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बांदाः 12 साल बाद 57 फीसदी भरा रनगवां बांध, फसलों की तीन बार हो जाएगी सिंचाई
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बांदा। बारिश के करीब तीन माह पूरे हो चुके हैं। इस बार वर्ष 2009 के बाद रनगवां बांध में कुल क्षमता का 57 फीसदी पानी एकत्र हुआ है। इतने पानी से बुंदेलखंड के करीब 12 लाख किसानों के खेतों की रबी के सीजन में तीन बार सिंचाई हो जाएगी।
सरकारी समझौते के तहत बांध से सिंचाई के लिए यूपी को 70 फीसदी और एमपी को 30 फीसदी पानी मिलता है। बारिश में इस बांध में पानी एकत्र किया जाता है। फिर बुंदेलखंड में खेतों की सिंचाई के लिए पानी केन नहर के माध्यम से मिलता है। रनगवां बांध के पानी से बुंदेलखंड में रबी की फसल की सिंचाई होती है।
रबी की फसल को देखते हुए नवंबर से इस बांध के पानी को केन नहर के माध्यम से बुंदेलखंड में सिंचाई के लिए छोड़ा जाता है। इस बार करीब 12 साल बाद रनगवां बांध में इतना पानी एकत्र कर लिया गया है कि कम से कम तीन बार फसलों की सिंचाई आसानी से हो जाएगी।
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फसलें होती रहीं प्रभावित
चार साल से रनगवां बांध में पानी कुल क्षमता का 25 से 30 फीसदी तक ही एकत्र हो पाता रहा है। करीब 70 फीसदी तक पानी की कमी ही रही। इसलिए रबी की फसल को सिर्फ एक बार ही पानी मिल पाता रहा है। फसलों को कम पानी मिलने के चलते पैदावार लगातार प्रभावित रही है। इस बार 57 फीसदी तक बांध में पानी आ जाने से रबी की फसल की तीन बार सिंचाई हो जाएगी। पैदावार भी बढ़ेगी।
...तो औसतन भर जाएगा
सिंचाई के विभाग के मुताबिक रनगवां बांध की क्षमता 5800 एमसीएफटी (लाख घन फुट) है। चार साल बाद औसत बारिश होने से करीब 57 फीसदी तक पानी एकत्र हुआ है। बांध क्षेत्र में अब तक करीब 610 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता श्याम जी चौबे का कहना है कि कैच मेंट एरिया में करीब 70 से 80 मिलीमीटर बारिश और हो जाए तो बांध औसतन भर पाएगा।
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सरकारी समझौते के तहत बांध से सिंचाई के लिए यूपी को 70 फीसदी और एमपी को 30 फीसदी पानी मिलता है। बारिश में इस बांध में पानी एकत्र किया जाता है। फिर बुंदेलखंड में खेतों की सिंचाई के लिए पानी केन नहर के माध्यम से मिलता है। रनगवां बांध के पानी से बुंदेलखंड में रबी की फसल की सिंचाई होती है।
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रबी की फसल को देखते हुए नवंबर से इस बांध के पानी को केन नहर के माध्यम से बुंदेलखंड में सिंचाई के लिए छोड़ा जाता है। इस बार करीब 12 साल बाद रनगवां बांध में इतना पानी एकत्र कर लिया गया है कि कम से कम तीन बार फसलों की सिंचाई आसानी से हो जाएगी।
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फसलें होती रहीं प्रभावित
चार साल से रनगवां बांध में पानी कुल क्षमता का 25 से 30 फीसदी तक ही एकत्र हो पाता रहा है। करीब 70 फीसदी तक पानी की कमी ही रही। इसलिए रबी की फसल को सिर्फ एक बार ही पानी मिल पाता रहा है। फसलों को कम पानी मिलने के चलते पैदावार लगातार प्रभावित रही है। इस बार 57 फीसदी तक बांध में पानी आ जाने से रबी की फसल की तीन बार सिंचाई हो जाएगी। पैदावार भी बढ़ेगी।
...तो औसतन भर जाएगा
सिंचाई के विभाग के मुताबिक रनगवां बांध की क्षमता 5800 एमसीएफटी (लाख घन फुट) है। चार साल बाद औसत बारिश होने से करीब 57 फीसदी तक पानी एकत्र हुआ है। बांध क्षेत्र में अब तक करीब 610 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता श्याम जी चौबे का कहना है कि कैच मेंट एरिया में करीब 70 से 80 मिलीमीटर बारिश और हो जाए तो बांध औसतन भर पाएगा।