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आज ताज महोत्सव में गूंजेंगे अंजली के सुरीले स्वर
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गायिका अंजली।
- फोटो : BANDA
बांदा। प्रेम के प्रतीक ताजमहल के 29वें ताज महोत्सव पर बुंदेलखंड की किशोर गायिका अंजली वर्मा के सुरीले स्वर भी गूंजेंगे। 28 फरवरी (शुक्रवार) को हो रहे महोत्सव में अंजली बसंत गीत, गजल और लोकगीत से बुंदेलखंड का नाम रोशन करेगी।
तेजी से उभरी किशोर गायिका अंजली वर्मा को ताज महोत्सव में आमंत्रित किया गया है। इस वर्ष महोत्सव की थीम ‘संस्कृति के रंग, ताज के संग’ निर्धारित की गई है। अंजली ताज महोत्सव में बुंदेलखंड की इकलौती गायिका/कलाकार हैं। वहां उसे मुक्ता काशी मंच के मंच पर अपने गीतों से समां बांधने का मौका मिलेगा।
अंजली ने बताया कि उसे महोत्सव में अपनी मेधा का प्रदर्शन करने का मौका दिलाने का श्रेय पूर्व डीएम हीरा लाल और बांदा एआरटीओ राजेश कुमार वर्मा को है। अंजली अपने गुरु देवीदयाल खयालिया और शफीक खां के निर्देशन में अभी भी संगीत सीख रही हैं।
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उसे आकाशवाणी और दूरदर्शन में भी अपनी मेधा का प्रदर्शन करने का अवसर मिल चुका है। 16 वर्षीय अंजली बांदा में जीजीआईसी में इंटर की छात्रा है। पिता परिषदीय स्कूल में सहायक अध्यापक हैं। अंजली ने अपने छोटे भाई-बहनों को भी गायन और संगीत मेधा में दक्ष कर दिया है।
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तेजी से उभरी किशोर गायिका अंजली वर्मा को ताज महोत्सव में आमंत्रित किया गया है। इस वर्ष महोत्सव की थीम ‘संस्कृति के रंग, ताज के संग’ निर्धारित की गई है। अंजली ताज महोत्सव में बुंदेलखंड की इकलौती गायिका/कलाकार हैं। वहां उसे मुक्ता काशी मंच के मंच पर अपने गीतों से समां बांधने का मौका मिलेगा।
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अंजली ने बताया कि उसे महोत्सव में अपनी मेधा का प्रदर्शन करने का मौका दिलाने का श्रेय पूर्व डीएम हीरा लाल और बांदा एआरटीओ राजेश कुमार वर्मा को है। अंजली अपने गुरु देवीदयाल खयालिया और शफीक खां के निर्देशन में अभी भी संगीत सीख रही हैं।
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उसे आकाशवाणी और दूरदर्शन में भी अपनी मेधा का प्रदर्शन करने का अवसर मिल चुका है। 16 वर्षीय अंजली बांदा में जीजीआईसी में इंटर की छात्रा है। पिता परिषदीय स्कूल में सहायक अध्यापक हैं। अंजली ने अपने छोटे भाई-बहनों को भी गायन और संगीत मेधा में दक्ष कर दिया है।