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चूना हुआ पुराना, पेंट का है जमाना
Banda
Updated Wed, 23 Oct 2013 05:41 AM IST
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बांदा। दीवाली से पहले घर की साफ-सफाई के लिए लोग तैयार हैं। कुछ रंगरोगन करवा रहे हैं और कुछ अभी प्लान कर रहे हैं कि इस बार घर का लुक कैसा रखा जाए। चूना और सूखे डिस्टेंपर की जहां अब पूछ कम हुई है वहीं अब लिक्विड डिस्टेंपर से लेकर प्लास्टिक पेंट आदि तमाम रेंज बाजार में उपलब्ध है। आंकड़े बताते हैं कि 10 सालों में पेंट और रंग-रोगन का कारोबार 10 गुना बढ़ गया। महंगाई के बावजूद मकानों और बंगला-कोठियों को सजाने-संवारने के शौक में कमी नहीं आई।
हर साल की तरह इस बार भी दीपावली पर मकान चमकाने की होड़ शुरू होते ही रंगों का कारोबार भी परवान चढ़ गया है। दीपावली के मौके पर अबकी कई विशेष पेंट बाजार में हैं। मध्यम वर्ग में स्मोशियम, इमेल्सन व पिडीडेंट पेंटरी और संपन्न लोगों में मैडलिंग पेंट पसंदीदा हैं। नेरोलेक, एशियन व बर्जर जैसे ब्राडेंड पेंट की मांग ज्यादा है। इनमें खासियत है कि यह पेंट दीवारों को रौनक देने के साथ टिकाऊ भी हैं।
गौरतलब है कि पिछले दस सालों में पेंट कारोबार में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां चूना और गेरू आदि का प्रयोग होता था अब वहीं पेंट का इस्तेमाल हो रहा है। वैसे तो कलर व पेंट की बिक्री पूरे साल होती है, पर दीपावली में इसकी डिमांड बढ़ जाती है। पेंट व्यवसायियों के मुताबिक दीपावली में कई करोड़ का कारोबार होता है।
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ग्राहकों में बढ़ी है जागरूकता
बांदा। थोक पेंट व्यवसायी संजय ओमर का कहना है कि लोकल व सस्ते के बजाए लोग ब्रांडेड कलर तथा पेंट खरीद रहे हैं। इनमें कवरिंग व शाइनिंग के साथ टिकाऊपन होता है। शिकायत भी नहीं मिलती और ग्राहक संतुष्ट रहता है। पेंट व्यवसायी दिनेश ओमर ने बताया कि इस वर्ष बारिश ज्यादा होने से दीवारों व दरवाजों पर पेंट की जरूरत बढ़ी है। मैडलिंग पेंट की बिक्री ज्यादा है। ये पेंट मकान के अंदर व बाहर कहीं भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। ब्रांडेड होने से यह 10 साल तक टिकाऊ होते हैं। दशकभर में 10 गुना महंगाई बढ़ी है, लेकिन डिमांड भी 10 गुना है। पेंट व्यवसायी राजू जारीवाले ने कहा कि मध्यम वर्गीय लोग पिडीडेंट पेंट ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसमें खासियत यह है कि मनचाहा कलर बनाया जा सकता है। चूना, कलई व खड़िया किसी में भी मिलाया जा सकता है। ब्यूरो
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हर साल की तरह इस बार भी दीपावली पर मकान चमकाने की होड़ शुरू होते ही रंगों का कारोबार भी परवान चढ़ गया है। दीपावली के मौके पर अबकी कई विशेष पेंट बाजार में हैं। मध्यम वर्ग में स्मोशियम, इमेल्सन व पिडीडेंट पेंटरी और संपन्न लोगों में मैडलिंग पेंट पसंदीदा हैं। नेरोलेक, एशियन व बर्जर जैसे ब्राडेंड पेंट की मांग ज्यादा है। इनमें खासियत है कि यह पेंट दीवारों को रौनक देने के साथ टिकाऊ भी हैं।
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गौरतलब है कि पिछले दस सालों में पेंट कारोबार में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां चूना और गेरू आदि का प्रयोग होता था अब वहीं पेंट का इस्तेमाल हो रहा है। वैसे तो कलर व पेंट की बिक्री पूरे साल होती है, पर दीपावली में इसकी डिमांड बढ़ जाती है। पेंट व्यवसायियों के मुताबिक दीपावली में कई करोड़ का कारोबार होता है।
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ग्राहकों में बढ़ी है जागरूकता
बांदा। थोक पेंट व्यवसायी संजय ओमर का कहना है कि लोकल व सस्ते के बजाए लोग ब्रांडेड कलर तथा पेंट खरीद रहे हैं। इनमें कवरिंग व शाइनिंग के साथ टिकाऊपन होता है। शिकायत भी नहीं मिलती और ग्राहक संतुष्ट रहता है। पेंट व्यवसायी दिनेश ओमर ने बताया कि इस वर्ष बारिश ज्यादा होने से दीवारों व दरवाजों पर पेंट की जरूरत बढ़ी है। मैडलिंग पेंट की बिक्री ज्यादा है। ये पेंट मकान के अंदर व बाहर कहीं भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। ब्रांडेड होने से यह 10 साल तक टिकाऊ होते हैं। दशकभर में 10 गुना महंगाई बढ़ी है, लेकिन डिमांड भी 10 गुना है। पेंट व्यवसायी राजू जारीवाले ने कहा कि मध्यम वर्गीय लोग पिडीडेंट पेंट ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसमें खासियत यह है कि मनचाहा कलर बनाया जा सकता है। चूना, कलई व खड़िया किसी में भी मिलाया जा सकता है। ब्यूरो