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बैंकों ने सिर्फ 13 फीसदी पटरी दुकानदारों को दिया कर्ज
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फुटपाथ पर दुकान लगाए दुकानदार।
- फोटो : BANDA
बांदा। फुटपाथी दुकानदारों को रियायती दर पर कर्ज देकर आत्मनिर्भर बनाने की प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर स्वनिधि योजना बुंदेलखंड में परवान नहीं चढ़ पा रही है। इसकी बानगी है कि योजना लागू होने के दो माह बाद भी सातों जिलों में मात्र 379 दुकानदार ही इस योजना के लाभार्थी हो पाए हैं।
बैंक भी इसमें दिलचस्पी नहीं ले रहे। स्थानीय निकायों से बैंकों को 2799 ऋण आवेदन भेजे जा चुके हैं। अब तक मात्र 379 को ही ऋण मिला है। यह मात्र 13 प्रतिशत है, जबकि बुंदेलखंड में पटरी दुकानदारों की संख्या तकरीबन 50 हजार है।
सड़क किनारे दुकान लगाकर रोजी रोटी कमाने वालों का धंधा लॉकडाउन में बंद हो गया था। उन्हें आर्थिक संकट से उबारने के लिए जून में प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर स्वनिधि योजना की शुरुआत की गई थी। योजना के तहत रोड पटरी के दुकानदारों को स्थानीय निकाय के माध्यम से बैंक द्वारा बिना गारंटी 10 हजार रुपये ऋण देने का प्रावधान है।
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स्थानीय निकायों ने ऐसे दुकानदारों का सर्वे किया है। फिलहाल बुंदेलखंड में इनका आंकड़ा 50 हजार से अधिक उभरकर आया है। निकायों ने अब तक बुंदेलखंड के सातों जिलों में 2799 ऋण आवेदन बैंकों को भेज दिए हैं। बैंकों ने अब तक सिर्फ 379 आवेदनों पर ही ऋण स्वीकृत किया है।
क्या है स्वनिधि योजना
स्वनिधि योजना में 10 हजार रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। दुकानदार को इसकी वापसी एक वर्ष के अंदर करनी है। कोई किस्तें निर्धारित नहीं हैं। बैंक ब्याज दर के अनुसार लाभार्थी को 7 फीसदी ब्याज देना होगा। शेष ब्याज सरकार देगी। कर्ज अदायगी समय से करने वाले दुकानदार दोबारा भी कर्ज ले सकेगा। योजना का नोडल/समन्वयक परियोजना विभाग (डूडा) को बनाया गया है।
बुंदेलखंड में स्वनिधि के आवेदन और स्वीकृति की स्थिति-
जनपद आवेदन स्वीकृत
बांदा 321 05
चित्रकूट 152 12
हमीरपुर 142 -
महोबा 158 13
जालौन 454 104
झांसी 1035 146
ललितपुर 537 99
योग 2799 379
जून से शुरू हुई स्वनिधि योजना में तेजी से काम हो रहा है। बुंदेलखंड में एक साल में 20 हजार से अधिक रोड पटरी दुकानदारों को लाभ पहुंचाया जाएगा। -डॉ. कमाल, स्टेट मिशन प्रबंधक, स्वनिधि योजना, लखनऊ, उत्तर प्रदेश।
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बैंक भी इसमें दिलचस्पी नहीं ले रहे। स्थानीय निकायों से बैंकों को 2799 ऋण आवेदन भेजे जा चुके हैं। अब तक मात्र 379 को ही ऋण मिला है। यह मात्र 13 प्रतिशत है, जबकि बुंदेलखंड में पटरी दुकानदारों की संख्या तकरीबन 50 हजार है।
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सड़क किनारे दुकान लगाकर रोजी रोटी कमाने वालों का धंधा लॉकडाउन में बंद हो गया था। उन्हें आर्थिक संकट से उबारने के लिए जून में प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर स्वनिधि योजना की शुरुआत की गई थी। योजना के तहत रोड पटरी के दुकानदारों को स्थानीय निकाय के माध्यम से बैंक द्वारा बिना गारंटी 10 हजार रुपये ऋण देने का प्रावधान है।
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स्थानीय निकायों ने ऐसे दुकानदारों का सर्वे किया है। फिलहाल बुंदेलखंड में इनका आंकड़ा 50 हजार से अधिक उभरकर आया है। निकायों ने अब तक बुंदेलखंड के सातों जिलों में 2799 ऋण आवेदन बैंकों को भेज दिए हैं। बैंकों ने अब तक सिर्फ 379 आवेदनों पर ही ऋण स्वीकृत किया है।
क्या है स्वनिधि योजना
स्वनिधि योजना में 10 हजार रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। दुकानदार को इसकी वापसी एक वर्ष के अंदर करनी है। कोई किस्तें निर्धारित नहीं हैं। बैंक ब्याज दर के अनुसार लाभार्थी को 7 फीसदी ब्याज देना होगा। शेष ब्याज सरकार देगी। कर्ज अदायगी समय से करने वाले दुकानदार दोबारा भी कर्ज ले सकेगा। योजना का नोडल/समन्वयक परियोजना विभाग (डूडा) को बनाया गया है।
बुंदेलखंड में स्वनिधि के आवेदन और स्वीकृति की स्थिति-
जनपद आवेदन स्वीकृत
बांदा 321 05
चित्रकूट 152 12
हमीरपुर 142 -
महोबा 158 13
जालौन 454 104
झांसी 1035 146
ललितपुर 537 99
योग 2799 379
जून से शुरू हुई स्वनिधि योजना में तेजी से काम हो रहा है। बुंदेलखंड में एक साल में 20 हजार से अधिक रोड पटरी दुकानदारों को लाभ पहुंचाया जाएगा। -डॉ. कमाल, स्टेट मिशन प्रबंधक, स्वनिधि योजना, लखनऊ, उत्तर प्रदेश।