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बिजली संकट पर फूटा आक्रोश, सबस्टेशन पर पथराव

Fri, 14 Aug 2015 12:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा Updated Fri, 14 Aug 2015 12:21 AM IST
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Anger against the power crisis, threw stones at substation

पीली कोठी सबस्टेशन की ओसीबी बीते 72 घंटे में तीन बार फुंकने से भीषण बिजली संकट से जूझ रहे लोगों का आक्रोश बुधवार की रात को फूट पड़ा। आधा सैकड़ा लोगों ने सबस्टेशन पर धावा बोलकर पथराव किया। बवाल बढ़ता देख कर्मचारी सबस्टेशन छोड़कर भाग खड़े हुए।

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हंगामे के काफी देर बाद पहुंची पुलिस ने लाठियां पटककर भीड़ को खदेड़ा। कई लोग चुटहिल भी हुए। बाद में पुलिस की मौजूदगी में बिजली कर्मियों ने उपकरणों की मरम्मत की, लेकिन चंद घंटे बाद दोबारा फाल्ट से फिर अंधेरा छा गया। नतीजे में गुरुवार को भी दिन भर बिजली गुल रही।
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मंगलवार और बुधवार को शहर के पीलीकोठी बिजली सबस्टेशन में फाल्टों की झड़ी लग गई। जैसे ही कर्मचारी एक फाल्ट ठीक करके सप्लाई शुरू करते फिर कोई न कोई समस्या खड़ी हो जाती और शहर के मोहल्लों की बिजली गुल हो जाती।
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मंगलवार को ओसीबी फुंकने के दूसरे दिन बुधवार की सुबह इनकमिंग सर्किट ब्रेकर के स्पाउट फुंक गए थे। बमुश्किल देर शाम तक इन्हें दुरुस्त कर आपूर्ति शुरू हुई लेकिन सिर्फ एक घंटे बाद ही रात करीब 10 बजे एक बार फिर ओसीबी इनकमिंग ब्रेकर फट गया। इससे शहर के कई मोहल्लों समेत कुछ गांवों में अंधेरा छा गया। एक ही सब स्टेशन पर बार बार गड़बड़ी से लोगों का आक्रोश फूट पड़ा।

यहां रहा बिजली संकट
रेलवे स्टेशन, मर्दन नाका, खाईंपार, खूंटी चौराहा, अलीगंज, चौक बाजार, छावनी, बलखंडी नाका, महेश्वरी देवी, गूलर नाका, कटरा, छाबी तालाब, छोटी बाजार, झंडा चौराहा, कर्बला, डिग्गी चौराहा समेत खत्री पहाड़, महुआ, खुरहंड, गिरवां समेत आधा से अधिक शहर।

हंगामे के बाद तीन नए फीडर लगाने का निर्णय

पुलिस की मौजूदगी में पूरी रात बिजली कर्मी मरम्मत में जुटे रहे लेकिन सफलता नहीं मिली। मजबूरन कारपोरेशन अधिकारियों ने तीन नए फीडर लगाने का निर्णय लिया। गुरुवार को दिन में इनकमिंग समेत छोटी बाजार व अलीगंज के पुराने फीडर बदलने का काम हुआ।

देर शाम तक आपूर्ति बहाल हो सकी। उधर, बिजली संकट से प्रभावित इलाकों में पानी के लिए भी हायतौबा मची रही। दिन-रात बिजली गुल होने से कारोबार पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इससे पहले बुधवार को दिन भर बिजली गुल रहने के बाद रात को फिर बिजली जाने पर उपभोक्ताओं में रोष पनप गया।

सब स्टेशन में इकट्ठा उपभोक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ उत्तेजित युवाओं ने पथराव कर दिया। पुलिस ने लाठियां पटककर भीड़ को बाहर खदेड़ गेट बंद कर लिया। भगदड़ में बलखंडी नाका निवासी भूपेंद्र सिंह गौतम सहित कई उपभोक्ता चुटहिल हुए।

13 साल पुराने हैं फीडर
सबस्टेशन उपखंड अधिकारी आशीष कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि पीली कोठी सब स्टेशन में लगे सभी फीडर 13 साल पुराने हैं। इसी से आए दिन फाल्ट हो रहे हैं। भूरागढ़ सबस्टेशन में पैक रखे नए तीन फीडर मंगवाकर यहां लगवाए जा रहे हैं। एक ओसीबी की कीमत लगभग 6 लाख रुपये बताई गई।

उपकरणों के मेंटीनेंस बजट में खेल
मेंटीनेंस बजट में खेल हो रहा है। सबस्टेशन में उपकरणों की मरम्मत के लिए हर माह 2 लाख रुपये बजट आता है, लेकिन यह राशि मेंटीनेंस की बजाए अधिकारियों के वाहनों के डीजल व अन्य कार्यों पर खर्च हो रहा है। बजट का सही इस्तेमाल हो तो उपभोक्ताओं को फाल्ट से होने वाले बिजली संकट से न जूझना पड़े।


एसडीओ ने बताया कि तीन माह में उपकरणों का मेंटीनेंस जरूरी है। एक ओसीबी की मरम्मत में लगभग 20 हजार रुपये खर्च होते हैं। मेंटीनेंस के लिए स्वीकृत दो लाख बजट नाकाफी है। यह राशि वाहनों के डीजल, हाइड्रो वाहन व अन्य कामों में ही खर्च हो जाती है। ओसीबी का मेंटीनेंस कैसे हो।

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