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गांवों को गोद लेकर कुपोषण मुक्त बनाएं
Banda
Updated Sun, 16 Nov 2014 05:30 AM IST
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बांदा। गांवोें को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए गांव गोद लेने का अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी सुरेश कुमार ने तिंदवारी ब्लाक के मुंगुस और महुआ ब्लाक के बरसड़ा बुजुर्ग को खुद गोद लेने की घोषणा की है। लोहिया गांवों के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। लोहिया गांव के साथ एक अन्य गांव गोद लेकर वहां कुपोषण मुक्त अभियान चलाएं।
शनिवार को विकास भवन सभागार में एएनएम, आशा बहू, मुख्य सेविका और आंगनबाड़ी आदि की संयुक्त बैठक में डीएम ने उपरोक्त निर्देश दिए। कहा कि टीम भावना से गांवों में पांच वर्षों तक के बच्चों का वजन लें। कुपोषित बच्चों को लाल श्रेणी सूची में रखें। जनपद को कुपोषण मुक्त कराना है। कुपोषित बच्चाें को एएनएम शीघ्र जिला अस्पताल में कुपोषित पुनर्वास केंद्र भिजवाएं। इसमें हीलाहवाली या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने सीडीपीओ को निर्देश दिए कि बच्चों के परीक्षण और तौल आदि की प्रगति रिपोर्ट लेकर कंप्यूटर में फीड करके डीएम कैंप कार्यालय और जिला कार्यक्रम अधिकारी को भेजें। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों, बीडीओ, सीडीपीओ और ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि हफ्ते में एक दिन निर्धारित करके बैठक करें। बच्चों को तौल और स्वास्थ्य परीक्षण का काम 30 नवंबर तक हर हाल में पूरा किया जाए वरना दोषी अधिकारी व कर्मचारी दंडित होंगे।
सीडीओ प्रमोद शर्मा, प्रभारी कुपोषित पुनर्वास केंद्र डॉ.आरके गुप्ता, डीडीओ श्रीकृष्ण त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी इशरतजहां आदि बैठक में शामिल रहे।
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शनिवार को विकास भवन सभागार में एएनएम, आशा बहू, मुख्य सेविका और आंगनबाड़ी आदि की संयुक्त बैठक में डीएम ने उपरोक्त निर्देश दिए। कहा कि टीम भावना से गांवों में पांच वर्षों तक के बच्चों का वजन लें। कुपोषित बच्चों को लाल श्रेणी सूची में रखें। जनपद को कुपोषण मुक्त कराना है। कुपोषित बच्चाें को एएनएम शीघ्र जिला अस्पताल में कुपोषित पुनर्वास केंद्र भिजवाएं। इसमें हीलाहवाली या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने सीडीपीओ को निर्देश दिए कि बच्चों के परीक्षण और तौल आदि की प्रगति रिपोर्ट लेकर कंप्यूटर में फीड करके डीएम कैंप कार्यालय और जिला कार्यक्रम अधिकारी को भेजें। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों, बीडीओ, सीडीपीओ और ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि हफ्ते में एक दिन निर्धारित करके बैठक करें। बच्चों को तौल और स्वास्थ्य परीक्षण का काम 30 नवंबर तक हर हाल में पूरा किया जाए वरना दोषी अधिकारी व कर्मचारी दंडित होंगे।
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सीडीओ प्रमोद शर्मा, प्रभारी कुपोषित पुनर्वास केंद्र डॉ.आरके गुप्ता, डीडीओ श्रीकृष्ण त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी इशरतजहां आदि बैठक में शामिल रहे।
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