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कोरोना नमूनों की जांच में बांदा मेडिकल कालेज को दूसरा स्थान
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बांदा। प्रदेश के 10 मेडिकल कालेजों में पहली सितंबर से शुरू हुई कोविड-19 आरटीपीसीआर (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमरेस चेन रिएक्शन) जांच में बांदा मेडिकल कालेज लैब ने 50 हजार नमूनों का जांच का आंकड़ा पार कर लिया है। यह प्रदेश में स्थापित हुईं नई लैबों में दूसरे नंबर पर है। जालौैन मेडिकल कालेज सबसे पीछे है। यहां सिर्फ 10 हजार नमूने ही टेस्ट किए गए। सबसे अव्वल आजमगढ़ मेडिकल कालेज की लैब है।
यहां लैब स्थापित होने से पूर्व कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के लिए नमूने कानपुर, लखनऊ, झांसी और प्रयागराज भेजे जाते थे। रिपोर्ट आने में लगभग दो से तीन दिन का समय लग जाता था। कोरोना संक्रमण बढ़ने पर शासन ने बांदा व जालौन समेत 10 मेडिकल कालेजों में और आरटीपीसीआर लैब चालू करा दी।
नई लैबों की दो दिन पूर्व जारी रिपोर्ट के मुताबिक बांदा मेडिकल कालेज में 52,954 नमूने टेस्ट किए जा चुके हैं। यह प्रदेश के अन्य मेडिकल कालेजों में दूसरे स्थान पर है। यहां रोजाना लगभग औसतन 645 नमूनों की जांच की जा रही है। उधर, जालौन की लैब में अब तक मात्र 10,663 नमूने जांचे गए। यह सबसे कम आंकड़ा है।
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उधर, चित्रकूटधाम मंडल के इकलौते राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेज में फिलहाल मात्र एक आरटीपीसीआर मशीन उपलब्ध है। जबकि मंडल के चारों जिलों के नमूनों की जांच का जिम्मा इसी मेडिकल कालेज पर है। फिलहाल बांदा के साथ चित्रकूट के नमूनों की ही जांच हो रही है। अगले सप्ताह तक शासन से एक और आरटीपीसीआर मशीन प्राप्त हो जाएगी। इससे जांच का दायरा बढ़ जाएगा। अभी प्रति दो घंटे में 90 नमूनों की जांच होती है। दूसरी आरटीपीसीआर मशीन लगने के बाद जांच की क्षमता बढ़कर 180 से 200 सैंपल (प्रति 2 घंटे) हो जाएगी।
मेडिकल कालेज प्रिंसिपल डा.मुकेश यादव ने बताया कि बुधवार (25 नवंबर) तक आजमगढ़ से आटोमेटिक आरएनए स्ट्रक्टर उपकरण भी यहां प्राप्त हो जाएगा। इस आटोमेटिक मशीन से प्रतिदिन 2000 नमूने टेस्ट होंगे। अभी मैन्युअल जांच से लगभग 1200 नमूनों की ही जांच हो पाती है।
जिलों की क्रमवार स्थिति : आजमगढ़- 76,675, बांदा- 52,954, अयोध्या- 44,610, बदायूं- 38,776, बहराइच- 34,795, अंबेडकर नगर- 33,456, फिरोजाबाद- 31,068, बस्ती- 30,218, सहारनपुर- 26,349 और जालौन- 10,663
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यहां लैब स्थापित होने से पूर्व कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के लिए नमूने कानपुर, लखनऊ, झांसी और प्रयागराज भेजे जाते थे। रिपोर्ट आने में लगभग दो से तीन दिन का समय लग जाता था। कोरोना संक्रमण बढ़ने पर शासन ने बांदा व जालौन समेत 10 मेडिकल कालेजों में और आरटीपीसीआर लैब चालू करा दी।
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नई लैबों की दो दिन पूर्व जारी रिपोर्ट के मुताबिक बांदा मेडिकल कालेज में 52,954 नमूने टेस्ट किए जा चुके हैं। यह प्रदेश के अन्य मेडिकल कालेजों में दूसरे स्थान पर है। यहां रोजाना लगभग औसतन 645 नमूनों की जांच की जा रही है। उधर, जालौन की लैब में अब तक मात्र 10,663 नमूने जांचे गए। यह सबसे कम आंकड़ा है।
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उधर, चित्रकूटधाम मंडल के इकलौते राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेज में फिलहाल मात्र एक आरटीपीसीआर मशीन उपलब्ध है। जबकि मंडल के चारों जिलों के नमूनों की जांच का जिम्मा इसी मेडिकल कालेज पर है। फिलहाल बांदा के साथ चित्रकूट के नमूनों की ही जांच हो रही है। अगले सप्ताह तक शासन से एक और आरटीपीसीआर मशीन प्राप्त हो जाएगी। इससे जांच का दायरा बढ़ जाएगा। अभी प्रति दो घंटे में 90 नमूनों की जांच होती है। दूसरी आरटीपीसीआर मशीन लगने के बाद जांच की क्षमता बढ़कर 180 से 200 सैंपल (प्रति 2 घंटे) हो जाएगी।
मेडिकल कालेज प्रिंसिपल डा.मुकेश यादव ने बताया कि बुधवार (25 नवंबर) तक आजमगढ़ से आटोमेटिक आरएनए स्ट्रक्टर उपकरण भी यहां प्राप्त हो जाएगा। इस आटोमेटिक मशीन से प्रतिदिन 2000 नमूने टेस्ट होंगे। अभी मैन्युअल जांच से लगभग 1200 नमूनों की ही जांच हो पाती है।
जिलों की क्रमवार स्थिति : आजमगढ़- 76,675, बांदा- 52,954, अयोध्या- 44,610, बदायूं- 38,776, बहराइच- 34,795, अंबेडकर नगर- 33,456, फिरोजाबाद- 31,068, बस्ती- 30,218, सहारनपुर- 26,349 और जालौन- 10,663