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बांदा : मतदाता सूची में एक लाख से अधिक फर्जी नाम
Wed, 03 Sep 2025 11:29 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 03 Sep 2025 11:29 PM IST
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फोटो 18 - बदौसा में पुनरीक्षण कार्य में करता बीएलओ। संवाद
बांदा। पंचायत चुनाव से पहले जिले की मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जिले में एक लाख से अधिक मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मिले हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जांच कर यह फर्जीवाड़ा पकड़ा है। 19 अगस्त से 29 सितंबर तक विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाकर मतदाता सूची को सही किया जाएगा और फर्जी नामों को सूची से बाहर किया जाएगा। अभी तक हुए पुनरीक्षण में 340 नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
जिले में इस बार 469 प्रधान, 750 बीडीसी और 20 जिला पंचायत सदस्यों के लिए चुनाव होना है। 18 अगस्त से मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत की गई है। इस दौरान बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) मतदाताओं से संपर्क कर नाम, पता, उम्र, लिंग आदि की जानकारी एकत्रित कर वोट जोड़ने व काटने का काम कर रहे हैं।
निर्वाचन आयोग के स्तर से एक सूची जिला प्रशासन को भेजी गई है। इस सूची में किसी ग्राम पंचायत में 100 तो किसी में 200 या इससे अधिक संदिग्ध मतदाताओं के नाम शामिल हैं। 469 ग्राम पंचायतों में 200 के औसत से करीब 93,800 मतदाता हैं। वहीं जिला प्रशासन व निर्वाचन से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी आंकड़ा बताने कतरा रहे हैं।
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अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बांदा कुमार धर्मेंद्र ने कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से संभावित डाटा जारी किया गया है। जिन मतदाताओं के नाम, पिता का नाम, पति का नाम एक जैसे हैं उनका बीएलओ के माध्यम से सत्यापन कराया जा रहा है। मतदाताओं के आधार नंबर के आखिरी चार डिजिट से सत्यापित किया जाएगा। अगर सत्यापन में किसी का नाम सही नहीं पाया जाता है तो मतदाता सूची से उसका नाम काट दिया जाएगा। सहायक निर्वाचन अधिकारी, पंचायत योगेश्वर ने बताया कि मेरे पास सभी ग्राम पंचायतों के मतदाताओं की जानकारी है, लेकिन संख्या नहीं बता पाएंगे।
सूची में मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थान पर दर्ज
मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में एक से अधिक स्थान पर दर्ज हैं। प्रशासन ने सभी नामों को बूथ स्तर पर बीएलओ को सौंप दिया है। यह संबंधित लोगों से संपर्क कर आधार नंबर प्राप्त करेंगे। आधार नंबर से नाम का मिलान किया जाएगा। एक से अधिक स्थान पर आधार नंबर का प्रयोग होने पर नाम को एक स्थान से हटा दिया जाएगा।
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जिले में इस बार 469 प्रधान, 750 बीडीसी और 20 जिला पंचायत सदस्यों के लिए चुनाव होना है। 18 अगस्त से मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत की गई है। इस दौरान बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) मतदाताओं से संपर्क कर नाम, पता, उम्र, लिंग आदि की जानकारी एकत्रित कर वोट जोड़ने व काटने का काम कर रहे हैं।
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निर्वाचन आयोग के स्तर से एक सूची जिला प्रशासन को भेजी गई है। इस सूची में किसी ग्राम पंचायत में 100 तो किसी में 200 या इससे अधिक संदिग्ध मतदाताओं के नाम शामिल हैं। 469 ग्राम पंचायतों में 200 के औसत से करीब 93,800 मतदाता हैं। वहीं जिला प्रशासन व निर्वाचन से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी आंकड़ा बताने कतरा रहे हैं।
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अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बांदा कुमार धर्मेंद्र ने कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से संभावित डाटा जारी किया गया है। जिन मतदाताओं के नाम, पिता का नाम, पति का नाम एक जैसे हैं उनका बीएलओ के माध्यम से सत्यापन कराया जा रहा है। मतदाताओं के आधार नंबर के आखिरी चार डिजिट से सत्यापित किया जाएगा। अगर सत्यापन में किसी का नाम सही नहीं पाया जाता है तो मतदाता सूची से उसका नाम काट दिया जाएगा। सहायक निर्वाचन अधिकारी, पंचायत योगेश्वर ने बताया कि मेरे पास सभी ग्राम पंचायतों के मतदाताओं की जानकारी है, लेकिन संख्या नहीं बता पाएंगे।
सूची में मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थान पर दर्ज
मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में एक से अधिक स्थान पर दर्ज हैं। प्रशासन ने सभी नामों को बूथ स्तर पर बीएलओ को सौंप दिया है। यह संबंधित लोगों से संपर्क कर आधार नंबर प्राप्त करेंगे। आधार नंबर से नाम का मिलान किया जाएगा। एक से अधिक स्थान पर आधार नंबर का प्रयोग होने पर नाम को एक स्थान से हटा दिया जाएगा।