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अन्ना पशुओं के हमले में मरे किसान के पुत्र की भी मौत
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अतर्रा। थाना क्षेत्र के साजन पुरवा (पिंडखर) में 18 अक्तूबर की शाम खेत में रखवाली करते समय अन्ना पशुओं के हमले में जान गंवा बैठे रामआसरे यादव के युवा पुत्र हनुमान यादव (35) की भी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक पिता की मौत के बाद वह सदमे में बीमार था और कानपुर में इलाज चल रहा था। एक माह के अंदर पिता-पुत्र की मौत से परिवार बुरी तरह शोकग्रस्त है।
परिजनों ने हनुमान के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया। वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। चार नाबालिग बच्चे और पत्नी छोड़ गया है। उधर, पिता की मौत के बाद युवा भाई की मौत पर चचेरे भाई शिवनरेश (18) की भी हालत खराब हो गई। उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
परिजनों का कहना है कि रामआसरे की अन्ना पशुओं के हमले में हुई मौत के बाद प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली। न ही किसी तरह की मदद दी गई। यहां तक कि पिता की भूमि के वरासत के लिए हनुमान तहसील व ब्लाक कार्यालय के चक्कर लगाता रहा। उधर, लेखपाल संतोष कुमार खरे ने बताया कि अभिलेख पूरे न होने से वरासत दर्ज नहीं हो सकी है। एसडीएम सौरभ शुक्ला ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। पता करके जांच करवाएंगे।
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परिजनों ने हनुमान के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया। वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। चार नाबालिग बच्चे और पत्नी छोड़ गया है। उधर, पिता की मौत के बाद युवा भाई की मौत पर चचेरे भाई शिवनरेश (18) की भी हालत खराब हो गई। उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
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परिजनों का कहना है कि रामआसरे की अन्ना पशुओं के हमले में हुई मौत के बाद प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली। न ही किसी तरह की मदद दी गई। यहां तक कि पिता की भूमि के वरासत के लिए हनुमान तहसील व ब्लाक कार्यालय के चक्कर लगाता रहा। उधर, लेखपाल संतोष कुमार खरे ने बताया कि अभिलेख पूरे न होने से वरासत दर्ज नहीं हो सकी है। एसडीएम सौरभ शुक्ला ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। पता करके जांच करवाएंगे।
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