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बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे में भूमि न बेचने पर होगा अधिग्रहण
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए जिले के कई किसान अपनी भूमि आपसी सहमति से यूपीडा को बेचने पर राजी नहीं हैं। नतीजे में 28 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि अब तक नहीं ली जा सकी। प्रशासन इस भूमि को हासिल करने के लिए अब भूअर्जन/अधिग्रहण कार्रवाई की तैयारी में है। डीएम आनंद कुमार सिंह ने मंगलवार को एक्सप्रेस-वे के कामों की समीक्षा की। साथ ही निर्माण स्थल का मुआयना किया।
जिलाधिकारी के कैंप कार्यालय में मंगलवार को सुबह बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे परियोजना की बैठक में अवशेष भूमि और अन्य समस्याओं पर चर्चा हुई। तहसीलदार सदर अवधेश कुमार निगम ने अवगत कराया कि कुछ कृषक अपनी भूमि को आपसी सहमति से बैनामे पर देने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में उनकी भूमि का नियमत: भू-अर्जन कार्रवाई करनी होगी। एक्सप्रेस-वे की चिह्ति भूमि में अभी 28.74 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण के लिए बाकी है। एक्सप्रेस-वे निर्माण करा रहे पैकेज-एक के अधिशासी अभियंता कुमार गौरव (पीआईयू) ने बताया कि मवई खुर्द और तिलेहटा गांवों के पास 1500 मीटर जमीन अतिशीघ्र खरीदा जाना जरूरी है। इस पर सदर तहसीलदार ने कहा कि यह भूमि अर्जन में शामिल है।
पैकेज-2 के अधिशासी अभियंता कमलेश कुमार ने बताया कि मवई गांव में एक मकान आड़े आ रहा है। इस मकान का मुकदमा किसी अदालत में विचाराधीन है। डीएम ने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि पता करें कि यह मुकदमा क्यों और किस अदालत में चल रहा है? ताकि उसकी पैरवी कराई जा सके। डीएम ने कहा कि जो भूमि आपसी समझौते से नहीं मिल पा रही और उसके लिए विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्वस्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 के तहत समयबद्ध ढंग से कार्रवाई करें।
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बैठक के बाद डीएम ने मवई गांव के पास निर्माणाधीन बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और फ्लाईओवर का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। दोनों पैकेज के अधिशासी अभियंता से कहा कि काम में और तेजी लाएं। कोई अड़चन या समस्या आए तो उन्हें बताएं। मौके पर मौजूद उप जिलाधिकारी सुधीर कुमार और तहसीलदार को निर्देश दिए कि इस पर लगातार नजर रखें। बैठक और निरीक्षण में विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी महेंद्र प्रताप सहित सदर तहसीलदार, एपीसीओ के जीएम रामप्रताप चौधरी व संजय कुमार मौर्य (हाईवे) उपस्थित रहे।
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बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे एक नजर में-
1. जनपद में प्रस्तावित सड़क- 61.31 किलोमीटर
2. शामिल गांव- 28
3. कुल रकबा- 794.3940 हेक्टेयर
4. खरीदने के लिए क्षेत्रफल- 741.6397 हेक्टेयर
5. अब तक कुल खरीदा गया क्षेत्रफल- 711.8832 हेक्टेयर
6. अधिग्रहण के लिए कुल अवशेष भूमि- 28.5451 हेक्टेयर
7. हाईवे पर प्रस्तावित पुल- 3 (केन व बागै नदी)
8. मिट्टी के कार्य की प्रगति- 70 प्रतिशत
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बांदा। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए जिले के कई किसान अपनी भूमि आपसी सहमति से यूपीडा को बेचने पर राजी नहीं हैं। नतीजे में 28 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि अब तक नहीं ली जा सकी। प्रशासन इस भूमि को हासिल करने के लिए अब भूअर्जन/अधिग्रहण कार्रवाई की तैयारी में है। डीएम आनंद कुमार सिंह ने मंगलवार को एक्सप्रेस-वे के कामों की समीक्षा की। साथ ही निर्माण स्थल का मुआयना किया।
जिलाधिकारी के कैंप कार्यालय में मंगलवार को सुबह बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे परियोजना की बैठक में अवशेष भूमि और अन्य समस्याओं पर चर्चा हुई। तहसीलदार सदर अवधेश कुमार निगम ने अवगत कराया कि कुछ कृषक अपनी भूमि को आपसी सहमति से बैनामे पर देने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में उनकी भूमि का नियमत: भू-अर्जन कार्रवाई करनी होगी। एक्सप्रेस-वे की चिह्ति भूमि में अभी 28.74 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण के लिए बाकी है। एक्सप्रेस-वे निर्माण करा रहे पैकेज-एक के अधिशासी अभियंता कुमार गौरव (पीआईयू) ने बताया कि मवई खुर्द और तिलेहटा गांवों के पास 1500 मीटर जमीन अतिशीघ्र खरीदा जाना जरूरी है। इस पर सदर तहसीलदार ने कहा कि यह भूमि अर्जन में शामिल है।
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पैकेज-2 के अधिशासी अभियंता कमलेश कुमार ने बताया कि मवई गांव में एक मकान आड़े आ रहा है। इस मकान का मुकदमा किसी अदालत में विचाराधीन है। डीएम ने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि पता करें कि यह मुकदमा क्यों और किस अदालत में चल रहा है? ताकि उसकी पैरवी कराई जा सके। डीएम ने कहा कि जो भूमि आपसी समझौते से नहीं मिल पा रही और उसके लिए विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्वस्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 के तहत समयबद्ध ढंग से कार्रवाई करें।
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बैठक के बाद डीएम ने मवई गांव के पास निर्माणाधीन बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और फ्लाईओवर का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। दोनों पैकेज के अधिशासी अभियंता से कहा कि काम में और तेजी लाएं। कोई अड़चन या समस्या आए तो उन्हें बताएं। मौके पर मौजूद उप जिलाधिकारी सुधीर कुमार और तहसीलदार को निर्देश दिए कि इस पर लगातार नजर रखें। बैठक और निरीक्षण में विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी महेंद्र प्रताप सहित सदर तहसीलदार, एपीसीओ के जीएम रामप्रताप चौधरी व संजय कुमार मौर्य (हाईवे) उपस्थित रहे।
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बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे एक नजर में-
1. जनपद में प्रस्तावित सड़क- 61.31 किलोमीटर
2. शामिल गांव- 28
3. कुल रकबा- 794.3940 हेक्टेयर
4. खरीदने के लिए क्षेत्रफल- 741.6397 हेक्टेयर
5. अब तक कुल खरीदा गया क्षेत्रफल- 711.8832 हेक्टेयर
6. अधिग्रहण के लिए कुल अवशेष भूमि- 28.5451 हेक्टेयर
7. हाईवे पर प्रस्तावित पुल- 3 (केन व बागै नदी)
8. मिट्टी के कार्य की प्रगति- 70 प्रतिशत
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