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बांदा : प्रदेश में कृषि से ही आत्मनिर्भरता सम्भव है- सूर्य प्रताप शाही
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फोटो-05 बीएनडीपी-09
- फोटो : BANDA
बांदा। कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय बांदा में शनिवार को कृषि मेला के समापन पर कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केन्द्र कृषकों के लिए मन्दिर हैं। कहा कि उप्र के हर क्षेत्र में कृषि से ही आत्मनिर्भरता संभव है।
कृषि के क्षेत्र में हम निरन्तर प्रगति कर रहें है। कई फसलों में हमारा आयात घटा है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में दलहन और तिलहन की उन्नत किस्मों से उपज बढ़ाई जा सकती है। कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केन्द्र इस दिशा में कार्य कर रहें हैं।
बुंदेलखंड में आर्थिक समृद्धि के लिए गौ सम्वर्धन आवश्यक है। देशी गाय जो छुट्टा घूम रहीं है उनका नस्ल सुधार करना आवश्यक है। जैविक एवं प्राकृतिक खेती की तरफ हमें कदम बढ़ाना पड़ेगा यही हमारी परम्परा थी। विश्वविद्यालय द्वारा दी जा रही सुविधाओं का किसान लाभ उठायें।
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विशिष्ट अतिथि सांसद आरके सिंह पटेल ने कहा अपने खाने के लिए सब्जी का उत्पादन प्राकृतिक रूप से गोबर की खाद का प्रयोग करें। वर्तमान सरकार द्वारा बीज यंत्र खाद पर योजनाबद्ध तरीके से अनुदान दे रही है। बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड के अध्यक्ष अयोध्या प्रसाद पटेल व राजेश सिंह सेंगर ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कुलपति ने कहा कि इस वर्ष मौसम व प्रकृति की मार किसानों के साथ-साथ हमारे शोध कार्यों एवं बीज उत्पादन व अन्य कार्यों पर भी पड़ा है। आने वाले समय में आने वाले समय में कठिया गेहूं पर कार्य करना है।
मेले के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं का पुरस्कार वितरण मंत्री ने किया। विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डॉ. एनके बाजपेयी, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय सिंह, श्याम बिहारी गुप्ता, राजीव कुमार झा समेत अन्य रहे। मंत्री ने तिंदवारी क्षेत्र में सोनरही गांव स्थित पूर्व चेयरमैन रमाकांत सिंह उर्फ दद्दू पटेल और रावेंद्र सिंह के निजी तालाब और बागवानी का निरीक्षण भी किया। संवाद
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कृषि के क्षेत्र में हम निरन्तर प्रगति कर रहें है। कई फसलों में हमारा आयात घटा है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में दलहन और तिलहन की उन्नत किस्मों से उपज बढ़ाई जा सकती है। कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केन्द्र इस दिशा में कार्य कर रहें हैं।
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बुंदेलखंड में आर्थिक समृद्धि के लिए गौ सम्वर्धन आवश्यक है। देशी गाय जो छुट्टा घूम रहीं है उनका नस्ल सुधार करना आवश्यक है। जैविक एवं प्राकृतिक खेती की तरफ हमें कदम बढ़ाना पड़ेगा यही हमारी परम्परा थी। विश्वविद्यालय द्वारा दी जा रही सुविधाओं का किसान लाभ उठायें।
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विशिष्ट अतिथि सांसद आरके सिंह पटेल ने कहा अपने खाने के लिए सब्जी का उत्पादन प्राकृतिक रूप से गोबर की खाद का प्रयोग करें। वर्तमान सरकार द्वारा बीज यंत्र खाद पर योजनाबद्ध तरीके से अनुदान दे रही है। बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड के अध्यक्ष अयोध्या प्रसाद पटेल व राजेश सिंह सेंगर ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कुलपति ने कहा कि इस वर्ष मौसम व प्रकृति की मार किसानों के साथ-साथ हमारे शोध कार्यों एवं बीज उत्पादन व अन्य कार्यों पर भी पड़ा है। आने वाले समय में आने वाले समय में कठिया गेहूं पर कार्य करना है।
मेले के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं का पुरस्कार वितरण मंत्री ने किया। विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डॉ. एनके बाजपेयी, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय सिंह, श्याम बिहारी गुप्ता, राजीव कुमार झा समेत अन्य रहे। मंत्री ने तिंदवारी क्षेत्र में सोनरही गांव स्थित पूर्व चेयरमैन रमाकांत सिंह उर्फ दद्दू पटेल और रावेंद्र सिंह के निजी तालाब और बागवानी का निरीक्षण भी किया। संवाद