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ऐशोआराम के आदी जेई को रास नहीं आ रही जेल
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फोटो-1- जेई रामभवन- फाइल फोटो
- फोटो : CHITRAKUTT
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बांदा। जेई के पद पर रहकर ऐशोआराम का जीवन बिताने वाले बच्चों के यौन उत्पीड़न के आरोपी रामभवन जेल में बेचैन है। उसने जेल पहुंचने के बाद दो दिन खाना नहीं खाया। रात भी बेचैनी से बिताई। बैरक में गुमसुम बैठकर समय बिता रहा है।
आरोपी जेई को सीबीआई ने दो दिन पहले अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। जेल प्रशासन ने उसे फिलहाल बैरक नंबर-16 में रखा है। यह बैरक क्वारंटीन बैरक के रूप में आरक्षित है। नए बंदियों को 14 दिन तक यहीं रखा जाता है। इसके बाद उन्हें दूसरी बैरक में भेजा जाता है।
आरोपी अभियंता के साथ इस बैरक में दो और बंदी भी रखे गए हैं। ये दूसरे मामलों में आरोपी हैं। सूत्रों के मुताबिक रामभवन ने जेल पहुंचने के बाद दो दिन खाना नहीं खाया। न ही किसी से बातचीत की। गुरुवार देर शाम दो रोटी और दाल खाई। ज्यादातर समय वह बैरक के एक कोने में बैठकर खामोशी से बिता रहा है। सिरदर्द की शिकायत बताने पर जेल से उसे दवा दी गई। गुरुवार की रात करवटें बदलकर बिताई।
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प्रभारी कारागार अधीक्षक प्रमोद तिवारी ने बताया कि कोविड गाइड लाइन के अनुसार नए बंदियों को पहले अलग बैरक में क्वारंटीन रखा जाता है। इसके आरोपी रामभवन को भी क्वारंटीन बैरक में 14 दिन के लिए रखा गया है। यह बताया कि उसकी पत्नी ने मुलाकात के लिए अर्जी दी थी, लेकिन कोरोना काल में मुलाकात पर रोक है।
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आरोपी जेई को सीबीआई ने दो दिन पहले अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। जेल प्रशासन ने उसे फिलहाल बैरक नंबर-16 में रखा है। यह बैरक क्वारंटीन बैरक के रूप में आरक्षित है। नए बंदियों को 14 दिन तक यहीं रखा जाता है। इसके बाद उन्हें दूसरी बैरक में भेजा जाता है।
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आरोपी अभियंता के साथ इस बैरक में दो और बंदी भी रखे गए हैं। ये दूसरे मामलों में आरोपी हैं। सूत्रों के मुताबिक रामभवन ने जेल पहुंचने के बाद दो दिन खाना नहीं खाया। न ही किसी से बातचीत की। गुरुवार देर शाम दो रोटी और दाल खाई। ज्यादातर समय वह बैरक के एक कोने में बैठकर खामोशी से बिता रहा है। सिरदर्द की शिकायत बताने पर जेल से उसे दवा दी गई। गुरुवार की रात करवटें बदलकर बिताई।
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प्रभारी कारागार अधीक्षक प्रमोद तिवारी ने बताया कि कोविड गाइड लाइन के अनुसार नए बंदियों को पहले अलग बैरक में क्वारंटीन रखा जाता है। इसके आरोपी रामभवन को भी क्वारंटीन बैरक में 14 दिन के लिए रखा गया है। यह बताया कि उसकी पत्नी ने मुलाकात के लिए अर्जी दी थी, लेकिन कोरोना काल में मुलाकात पर रोक है।