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सुबह नौ बजे कार्यालय बुलाने पर भड़के
अमर उजाला बांदा
Updated Fri, 07 Jul 2017 12:03 AM IST
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डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन देते राज्य कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश सरकार द्वारा अधिकारियों को सुबह नौ बजे कार्यालय में बैठकर जनसुनवाई करने का आदेश राज्य कर्मचारियों पर लागू करने से कर्मचारी भड़क गए हैं। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने इसके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रदर्शन किया और मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजकर कहा है कि कर्मचारियों को सुबह 10 से शाम पांच बजे तक ड्यूटी का स्पष्ट आदेश जारी किया जाए, वरना आंदोलन किया जाएगा।
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गुरुवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। प्रदेश के मुख्य सचिव को संबोधित ज्ञापन परिषद अध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव और महामंत्री आरजे शर्मा ने डिप्टी कलेक्टर मंसूर अहमद को सौंपा। इसमें परिषद के प्रांतीय नेता द्वारा भेजे पत्र का हवाला देकर कहा है कि डीएम-एसपी और मंडलीय अधिकारियों को सुबह नौ बजे कार्यालय में बैठकर जन सुनवाई करने के आदेश के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन का निर्देश दिया गया है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यह आदेश जिलों के उच्चाधिकारियों के लिए है, लेकिन जिले के कुछ अधिकारी कर्मचारियों को भी सुबह नौ बजे कार्यालय में आकर जनसुनवाई करने के निर्देश जारी किए हैं, जबकि जनसुनवाई सिर्फ सक्षम अधिकारी ही कर सकता है।
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कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी शासनादेश की व्याख्या अपने हिसाब से कर रहे हैं, जबकि मुख्य सचिव का शासनादेश है कि कर्मचारियों के कार्यालय आने का समय 10 बजे और आधा घंटे का लंच होगा। यह आदेश अभी भी प्रभावी है। ज्ञापन देते समय बड़ी संख्या में विकास भवन, कलेक्ट्रेट और कई अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल रहे।
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