बुंदेलखंड के सातों जिलों में खनिज संपदा की भरमार

Banda Updated Sun, 03 Jun 2012 12:00 PM IST
बांदा। बुंदेलखंड में खनिज खदानों की संख्या हजारों में है लेकिन केंद और राज्य सरकारों के कानूनी प्रतिबंधों के चलते अधिकांश के पट्टे नहीं हो पाते। यही वजह है कि मात्र 972 पट्टे ही स्वीकृत हुए हैं और इनसे प्रदेश सरकार को 64 करोड़ रुपए ही राजस्व मिल पा रहा है। सभी खदानें विधिवत शुरू हो जाने पर बुंदेलखंड से मिलने वाला राजस्व अरबों रुपए में होता है। सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, केंद्र सरकार और राज्य सरकारें खनिज संबंधी आदेश समय-समय पर जारी करते रहते हैं। मौजूदा समय में ही बड़ी संख्या में बालू का खनन रुका हुआ है। इससे ही शासन को रोजाना लाखों रुपए राजस्व की हानि हो रही है। बुंदेलखंड के विकास में यदि राजस्व का पैसा लगाया जाए तो यहां भी विकास की गंगा बह सकती है। गौरतलब है कि सरकारी आंकड़ों में सातों जनपदों में 253 खनिज आधारित उद्योग बताए गए हैं लेकिन यहां भी बदहाली दिखाई देती है।
बुंदेलखंड दो मंडलों में बंटा हुआ है। एक झांसी और दूसरा चित्रकूटधाम मंडल। पूर्व में यह एक ही मंडल हुआ करता था। झांसी मंडल की अपेक्षा चित्रकूटधाम मंडल से प्रदेश सरकार को राजस्व ज्यादा मिल रहा है। झांसी मंडल से 21.73 करोड़ की आमद हो रही है तो चित्रकूटधाम मंडल से 42.73 करोड़ यानि दोगुना राजस्व मिल रहा है। आमदनी के मामले में झांसी जनपद अव्वल है। यहां से खनिज के जरिए सरकार को 13 करोड़ 56 लाख रुपए मिल रहे हैं। महोबा दूसरे नंबर पर है जहां 13 करोड़ 21 लाख रुपए सालाना आमदनी हासिल हो रही है। हमीरपुर से 11 करोड़ 81 लाख, बांदा से 5 करोड़ 60 लाख, ललितपुर से 5 करोड़ 32 लाख, जालौन से 2 करोड़ 85 लाख और चित्रकूट से 2 करोड़ 11 लाख रुपए राजस्व मिलना बताया जा रहा है।
यह आंकडे़ खनिज विकास निगम, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय उत्तर प्रदेश लखनऊ से जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत अखिल भारतीय बुंदेलखंड विकास मंच के महासचिव नसीर अहमद सिद्दीकी ने हासिल किए हैं। बताया गया है कि बुंदेलखंड में कई प्रकार के खनिज उपलब्ध हैं। चित्रकूट में बाक्साइट, झांसी, महोबा, ललितपुर में डायस्पोर, पायरोफाइलाइट, झांसी में सिलका सेंट, ग्रेनाइट, बांदा में पालिश, स्लेब और टायल इत्यादि खनिज मिलते हैं। बालू के भी बडे़ भंडार हैं। चित्रकूट के मानिकपुर में 84 लाख टन बाक्साइट उपलब्ध है। ललितपुर में लौह अयस्क जिसमें 30 प्रतिशत लोहा होता है भारी मात्रा में उपलब्ध है। झांसी के बड़ा गांव और मऊरानीपुर में अभ्रक पाया जाता है।
बुंदेलखंड में सोना और चांदी भी मिलता है। ललितपुर की चट्टानों में प्रति एक टन खनिज में 2.78 ग्राम प्लेटियम, 2.2 ग्राम पैलेडियम, 7.74 ग्राम रेडियम और 3.4 ग्राम सोना तथा 3.61 ग्राम चांदी पाई जाती है। यहां की मिट्टी में और भी कई खनिज पाए जाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक बांदा जनपद के कालिंजर क्षेत्र में बागै नदी पर हीरे के संकेत मिले हैं। यहां किंबरलाइट द्वारा खोज जारी है। बुंदेलखंड विकास मंच महामंत्री श्री सिद्दीकी ने कहा है कि बुंदेलखंड में पाए जाने वाले खनिज तत्वों पर आधारित तमाम उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। अभी भी यहां सरकारी सूचनाओं के मुताबिक 253 खनिज आधारित उद्योग हैं। झांसी और महोबा में 84-84, ललितपुर में 23 और चित्रकूट में 30 उद्योेग हैं। यह काफी कम हैं।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी में कोहरे का कहर जारी, ट्रक और कार की टक्कर में तीन की मौत

कन्नौज के तालग्राम में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर कोहरे के चलते एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कोहरे की वजह से पीछे से आ रही कार के चालक को सड़क पर खड़ा ट्रक  नजर नहीं आया और उनमें कार जा टकराई। हादसे में तीन की मौत हो गई।

10 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper