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Banda News: एसआईआर के विरोध में सपाइयों का प्रदर्शन
Tue, 06 Oct 2026 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 06 Oct 2026 12:07 AM IST
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फोटो -3- डीएम कार्यालय में प्रदर्शन के दौरान मौजूद विधायक सहित सपा कार्यकर्ता। स्रोत - पार्टी
बांदा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर सोमवार को समाजवादी पार्टी ने शक्ति प्रदर्शन किया।
जिलाध्यक्ष उमेश यादव के नेतृत्व में सपाइयों ने पार्टी कार्यालय से जुलूस निकाला। इस दौरान जुलूस आंबेडकर पार्क पहुंचा, जहां प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। बाद में जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को छह सूत्री ज्ञापन भेजा गया।
सपाइयों ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से प्रभावित होने की आशंका है। कहा कि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची से बाहर होता है तो यह उसके संवैधानिक मताधिकार पर गंभीर आघात होगा।
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ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई। इसके अलावा एसआईआर की निष्पक्ष समीक्षा, मतदाता का नाम हटाने से पहले पर्याप्त सूचना और अपना पक्ष रखने का अवसर देने की मांग की गई।
इस दौरान विधायक विशंभर सिंह यादव, विशंभर प्रसाद निषाद, हसनुद्दीन सिद्दकी, शकील अली समेत चारों विधानसभाओं के पदाधिकारी, पूर्व जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष उमेश यादव के नेतृत्व में सपाइयों ने पार्टी कार्यालय से जुलूस निकाला। इस दौरान जुलूस आंबेडकर पार्क पहुंचा, जहां प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। बाद में जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को छह सूत्री ज्ञापन भेजा गया।
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सपाइयों ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से प्रभावित होने की आशंका है। कहा कि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची से बाहर होता है तो यह उसके संवैधानिक मताधिकार पर गंभीर आघात होगा।
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ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई। इसके अलावा एसआईआर की निष्पक्ष समीक्षा, मतदाता का नाम हटाने से पहले पर्याप्त सूचना और अपना पक्ष रखने का अवसर देने की मांग की गई।
इस दौरान विधायक विशंभर सिंह यादव, विशंभर प्रसाद निषाद, हसनुद्दीन सिद्दकी, शकील अली समेत चारों विधानसभाओं के पदाधिकारी, पूर्व जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता मौजूद रहे।