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जीवन व आयु का वेद है आयुर्वेद
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Wed, 20 Jan 2016 11:28 PM IST
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अतर्रा। आयुर्वेद विश्व की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति
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ही नहीं, बल्कि जीवन या आयु के वेद है। यह सार्वभौमिक, सार्वकालिक तथा
प्राणी मात्र के लिए है। ये बातें अतर्रा आयुर्वेदिक महाविद्यालय के डॉ.
संजय कुमार सिंह ने कार्यशाला में कहीं।
कृषि स्नातक छात्र समिति, कृषि संकाय अतर्रा स्नातकोत्तर महाविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित ‘एग्रीघोष’ कार्यक्रम के तहत ‘हेल्दी वेल्दी लाइफ विद आयुर्वेद’ विषय पर बुधवार को आयोजित कार्यशाला में डॉ. संजय ने कहा कि आयुर्वेदिक पद्धति से औषधीय महत्व के पौधों से रोगों का उपचार किया जाता है।
कृषि क्षेत्र में इन औषधीय महत्व के पौधों की वैज्ञानिक खेती, संरक्षण, प्रसंस्करण और संवर्धन की तकनीकों का विस्तार से अध्ययन किया जाता है।
सेमिनार को डॉ. हरिश्चंद्र कुशवाहा, डॉ. अतुल वार्ष्णेय व डॉ. रमाकांत ने भी संबोधित किया। अतर्रा महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. अभिलाष कुमार श्रीवास्तव ने सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
संचालन डॉ. मोहम्मद हलीम खां ने किया। संयोजक समिति के डॉ. वीके चक्रवर्ती, डॉ. संजय श्रीवास्तव, डॉ. नवल किशोर गुप्त, डॉ. सीएल कुशवाहा, डॉ. सुग्रीव मौर्य, विनोद कुमार कुशवाहा, डॉ. सियाराम, डॉ. अनंत त्रिपाठी, डॉ. आरबी कुशवाहा, डॉ. पीके विश्वकर्मा, डॉ. डीसी गुप्ता समेत बीएससी कृषि के सभी छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कृषि स्नातक छात्र समिति, कृषि संकाय अतर्रा स्नातकोत्तर महाविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित ‘एग्रीघोष’ कार्यक्रम के तहत ‘हेल्दी वेल्दी लाइफ विद आयुर्वेद’ विषय पर बुधवार को आयोजित कार्यशाला में डॉ. संजय ने कहा कि आयुर्वेदिक पद्धति से औषधीय महत्व के पौधों से रोगों का उपचार किया जाता है।
कृषि क्षेत्र में इन औषधीय महत्व के पौधों की वैज्ञानिक खेती, संरक्षण, प्रसंस्करण और संवर्धन की तकनीकों का विस्तार से अध्ययन किया जाता है।
सेमिनार को डॉ. हरिश्चंद्र कुशवाहा, डॉ. अतुल वार्ष्णेय व डॉ. रमाकांत ने भी संबोधित किया। अतर्रा महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. अभिलाष कुमार श्रीवास्तव ने सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
संचालन डॉ. मोहम्मद हलीम खां ने किया। संयोजक समिति के डॉ. वीके चक्रवर्ती, डॉ. संजय श्रीवास्तव, डॉ. नवल किशोर गुप्त, डॉ. सीएल कुशवाहा, डॉ. सुग्रीव मौर्य, विनोद कुमार कुशवाहा, डॉ. सियाराम, डॉ. अनंत त्रिपाठी, डॉ. आरबी कुशवाहा, डॉ. पीके विश्वकर्मा, डॉ. डीसी गुप्ता समेत बीएससी कृषि के सभी छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।