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बांदा : हत्या और अपहरण का आरोपी फंदे पर झूला
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बांदा। जारी गांव में 42 वर्षीय व्यक्ति ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस के मुताबिक वह अपराधी किस्म का था। उसके खिलाफ हत्या और अपहरण जैसे कई मामले दर्ज हैं। परिजन आत्महत्या की वजह नहीं बता सके।
कोतवाली देहात क्षेत्र के जारी गांव में शनिवार की शाम उदयभान सिंह (42) ने कमरे में सीलिंग हुक से रस्सी बांधकर खुदकुशी कर ली। दरवाजा अंदर से बंद था। शाम करीब सात बजे घर पहुंचे भतीजे आकाश सिंह ने मुश्किल से दरवाजा खोला और शव फंदे से लटकता देख परिजनों और पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया।
भतीजे आकाश सिंह ने बताया कि चाचा उदयभान ने उसे 500 रुपये देकर अधिवक्ता के पास बांदा भेज दिया था। दादी चुन्नी देवी की जमीन की वरासत का प्रकरण था। लौटकर घर आया तो चाचा के आत्महत्या की जानकारी हुई। आकाश ने बताया कि चाचा के खिलाफ कानपुर के बिधनू थाने में हत्या और पनकी थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज है।
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कोतवाली देहात में भी जानलेवा हमला, आर्म्स एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं। कोतवाली देहात इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने बताया कि फिलहाल परिजन आत्महत्या की वजह नहीं बता सके। उदयभान अपराधी किस्म का था। आत्महत्या की जांच की जा रही है।
सात साल पूर्व पत्नी ने भी मार ली थी गोली
उदयभान सिंह की पत्नी ने भी खुदकुशी की थी। भतीजे आकाश ने बताया कि चाचा की हरकतों से परेशान चाची संजू सिंह ने सात साल पहले तमंचे से खुद को गोली मार ली थी। उनके एक पुत्री और दो पुत्र हैं। तीनों ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।
दो माह पूर्व जेल से छूटकर आया था उदयभान
भतीजे के मुताबिक वर्ष 2015 में चाचा उदयभान ने नरेंद्र यादव की हत्या कर दी थी। पेट्रोल डालकर शव जला दिया था। इस मामले में वह कई साल जेल में बंद थे। इसके बाद पनकी थाने में अपहरण का मामला दर्ज करा दिया गया। दो माह पूर्व जेल से छूटकर आए थे। जेल से आने के बाद से तनाव में थे।
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कोतवाली देहात क्षेत्र के जारी गांव में शनिवार की शाम उदयभान सिंह (42) ने कमरे में सीलिंग हुक से रस्सी बांधकर खुदकुशी कर ली। दरवाजा अंदर से बंद था। शाम करीब सात बजे घर पहुंचे भतीजे आकाश सिंह ने मुश्किल से दरवाजा खोला और शव फंदे से लटकता देख परिजनों और पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया।
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भतीजे आकाश सिंह ने बताया कि चाचा उदयभान ने उसे 500 रुपये देकर अधिवक्ता के पास बांदा भेज दिया था। दादी चुन्नी देवी की जमीन की वरासत का प्रकरण था। लौटकर घर आया तो चाचा के आत्महत्या की जानकारी हुई। आकाश ने बताया कि चाचा के खिलाफ कानपुर के बिधनू थाने में हत्या और पनकी थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज है।
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कोतवाली देहात में भी जानलेवा हमला, आर्म्स एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं। कोतवाली देहात इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने बताया कि फिलहाल परिजन आत्महत्या की वजह नहीं बता सके। उदयभान अपराधी किस्म का था। आत्महत्या की जांच की जा रही है।
सात साल पूर्व पत्नी ने भी मार ली थी गोली
उदयभान सिंह की पत्नी ने भी खुदकुशी की थी। भतीजे आकाश ने बताया कि चाचा की हरकतों से परेशान चाची संजू सिंह ने सात साल पहले तमंचे से खुद को गोली मार ली थी। उनके एक पुत्री और दो पुत्र हैं। तीनों ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।
दो माह पूर्व जेल से छूटकर आया था उदयभान
भतीजे के मुताबिक वर्ष 2015 में चाचा उदयभान ने नरेंद्र यादव की हत्या कर दी थी। पेट्रोल डालकर शव जला दिया था। इस मामले में वह कई साल जेल में बंद थे। इसके बाद पनकी थाने में अपहरण का मामला दर्ज करा दिया गया। दो माह पूर्व जेल से छूटकर आए थे। जेल से आने के बाद से तनाव में थे।