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मीसा बंदियों के परिचयपत्रों का नवीनीकरण नहीं
Banda
Updated Sun, 05 May 2013 05:30 AM IST
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बांदा। आत्मदाह व अनशन जैसे आंदोलनों के बाद लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को कई माह बाद बमुश्किल पेंशन मिली। अब लोकतंत्र रक्षक सेनानी दूसरी समस्या से दो-चार हो रहे हैं। उनके परिचय पत्र नवीनीकृत न किए जाने से रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा आदि नहीं मिल रही।
लोकतंत्र रक्षक सेनानी नौशाद अली भारतीय ने पिछले दिनों पेंशन मुद्दों को आत्मदाह की कोशिश की थी। अधिकारियों ने उन्हें पकड़कर समझाया-बुझाया था। बाद में प्रशासन चेता और सभी लोकतंत्र रक्षक सेनानियों की वर्षों से लंबित पेंशन उनके खातों में पहुंचा दी गई। श्री भारतीय ने बताया कि लोकतंत्र रक्षक सेनानियों के परिचय पत्र का जिलाधिकारी कार्यालय से नवीनीकरण नहीं किया गया। नतीजे में रोडवेज बसों में उन्हें मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं मिल रही जबकि शासन ने यह सुविधा उपलब्ध करा रखी है। गौरतलब है कि सपा सरकार ने ही मीसा बंदियों को लोकतंत्र रक्षक सेनानी का दर्जा देते हुए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा और पेंशन आदि की सुविधाएं दी हैं, पर अधिकारी सरकारी कार्रवाई में अड़ंगे लगा रहे हैं। ब्यूरो
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लोकतंत्र रक्षक सेनानी नौशाद अली भारतीय ने पिछले दिनों पेंशन मुद्दों को आत्मदाह की कोशिश की थी। अधिकारियों ने उन्हें पकड़कर समझाया-बुझाया था। बाद में प्रशासन चेता और सभी लोकतंत्र रक्षक सेनानियों की वर्षों से लंबित पेंशन उनके खातों में पहुंचा दी गई। श्री भारतीय ने बताया कि लोकतंत्र रक्षक सेनानियों के परिचय पत्र का जिलाधिकारी कार्यालय से नवीनीकरण नहीं किया गया। नतीजे में रोडवेज बसों में उन्हें मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं मिल रही जबकि शासन ने यह सुविधा उपलब्ध करा रखी है। गौरतलब है कि सपा सरकार ने ही मीसा बंदियों को लोकतंत्र रक्षक सेनानी का दर्जा देते हुए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा और पेंशन आदि की सुविधाएं दी हैं, पर अधिकारी सरकारी कार्रवाई में अड़ंगे लगा रहे हैं। ब्यूरो
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