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हड़ताल से बंद रहीं आठों मंडियां

Fri, 10 Jul 2020 11:24 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2020 11:24 PM IST
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All eight mandis were closed due to strike
विष्णू गुप्ता। - फोटो : BANDA
बांदा। जिले की सभी आठ मंडियों में दूसरे दिन भी हड़ताल से ताला बंदी रही। व्यापारियों ने मंडी शुल्क का विरोध/धरना जारी रखा। डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ताजे आंकड़ों के मुताबिक इस हड़ताल से जिले में रोजाना लगभग सात करोड़ का मंडी कारोबार ठप रहा। सरकार को भी ढाई फीसदी मंडी शुल्क नहीं मिल रहा।
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तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन मुख्यालय की तिंदवारी रोड स्थित मंडी समिति में गल्ला व्यापारियों की आढ़तें सूनी रहीं। यहां काम करने वाले मजदूर भी खाली बैठे रहे। उद्योग व्यापार मंडल के मंडल अध्यक्ष विष्णु कुमार गुप्ता के नेतृत्व में व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। मुख्यमंत्री से मंडी समितियों के अंदर लगने वाला शुल्क समाप्त करने की मांग की गई।
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प्रदेश में क्यों लागू है मंडी शुल्क
जब पूरे देश से मंडी शुल्क समाप्त किया जा चुका है तो प्रदेश में क्यों लिया जा रहा है? इसे समाप्त करने का व्यापारियों ने स्वागत किया था। हड़ताल से व्यापारियों के साथ किसान और मजदूर भी प्रभावित हो रहे हैं। -विष्णु कुमार गुप्ता, मंडल अध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल, बांदा।
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किसान हो रहे परेशान
वर्तमान समय में चना, मसूर, मटर, अलसी, लाही और गेहूं बेचने किसान मंडी आ रहा है। हड़ताल से व्यापार प्रभावित हो रहा है। इसमें सरकार को जल्द कोई ठोस निर्णय लेना चाहिए।-राजकुमार गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, गल्ला व्यापार मंडल, बांदा।

राजकुमार गुप्ता।

राजकुमार गुप्ता।- फोटो : BANDA

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