महोबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आकर बैठ गए। थोड़ी ही देर में सड़क पर जाम लग गया। सूचना पर सीओ सिटी विनोद सिंह, कोतवाली प्रभारी आनंद सिंह व एसडीएम विनय पाठक मौके पर पहुंचे। उत्तेजित लोगों को समझाकर शांत किया।
लगभग 9 बजे मल्लाहों ने नदी में तलाश शुरू की। एक घंटे बाद घटनास्थल से थोड़ी दूरी पर नदी किनारे लोकेश का शव मिल गया। मृतक के भाई अशोक व संदीप ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि रात 9 बजे तक स्टीमर लेकर नदी की धारा में शव तलाशते रहे।
मल्लाहों ने उनकी मदद नहीं की। लोकेश चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। वह सर्राफा दुकान में जेवर बनाने का काम करता था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
तो जाल में फंस कर गई जान
नदी किनारे बसे भूरागढ़ गांव में 90 फीसदी आबादी निषाद बिरादरी की है। अधिकांश लोग नाव लेकर मछली के शिकार और बाढ़ में लकड़ी आदि पकड़ने के लिए घूमते रहते हैं। गुरुवार को शाम नदी में डूबे लोकेश के परिजन मुंहमांगी रकम देने की बात कहते रहे लेकिन किसी भी मल्लाह ने उनकी मदद नहीं की।
बताया जाता है कि जिस जगह घटना हुई वहां पानी की गहराई पर मल्लाहों ने मछली पकड़ने का जाल लगा रखा था। माना जा रहा है कि डूबने पर युवक इसी जाल में फंस गया। भाई संदीप ने बताया कि लोकेश अच्छा तैराक होने के बावजूद जाल में फंसने से निकल नहीं सका। उधर, मल्लाहों को जाल की जानकारी होने से किसी ने नदी में कूदने की हिम्मत नहीं जुटाई।
नाले में डूबकर बालक की मौत
नाले में डूबकर बालक की मौत हो गई। दूसरे दिन उसका शव बरामद हुआ। मरका थाना क्षेत्र के मुड़वारा गांव निवासी अरुण कुमार (10) पुत्र चुनकाई निषाद गुरुवार को दोपहर अपनी मां के साथ बकरी चराने गया था। पैर फिसल जाने से खेत के पास बरार नाले में डूब गया।
मां ने गांव वालों को घटना की जानकारी दी। शाम तक मल्लाह उसकी तलाश नहीं कर पाए। शुक्रवार को सुबह घटनास्थल से कुछ दूर रयान नदी के मुहाने पर बालक का शव उतराता मिला। ग्राम प्रधान सत्येंद्र सिंह ने बताया कि सभी की सहमति से बिना पोस्टमार्टम के उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।