{"_id":"41-145496","slug":"Banda-145496-41","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईदगाह परिसर में दलदल, डस्ट बिछाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईदगाह परिसर में दलदल, डस्ट बिछाई
Banda
Updated Sun, 11 Aug 2013 05:35 AM IST
विज्ञापन
बांदा। ऐन मौके पर घनघोर बादल और बारिश ने ईद का मजा किरकिरा कर दिया। ईदगाह समेत उन मसजिदों, जहां ईद की नमाज अदा की जाती है, के इंतजाम करने वालों के चेहरों पर चिंता की लकीरें हैं। ईदगाह के खुले परिसर में पूर्व संध्या पर बृहस्पतिवार को प्रशासन और ईदगाह प्रबंधन तैयारी में जुटे रहे।
बृहस्पतिवार को सुबह से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। इसके पूर्व बुधवार की शाम तेज बारिश हुई थी। समूचा शहर कीचड़, दलदल और जलभराव में बदल गया। ईद की खुशी में मकानों को रंग-रोगन से सजाने वालों के चेहरों पर भी चिंता झलक आई। ईद के दिन सुबह बारिश हुई तो नमाज में भारी परेशानी होगी। ईदगाह पूरी तरह खुली हुई है। हालांकि मुतवल्ली शेख सादी जमां ने एलान किया है कि बारिश होने पर ईद की नमाज नवाबी जामा मसजिद में होगी, लेकिन जामा मसजिद भी ईद के नमाजियों को बारिश से बचाने के लिए पर्याप्त नहीं है। जामा मसजिद के बाहर तक नमाजियों की सफें लगती हैं। बारिश हुई तो नमाजी तर-बतर होंगे। रास्ते में कीचड़ और जलभराव से लोगों को काफी परेशानियां होंगी।
प्रशासन ने ईदगाह परिसर में लाल मोरंग बिछवा दी। बारिश से यह दलदल में बदल गया। मुतवल्ली की आपत्ति पर उप जिलाधिकारी सदर गिरीश कुमार शर्मा तत्काल ईदगाह पहुंचे और अपनी उपस्थिति में परिसर में डस्ट बिछवाकर मैदान दुरुस्त कराया। आसपास सफाई की व्यवस्था भी कराई। कालवनगंज स्थित शेख सरवर की मसजिद में भी सड़क तक दूर तक सफें लगती हैं। बारिश के आसार देखकर यहां के इंतजाम करने वाले भी चिंतित हैं। हालांकि उन्होंने शामियाना इत्यादि की व्यवस्था की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को सुबह से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। इसके पूर्व बुधवार की शाम तेज बारिश हुई थी। समूचा शहर कीचड़, दलदल और जलभराव में बदल गया। ईद की खुशी में मकानों को रंग-रोगन से सजाने वालों के चेहरों पर भी चिंता झलक आई। ईद के दिन सुबह बारिश हुई तो नमाज में भारी परेशानी होगी। ईदगाह पूरी तरह खुली हुई है। हालांकि मुतवल्ली शेख सादी जमां ने एलान किया है कि बारिश होने पर ईद की नमाज नवाबी जामा मसजिद में होगी, लेकिन जामा मसजिद भी ईद के नमाजियों को बारिश से बचाने के लिए पर्याप्त नहीं है। जामा मसजिद के बाहर तक नमाजियों की सफें लगती हैं। बारिश हुई तो नमाजी तर-बतर होंगे। रास्ते में कीचड़ और जलभराव से लोगों को काफी परेशानियां होंगी।
विज्ञापन
प्रशासन ने ईदगाह परिसर में लाल मोरंग बिछवा दी। बारिश से यह दलदल में बदल गया। मुतवल्ली की आपत्ति पर उप जिलाधिकारी सदर गिरीश कुमार शर्मा तत्काल ईदगाह पहुंचे और अपनी उपस्थिति में परिसर में डस्ट बिछवाकर मैदान दुरुस्त कराया। आसपास सफाई की व्यवस्था भी कराई। कालवनगंज स्थित शेख सरवर की मसजिद में भी सड़क तक दूर तक सफें लगती हैं। बारिश के आसार देखकर यहां के इंतजाम करने वाले भी चिंतित हैं। हालांकि उन्होंने शामियाना इत्यादि की व्यवस्था की है।
विज्ञापन