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महीने भर बाद सऊदी से आया युवक का शव
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After a month, the body of the young man came from Saudi
- फोटो : BANDA
तिंदवारी। सऊदी अरब से एक माह बाद युवक का शव आया तो परिजन बिलख पड़े। मूक बधिर पत्नी शव देखकर कुछ बोल तो नहीं सकी, अलबत्ता बेहाल हो गई। आठ वर्ष के बेटे और बहनों का भी रो-रोकर हाल बेहाल रहा।
तिंदवारी के गांधीनगर का अच्छेलाल उर्फ रजनीकांत पिता के निधन के बाद मां और छोटे भाई-बहनों, पत्नी और पुत्र की परवरिश के लिए वर्ष 2019 में पासपोर्ट/वीजा बनवाकर सऊदी अरब के रियाद शहर पहुंच गया। वहां उसे एक परिवार में सर्विस स्टाफ के रूप में 700 रियाल (14 हजार रुपये) मासिक पर नौकरी मिल गई।
तब से वह नौकरी कर रहा था। हर माह उसके भेजे पैसे से घर का खर्च चल रहा था। सब कुछ ठीक चल रहा था। पिछले माह चार नवंबर को अचानक आई एक काल ने अच्छेलाल के परिवार के अच्छे दिन खत्म कर दिए। फोन पर बताया गया कि अच्छेलाल की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। वह 35 वर्ष का था।
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अच्छेलाल का शव पैतृक गांव लाने के लिए सऊदी सरकार में तभी से प्रक्रिया चल रही थी। कई कागजात तैयार कराकर घर वालों ने दिल्ली स्थित सऊदी अरब दूतावास भेजे। अंतत: एक माह बाद अब 5 दिसंबर को अच्छेलाल का शव रियाद से जहाज द्वारा लखनऊ भेजा गया। वहां से परिजन शव लेकर आए हैं।
भाई ज्ञानेेंद्र ने बताया कि अच्छेलाल ने घर आने के लिए 24 नवंबर की फ्लाइट का टिकट बुक कराया था, लेकिन 4 नवंबर को ही उसकी वहां मौत हो गई। अब उसका शव आया है। उजड़ा सुहाग देखकर मूक बधिर पत्नी चेतना बेहोश हो गई। होश आने पर शव से लिपटकर बार-बार रोई। अच्छेलाल आठवीं तक पढ़ा था। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए कमाने विदेश चला गया था।
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तिंदवारी के गांधीनगर का अच्छेलाल उर्फ रजनीकांत पिता के निधन के बाद मां और छोटे भाई-बहनों, पत्नी और पुत्र की परवरिश के लिए वर्ष 2019 में पासपोर्ट/वीजा बनवाकर सऊदी अरब के रियाद शहर पहुंच गया। वहां उसे एक परिवार में सर्विस स्टाफ के रूप में 700 रियाल (14 हजार रुपये) मासिक पर नौकरी मिल गई।
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तब से वह नौकरी कर रहा था। हर माह उसके भेजे पैसे से घर का खर्च चल रहा था। सब कुछ ठीक चल रहा था। पिछले माह चार नवंबर को अचानक आई एक काल ने अच्छेलाल के परिवार के अच्छे दिन खत्म कर दिए। फोन पर बताया गया कि अच्छेलाल की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। वह 35 वर्ष का था।
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अच्छेलाल का शव पैतृक गांव लाने के लिए सऊदी सरकार में तभी से प्रक्रिया चल रही थी। कई कागजात तैयार कराकर घर वालों ने दिल्ली स्थित सऊदी अरब दूतावास भेजे। अंतत: एक माह बाद अब 5 दिसंबर को अच्छेलाल का शव रियाद से जहाज द्वारा लखनऊ भेजा गया। वहां से परिजन शव लेकर आए हैं।
भाई ज्ञानेेंद्र ने बताया कि अच्छेलाल ने घर आने के लिए 24 नवंबर की फ्लाइट का टिकट बुक कराया था, लेकिन 4 नवंबर को ही उसकी वहां मौत हो गई। अब उसका शव आया है। उजड़ा सुहाग देखकर मूक बधिर पत्नी चेतना बेहोश हो गई। होश आने पर शव से लिपटकर बार-बार रोई। अच्छेलाल आठवीं तक पढ़ा था। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए कमाने विदेश चला गया था।

After a month, the body of the young man came from Saudi- फोटो : BANDA