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Banda News: 24 घंटे में केन एक मीटर चढ़ी, उफान पर गजनी-सिमौनी नाले
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फोटो-25-गजनी नाले में उफान के चलते डूबे रपटे से गुजरते ग्रामीण। संवाद
फोटो-26-खप्टिहा कलां में पुलिया के किनारे से बही मिट्टी। संवाद
97.03 मीटर पहुंचा केन का जलस्तर, डूबे रपटे
यमुना 91.66 मीटर पर स्थिर, जोखिम में ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा/तिंदवारी। लगातार बारिश के बीच केन नदी का जलस्तर 24 घंटे में करीब एक मीटर बढ़ गया। बृहस्पतिवार शाम नदी का जलस्तर 97.03 मीटर दर्ज किया गया। वहीं यमुना का जलस्तर 91.66 मीटर रहा और स्थिरता बनी हुई है। केन का पानी बढ़ने के साथ गजनी और सिमौनी नाले उफान पर हैं। रपटों के ऊपर से पानी बहने के कारण ग्रामीणों को जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ रहा है।
तिंदवारी के गजनी गांव के पास पिपराव नाले में पानी बढ़ने से रपटा डूब गया है। बाढ़ का पानी रपटे के ऊपर से बह रहा है। इससे ग्रामीणों के लिए आवागमन मुश्किल हो गया है। गजनी-परसौड़ा संपर्क मार्ग भी दलदल में तब्दील हो गया है। बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने में भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में नाले का पानी रपटे के ऊपर से बहता है। तेज बहाव के बीच रपटा पार करना सुरक्षित नहीं है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजू यादव, शिवगोपाल, बाल्लू, महेंद्र, राममिलन, मुन्नीलाल, दिलीप, मनोज, गोविंदा और राकेश समेत ग्रामीणों ने रपटे की जगह लघु सेतु बनाने की मांग की है। वहीं, सिमौनी नाले में भी पानी बढ़ने से रपटे पर आवागमन प्रभावित है। आसपास के ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर निकलना पड़ रहा है। नाले के उफान पर होने से हादसे का खतरा बना हुआ है।
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बारिश में पुलिया की मिट्टी बही, रास्ते में बनी गहरी खाई
पैलानी। खप्टिहा कलां कस्बे में लोक निर्माण विभाग की ओर से करीब 90 लाख रुपये की लागत से बस स्टैंड से पंचायत भवन और पाथादाई मंदिर तक बनाई जा रही सीसी सड़क के बीच बनी पुलिया के किनारे डाली गई मिट्टी बारिश में बह गई। निर्माण को अभी 15 दिन भी पूरे नहीं हुए हैं। मिट्टी बहने से पुलिया के किनारे गहरी खाई बन गई है। स्थानीय कल्लू, सविता, सुकरू तिवारी, गया प्रसाद, रघु विश्वकर्मा, रविकरण तिवारी और राकेश शर्मा ने अधिकारियों और ठेकेदार से सड़क व पुलिया के आसपास मिट्टी डालकर रास्ता सुरक्षित कराने की मांग की है। संवाद
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फोटो-26-खप्टिहा कलां में पुलिया के किनारे से बही मिट्टी। संवाद
97.03 मीटर पहुंचा केन का जलस्तर, डूबे रपटे
यमुना 91.66 मीटर पर स्थिर, जोखिम में ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा/तिंदवारी। लगातार बारिश के बीच केन नदी का जलस्तर 24 घंटे में करीब एक मीटर बढ़ गया। बृहस्पतिवार शाम नदी का जलस्तर 97.03 मीटर दर्ज किया गया। वहीं यमुना का जलस्तर 91.66 मीटर रहा और स्थिरता बनी हुई है। केन का पानी बढ़ने के साथ गजनी और सिमौनी नाले उफान पर हैं। रपटों के ऊपर से पानी बहने के कारण ग्रामीणों को जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ रहा है।
तिंदवारी के गजनी गांव के पास पिपराव नाले में पानी बढ़ने से रपटा डूब गया है। बाढ़ का पानी रपटे के ऊपर से बह रहा है। इससे ग्रामीणों के लिए आवागमन मुश्किल हो गया है। गजनी-परसौड़ा संपर्क मार्ग भी दलदल में तब्दील हो गया है। बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने में भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में नाले का पानी रपटे के ऊपर से बहता है। तेज बहाव के बीच रपटा पार करना सुरक्षित नहीं है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजू यादव, शिवगोपाल, बाल्लू, महेंद्र, राममिलन, मुन्नीलाल, दिलीप, मनोज, गोविंदा और राकेश समेत ग्रामीणों ने रपटे की जगह लघु सेतु बनाने की मांग की है। वहीं, सिमौनी नाले में भी पानी बढ़ने से रपटे पर आवागमन प्रभावित है। आसपास के ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर निकलना पड़ रहा है। नाले के उफान पर होने से हादसे का खतरा बना हुआ है।
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बारिश में पुलिया की मिट्टी बही, रास्ते में बनी गहरी खाई
पैलानी। खप्टिहा कलां कस्बे में लोक निर्माण विभाग की ओर से करीब 90 लाख रुपये की लागत से बस स्टैंड से पंचायत भवन और पाथादाई मंदिर तक बनाई जा रही सीसी सड़क के बीच बनी पुलिया के किनारे डाली गई मिट्टी बारिश में बह गई। निर्माण को अभी 15 दिन भी पूरे नहीं हुए हैं। मिट्टी बहने से पुलिया के किनारे गहरी खाई बन गई है। स्थानीय कल्लू, सविता, सुकरू तिवारी, गया प्रसाद, रघु विश्वकर्मा, रविकरण तिवारी और राकेश शर्मा ने अधिकारियों और ठेकेदार से सड़क व पुलिया के आसपास मिट्टी डालकर रास्ता सुरक्षित कराने की मांग की है। संवाद
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