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‘सुप्रीम’ आदेश के बाद 1600 शिक्षामित्रों में जागी उम्मीद
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बांदा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बाद जिले के 1600 शिक्षामित्रों को फिर उम्मीद जागी है कि वे सहायक अध्यापक बनेंगे। इनके साथ गुड़ दिखाकर धेला मारा जैसा व्यवहार हुआ है। समायोजन में सहायक अध्यापक नियुक्त हो जाने के कई माह बाद हाईकोर्ट के आदेश पर इन्हें फिर वापस शिक्षामित्र बना दिया गया था।
सुप्रीमकोर्ट ने शनिवार (18 जनवरी) को उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिए हैं कि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया छह हफ्ते के अंदर शुरू करें, ताकि योग्य शिक्षामित्रों को नियमित शिक्षक बनने का अवसर मिल सके। यह प्रक्रिया छह माह में पूरी करने को भी कहा है। सुप्रीमकोर्ट ने कहा है कि शिक्षामित्रों की बड़ी संख्या के मद्देनजर उनके शिक्षक बनने की संभावनाओं को देखते हुए नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।
प्रदेश की तत्कालीन सपा सरकार ने जिले के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत 946 शिक्षामित्रों को पहली अगस्त 2014 में व 654 शिक्षामित्रों को मई 2015 में सहायक अध्यापक बनाया था, लेकिन 25 जुलाई 217 को हाईकोर्ट ने इस समायोजन को खारिज कर दिया था।
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शिक्षामित्र अपने मूल पद और स्थान पर आ गए। शिक्षामित्रों ने हाईकोर्ट के इस आदेश के विरुद्ध सुप्रीमकोर्ट में याचिका दायर की थी। प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद योग्य शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनने का मौका मिलेगा।
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सुप्रीमकोर्ट ने शनिवार (18 जनवरी) को उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिए हैं कि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया छह हफ्ते के अंदर शुरू करें, ताकि योग्य शिक्षामित्रों को नियमित शिक्षक बनने का अवसर मिल सके। यह प्रक्रिया छह माह में पूरी करने को भी कहा है। सुप्रीमकोर्ट ने कहा है कि शिक्षामित्रों की बड़ी संख्या के मद्देनजर उनके शिक्षक बनने की संभावनाओं को देखते हुए नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।
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प्रदेश की तत्कालीन सपा सरकार ने जिले के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत 946 शिक्षामित्रों को पहली अगस्त 2014 में व 654 शिक्षामित्रों को मई 2015 में सहायक अध्यापक बनाया था, लेकिन 25 जुलाई 217 को हाईकोर्ट ने इस समायोजन को खारिज कर दिया था।
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शिक्षामित्र अपने मूल पद और स्थान पर आ गए। शिक्षामित्रों ने हाईकोर्ट के इस आदेश के विरुद्ध सुप्रीमकोर्ट में याचिका दायर की थी। प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद योग्य शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनने का मौका मिलेगा।