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चित्रकू्टधाम मंडल की 88 रोडवेज बसें मरम्मत के लिए वर्कशॉप में खड़ी
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Banda: 88 roadways buses of Chitrakootdham division parked in the workshop for repair
- फोटो : BANDA
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल की 88 रोडवेज बसें खराब हो गई हैं। मरम्मत के लिए ये वर्कशाप में खड़ी हैं। बसें खराब होने से दो रूटों पर एक भी बस नहीं चल रही है, जबकि कई रूटों पर बसों की संख्या आधी कर दी गई हैं। इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। मजबूरी में उन्हें प्राइवेट बसों का सहारा लेना पड़ रहा है।
चित्रकूटधाम मंडल में कहने को तो 399 बसों का बेड़ा है, लेकिन 25 फीसदी से ज्यादा बसें कबाड़ हो गई हैं। इन्हें कंडम घोषित होना था, लेकिन शासन के निर्देश पर जिम्मेदारों ने ठोंकने पीटने के बाद इन बसों की एक से दो साल उम्र बढ़ा दी। तमाम कोशिशों के बाद भी मंडल की 88 बसें सड़क पर नहीं चल सकीं। इन्हें मरम्मत के लिए डिपो व मंडल स्तर की कार्यशाला में खड़ा कर दिया गया है।
ऐसे में मंडल के कई प्रमुख मार्ग खाली हो गए है या फिर एक या दो बसें ही चल रही हैं। बिसंडा और खप्टिहाकलां रूट पर एक भी बस नहीं बची है। इसके अलावा लंबे रूटों पर बसों की संख्या आधी कर दी गई है। इससे न सिर्फ यात्रियों को परेशानी हो रही है, बल्कि परिवहन विभाग को घाटा हो रहा है। हर दिन दो हजार से अधिक यात्रियों को मजबूरन प्राइवेट बसों और डग्गामार वाहनों में यात्रा करनी पड़ रही है।
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ये है प्रमुख मार्गों पर बसों की स्थिति
रूट पहले अब
बांदा-कानपुर 10 5
बांदा-लखनऊ 6 3
बांदा-प्रयागराज 20 11
बांदा-रायबरेली 2 1
बांदा-दिल्ली 5 2
बांदा-झांसी 5 2
बांदा-फतेहपुर 4 2
बांदा-नरैनी 3 1
बांदा-महोबा 5 3
बांदा-पन्ना मार्ग 5 2
बांदा-बबेरू 4 2
बांदा-बिसंडा 2 0
बांदा-खप्टिहाकलां 3 0
चार मिलीं और आठ हटीं
चित्रकूटधाम मंडल को हाल ही में चार नई बसें मिली थीं। परिवहन निगम ने शासन के आदेश पर जर्जर हो चुकी आठ बसों को कंडम घोषित कर बेडे़ से हटा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि और नई बसें मिलने के बाद उम्र पूरी कर चुकी बसों को बेड़े से हटा दिया जाएगा।
जिन मार्गों पर बसों की कमी है या खाली है। वहां अनुबंध पर प्राइवेट बसें लगाने के लिए शासन को सूची भेजी है। शासन से स्वीकृति मिलने पर प्राइवेट बसों को लगाया जाएगा। -गौतम कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक।
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चित्रकूटधाम मंडल में कहने को तो 399 बसों का बेड़ा है, लेकिन 25 फीसदी से ज्यादा बसें कबाड़ हो गई हैं। इन्हें कंडम घोषित होना था, लेकिन शासन के निर्देश पर जिम्मेदारों ने ठोंकने पीटने के बाद इन बसों की एक से दो साल उम्र बढ़ा दी। तमाम कोशिशों के बाद भी मंडल की 88 बसें सड़क पर नहीं चल सकीं। इन्हें मरम्मत के लिए डिपो व मंडल स्तर की कार्यशाला में खड़ा कर दिया गया है।
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ऐसे में मंडल के कई प्रमुख मार्ग खाली हो गए है या फिर एक या दो बसें ही चल रही हैं। बिसंडा और खप्टिहाकलां रूट पर एक भी बस नहीं बची है। इसके अलावा लंबे रूटों पर बसों की संख्या आधी कर दी गई है। इससे न सिर्फ यात्रियों को परेशानी हो रही है, बल्कि परिवहन विभाग को घाटा हो रहा है। हर दिन दो हजार से अधिक यात्रियों को मजबूरन प्राइवेट बसों और डग्गामार वाहनों में यात्रा करनी पड़ रही है।
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ये है प्रमुख मार्गों पर बसों की स्थिति
रूट पहले अब
बांदा-कानपुर 10 5
बांदा-लखनऊ 6 3
बांदा-प्रयागराज 20 11
बांदा-रायबरेली 2 1
बांदा-दिल्ली 5 2
बांदा-झांसी 5 2
बांदा-फतेहपुर 4 2
बांदा-नरैनी 3 1
बांदा-महोबा 5 3
बांदा-पन्ना मार्ग 5 2
बांदा-बबेरू 4 2
बांदा-बिसंडा 2 0
बांदा-खप्टिहाकलां 3 0
चार मिलीं और आठ हटीं
चित्रकूटधाम मंडल को हाल ही में चार नई बसें मिली थीं। परिवहन निगम ने शासन के आदेश पर जर्जर हो चुकी आठ बसों को कंडम घोषित कर बेडे़ से हटा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि और नई बसें मिलने के बाद उम्र पूरी कर चुकी बसों को बेड़े से हटा दिया जाएगा।
जिन मार्गों पर बसों की कमी है या खाली है। वहां अनुबंध पर प्राइवेट बसें लगाने के लिए शासन को सूची भेजी है। शासन से स्वीकृति मिलने पर प्राइवेट बसों को लगाया जाएगा। -गौतम कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक।

Banda: 88 roadways buses of Chitrakootdham division parked in the workshop for repair- फोटो : BANDA