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बिना पट्टा खनन को पूज ली भूमि

Sat, 18 Sep 2021 11:26 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 18 Sep 2021 11:26 PM IST
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bina patta khanan ko pooj lee bhoomi
बांदा। एएसपी के निलंबन और जिलाधिकारी को हटाने का चित्रकूटधाम मंडल के बालू खनन बाहुबलियों पर अभी भी कोई असर नहीं पड़ा। इनके हौसले और कारगुजारियां बदस्तूर जारी हैं।
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शनिवार को यहां इसकी एक बानगी भी नजर आई। बेखौफ बालू खनन के बाहुबलियों ने बगैर पट्टा के निजी भूमि में खदान चालू करने के लिए भूमि पूजन के साथ जेसीबी से कुछ खनन भी किया। यह सब तब किया गया, जब 30 सितंबर तक बालू खनन पर रोक है।
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चित्रकूटधाम मंडल मुख्यालय के नजदीक केन कि नारे ये अंधेरगर्दी करने वालों ने सोशल मीडिया पर खुद ही फोटो वायरल करके अपने बेखौफ इरादे भी उजागर कर दिए हैं।
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तीन दिन पूर्व 15 सितंबर को मध्य प्रदेश के ओवरलोड बालू ट्रकों को बांदा से गुजारने और वहां के कथित बालू कारोबारी से फोन पर संपर्क रखने के आरोप में बांदा के एएसपी महेंद्र प्रताप सिंह चौहान को शासन ने निलंबित कर दिया था।
उसी दिन जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह को भी हटा दिया गया, लेकिन इन दो बड़ी कार्रवाइयों का बालू के धंधे से जुड़े दिग्गजों पर कोई असर नहीं पड़ा। उनके काम बदस्तूर हैं। ताजा उदाहरण शनिवार को यहां नजर आया।
मुख्यालय से करीब 7-8 किलोमीटर दूर सदर तहसील क्षेत्र के गंछा गांव के पास केन नदी किनारे निजी भूमि पर बालू खदान चालू करने के लिए भूमि पूजन हुआ और जेसीबी मशीन से कुछ बालू निकाली भी गई।
भूमि पूजन और जेसीबी से खनन आदि की कई फोटोग्राफ सोशल मीडिया में डाल दिए गए। इन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले सीमावर्ती मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के गौरिहार के लोग हैं। इससे यह भी कयास लगाया जा रहा कि यहां बालू खनन की तैयारी में मध्यप्रदेश के लोग शामिल हैं।
सोशल मीडिया में यह भी लिखा गया कि निजी भूमि का पट्टा हुआ है। उसी में यह भूमि पूजन किया जा रहा है। यह भी लिखा कि भूमि पूजन के मौके पर कौन-कौन मौजूद रहे।
एक हेक्टेयर निजी भूमि का आवेदन
गंछा में निजी भूमि पर बालू खदान के भूमि पूजन और कुछ खनन के बारे पता चला है कि गंछा गांव के बाबूलाल नामक व्यक्ति ने अपनी एक हेक्टेयर भूमि में बालू खनन के लिए आवेदन किया है। अभी औपचारिकता पूरी नहीं हुई है। न ही पैसा जमा किया गया है और न ही पर्यावरण विभाग की एनओसी।
डेढ़ करोड़ और एनओसी करना होगी जमा
गंछा गांव के पास निजी भूमि में बालू खनन के लिए आवेदन लंबित हैं। इसकी प्रक्रिया चल रही है। आवेदक को लगभग डेढ़ करोड़ रुपये खनिज विभाग में जमा करना है।
साथ ही पर्यावरण विभाग की एनओसी लेकर जमा करनी है। यह दोनों महत्वपूर्ण शर्तें अभी पूरी नहीं हुई। फिर भी भूमि पूजन करके खनन की तैयारियां शुरू कर दी गईं।
छह माह के लिए ई-निविदा से होगा पट्टा
निजी भूमि पर खनन के लिए प्रदेश सरकार वर्ष 2020 में मंजूरी दे चुकी है। इसका पट्टा लेने के लिए एडवांस में दोगुनी रायल्टी खनिज विभाग में जमा करनी होगी। बालू के अलावा बजरी और बोल्डर के भी निजी भूमि के पट्टे मिलेंगे।
यह अधिकतम छह माह के लिए होंगे। यह भी शर्त है कि ई-निविदा से पट्टा दिया जाएगा। नीलामी में भू-स्वामी अगर इच्छुक है तो उसे पहले प्राथमिकता मिलेगी। किसी अन्य ने पट्टा लिया तो उच्चतम बोली की 20 फीसदी राशि भू-स्वामी को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।
निजी भूमि पट्टे के 8 आवेदन लंबित
बांदा जनपद में कई किसान आदि अपनी निजी भूमि पर बालू खनन के इच्छुक हैं। उनके आवेदन पिछले वर्ष से यहां खनिज विभाग में लंबित हैं। सूत्रों के मुताबिक, आठ आवेदन किए गए हैं।
इनमें से किसी की भी पूरी औपचारिक ता नहीं हुई है न ही मंजूरी मिली है। अलबत्ता गंछा खदान के आवेदक को सिर्फ लेटर आफ इंट्रेस्ट जारी किया गया है। आवेदक को अभी एनओसी, रायल्टी आदि जमा करना बाकी है।
भू-स्वामी को पट्टे में पहले मौका
निजी भूमि में भू-स्वामी अगर खुद पट्टा लेना चाहता है तो नीलामी के बाद उच्चतम बोली की दर पर उसी के पक्ष में पट्टा दिया जाएगा। अगर भू-स्वामी पट्टा लेने से इनकार करता है तो उच्चतम बोली लगाने वाले को दिया जाएगा।
लेटर आफ इंट्रेस्ट जारी होने के तीन दिनों के अंदर ई-निविदा में मंजूर की गई राशि की 25 प्रतिशत जमानत और 25 प्रतिशत पहली किस्त के रूप में जमा करना होगा। शेष 75 प्रतिशत राशि अगले महीनों में किस्तों में जमा होगी। पट्टाधारक को पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य है।
बुंदेली माननीय बालू के अप्रत्यक्ष पैरोकार
उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के कुछ माननीयों की अप्रत्यक्ष भागीदारी दोनों राज्यों के बुंदेलखंड इलाके में खनिज के अवैध खनन को परवान चढ़ाए हुए है। खदानों में खनन से लेकर ओवरलोड ट्रकों को अपने अप्रत्यक्ष संरक्षण के बीच पास कराने में इनकी भूमिका है।
गंछा खदान में भी एमपी वालों का हाथ नजर आ रहा है। भले ही खनन का पट्टा भूस्वामी के नाम से लिया जा रहा हो, लेकिन खनन का काम एमपी के लोगों की सहभागिता से होने के आसार हैं।
बिना मंजूरी भूमि पूजन व खनन गलत
गंछा खदान में भूमि पूजन और जेसीबी से कुछ खनन की जानकारी नहीं है। यहां के आवेदक को मात्र लेटर आफ इंट्रेस्ट जारी किया गया है। जमानत व रायल्टी राशि और पर्यावरण एनओसी आदि की औपचारिकता पूरी करना बाकी है।

ऐसी स्थिति में भूमि पूजन और खनन को सोशल मीडिया में वायरल करना पूरी तरह से गलत है। वह आवेदक को इस बारे में चेतावनी देंगे। फिलहाल 30 सितंबर तक सभी खदानों में खनन पर रोक है।
-सौरभ गुप्ता, जिला खनिज अधिकारी, बांदा
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