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अंबेडकर पार्क में बना स्मारक हटाया
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Tue, 29 Sep 2015 11:46 PM IST
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वरिष्ठ महिला चिकित्सक रहीं डॉ. अनीता सागर की
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अस्थियां सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति अंबेडकर पार्क में दफनाकर बनाया गया
स्मारक 15 घंटे बाद ही हटा दिया गया।
अंबेडकर पार्क से जुड़े कुछ लोगों की आपत्ति पर अमर उजाला में यह खबर फोटो सहित प्रकाशित हुई थी। उधर, डॉ. अनीता के परिवार ने कहा कि समाधि निर्माण से हमारा कोई संबंध नहीं है।
कलेक्ट्रेट के नजदीक नेशनल हाइवे के फुटपाथ पर बने अंबेडकर पार्क में सोमवार की शाम महिला अस्पताल की चिकित्सक रहीं डॉ. अनीता सागर की अस्थियां दफना कर स्मारक बना दिया गया था।
यह बिना किसी अनुमति के हुआ था। देर शाम पता चलने पर अखिल भारतीय अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण संघ अध्यक्ष राजाराम गुरुदेव ने इस पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से शिकायत की थी। मीडिया को भी सूचना दी थी।
मंगलवार को सुबह ही अज्ञात लोगों ने आनन-फानन में स्मारक खोदकर खत्म कर दिया। वहां सिर्फ अब गड्ढे का निशान बचा है। हालांकि संवेदनशील मामले में प्रशासन ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। स्वर्गीय अनीता के पति डॉ. पीएस सागर ने लिखित रूप से कहा है कि उनकी पत्नी की अंबेडकर पार्क में अस्थियां दफनाकर छोटा स्मारक बनाने पर उनकी या उनके परिवार की कोई भूमिका या सहमति नहीं है और न ही जानकारी है।
उधर, अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण संघ अध्यक्ष राजाराम गुरुदेव ने बताया कि मार्च 1995 में उनके संघ ने ही इस पार्क में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की अर्जी डीएम को दी थी।
अगले माह अप्रैल में शासन की मंजूरी मिलने के बाद तत्कालीन डीएम ने प्रतिमा लगाने की अनुमति दी थी। गुरुदेव ने कहा कि यह सार्वजनिक और सरकारी स्थल है। बिना अनुमति के यहां कोई नया काम नहीं हो सकता।
अंबेडकर पार्क से जुड़े कुछ लोगों की आपत्ति पर अमर उजाला में यह खबर फोटो सहित प्रकाशित हुई थी। उधर, डॉ. अनीता के परिवार ने कहा कि समाधि निर्माण से हमारा कोई संबंध नहीं है।
कलेक्ट्रेट के नजदीक नेशनल हाइवे के फुटपाथ पर बने अंबेडकर पार्क में सोमवार की शाम महिला अस्पताल की चिकित्सक रहीं डॉ. अनीता सागर की अस्थियां दफना कर स्मारक बना दिया गया था।
यह बिना किसी अनुमति के हुआ था। देर शाम पता चलने पर अखिल भारतीय अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण संघ अध्यक्ष राजाराम गुरुदेव ने इस पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से शिकायत की थी। मीडिया को भी सूचना दी थी।
मंगलवार को सुबह ही अज्ञात लोगों ने आनन-फानन में स्मारक खोदकर खत्म कर दिया। वहां सिर्फ अब गड्ढे का निशान बचा है। हालांकि संवेदनशील मामले में प्रशासन ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। स्वर्गीय अनीता के पति डॉ. पीएस सागर ने लिखित रूप से कहा है कि उनकी पत्नी की अंबेडकर पार्क में अस्थियां दफनाकर छोटा स्मारक बनाने पर उनकी या उनके परिवार की कोई भूमिका या सहमति नहीं है और न ही जानकारी है।
उधर, अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण संघ अध्यक्ष राजाराम गुरुदेव ने बताया कि मार्च 1995 में उनके संघ ने ही इस पार्क में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की अर्जी डीएम को दी थी।
अगले माह अप्रैल में शासन की मंजूरी मिलने के बाद तत्कालीन डीएम ने प्रतिमा लगाने की अनुमति दी थी। गुरुदेव ने कहा कि यह सार्वजनिक और सरकारी स्थल है। बिना अनुमति के यहां कोई नया काम नहीं हो सकता।