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बुंदेलखंड में पानी की एक बूंद भी कीमती
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 17 Dec 2015 11:23 PM IST
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बांदा। मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू ने कहा है कि
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बुंदेलखंड मेें पानी की एक बूंद भी कीमती है। इसकी हिफाजत कर पौधरोपण को
बढ़ावा दें, तभी बुंदेलखंड में हरियाली और खुशहाली का माहौल बनेगा।
मंडलायुक्त बृहस्पतिवार को मटौंध क्षेत्र के खहरा गांव में युवा किसान पंकज सिंह द्वारा बंजर खेतों में लाई गई हरियाली का जायजा लेने गए थे।
युवा किसान ने सूखे की परवाह किए बगैर अपने खेत में तालाब तैयार किया है। हरे-भरे पौधे लगाए हैं। बंजर में हरित क्रांति लाई है। आयुक्त ने न सिर्फ सराहा, बल्कि किसान पंकज का जज्बा और हौसला भी बढ़ाया।
उन्होंने खुद भी एक पौधा लगाया। कहा कि मंडल के चारों जनपदों को सूखा और जल संकट से उबारने के लिए तालाब और उद्यान को प्राथमिकता का अभियान चलाया जाएगा।
युवा किसान पंकज भारतीय रेल के इंजीनियरिंग विभाग में असिस्टेंट मैनेजर की नौकरी छोड़ अपने गांव में खेतीबाड़ी शुरू की। बंजर जमीन का एक बड़ा हिस्सा हरा-भरा कर दिखाया है।
इस अवसर पर प्रगतिशील किसान और ह्यूमन एग्रेरियन सेंटर संस्थापक प्रेम सिंह (बड़ोखर खुर्द) ने मंडलायुक्त को प्रकृति समयक खेती के अनुभव बताए। आयुक्त ने इस पर सहमति जताई।
अपना तालाब अभियान संयोजक पुष्पेंद्र भाई ने कहा कि वर्षा के पानी की हिफाजत और खेती में पेड़ और पानी को हिस्सा बनाना राष्ट्रीय कार्य है।
ऐसे किसानों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है। इस मौके पर पर्यावरणविद गुंजन मिश्र सहित रवि शंकर शुक्ल, दया शंकर कौशिक (महोबा) और उप कृषि निदेशक उमेश चंद्र कटियार भी मौजूद रहे।
मंडलायुक्त बृहस्पतिवार को मटौंध क्षेत्र के खहरा गांव में युवा किसान पंकज सिंह द्वारा बंजर खेतों में लाई गई हरियाली का जायजा लेने गए थे।
युवा किसान ने सूखे की परवाह किए बगैर अपने खेत में तालाब तैयार किया है। हरे-भरे पौधे लगाए हैं। बंजर में हरित क्रांति लाई है। आयुक्त ने न सिर्फ सराहा, बल्कि किसान पंकज का जज्बा और हौसला भी बढ़ाया।
उन्होंने खुद भी एक पौधा लगाया। कहा कि मंडल के चारों जनपदों को सूखा और जल संकट से उबारने के लिए तालाब और उद्यान को प्राथमिकता का अभियान चलाया जाएगा।
युवा किसान पंकज भारतीय रेल के इंजीनियरिंग विभाग में असिस्टेंट मैनेजर की नौकरी छोड़ अपने गांव में खेतीबाड़ी शुरू की। बंजर जमीन का एक बड़ा हिस्सा हरा-भरा कर दिखाया है।
इस अवसर पर प्रगतिशील किसान और ह्यूमन एग्रेरियन सेंटर संस्थापक प्रेम सिंह (बड़ोखर खुर्द) ने मंडलायुक्त को प्रकृति समयक खेती के अनुभव बताए। आयुक्त ने इस पर सहमति जताई।
अपना तालाब अभियान संयोजक पुष्पेंद्र भाई ने कहा कि वर्षा के पानी की हिफाजत और खेती में पेड़ और पानी को हिस्सा बनाना राष्ट्रीय कार्य है।
ऐसे किसानों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है। इस मौके पर पर्यावरणविद गुंजन मिश्र सहित रवि शंकर शुक्ल, दया शंकर कौशिक (महोबा) और उप कृषि निदेशक उमेश चंद्र कटियार भी मौजूद रहे।