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नजूल भूमि के बैनामे पर रोक
Banda
Updated Fri, 04 Jan 2013 05:30 AM IST
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बांदा। प्रतिबंध के बावजूद नान जेड एरिया जमीन की हो रही बिक्री पर प्रशासन ने देर-सबेर कड़ा रुख अपनाते हुए इसके बैनामों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। कहा गया है कि नान जेड और नजूल भूमि का बैनामा या खरीद-फरोख्त जिलाधिकारी की अनुमति के बगैर नहीं होगी। बैनामा कर दिए जाने पर उप निबंधक से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बांदा शहर में बड़े पैमाने पर नान जेड एरिया और नजूल भूमि है। यह भूमि शासन के स्वामित्व में होती है। आम आदमी इसे बेच या खरीद नहीं सकता लेकिन शहर में कुछ लोग काफी अरसे से इस श्रेणी की भूमि बेचने-खरीदने का धंधा अपनाए हुए हैं। हाल ही में राष्ट्रीय लोकदल चित्रकूट मंडल महासचिव कल्लन भाई ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी की लड़ाकापुरवा में स्थित नान जेड भूमि को नत्थूराम पुत्र छक्कीलाल (खुटला) द्वारा कानूनी तथ्य छिपाकर बेचा गया है। इसे मनोज कुमार जैन व राजेश कुमार जैन (छोटी बाजार) ने खरीदा है। शिकायती पत्र के साथ बैनामा व नकल खतौनी की फोटो प्रतियां भी लगी थीं।
शिकायत के बाद अपर जिलाधिकारी केएन सिंह ने बृहस्पतिवार को उप जिलाधिकारी सदर को पत्र भेजकर निर्देश दिया कि शिकायत वाले बैनामे की जांच कराएं। संबंधित लेखपाल और कानूनगो द्वारा बैनामा के समय किस आधार पर रिपोर्ट लगाई गई ? किसके आदेश पर दाखिल-खारिज हुआ ? एडीएम ने संबंधित लेखपाल और कानूनगो को अपने समक्ष 7 जनवरी को तलब भी किया है। साथ ही एसडीएम को निर्देश दिया है कि सभी लेखपाल और कानूनगो को निर्देश जारी करें कि नान जेड या नजूल भूमि का कोई भी व्यक्ति बैनामा करा रहा हो तो इसकी सूचना तत्काल जिलाधिकारी या एडीएम को दें। भविष्य में ऐसी शिकायत मिली तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। एडीएम ने उप निबंधक बांदा को तीन दिन के अंदर अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही बबेरू, नरैनी और अतर्रा के उप निबंधकों को भी इस आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) से बैनामे के बारे में कानूनी राय मांगी है।
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बांदा शहर में बड़े पैमाने पर नान जेड एरिया और नजूल भूमि है। यह भूमि शासन के स्वामित्व में होती है। आम आदमी इसे बेच या खरीद नहीं सकता लेकिन शहर में कुछ लोग काफी अरसे से इस श्रेणी की भूमि बेचने-खरीदने का धंधा अपनाए हुए हैं। हाल ही में राष्ट्रीय लोकदल चित्रकूट मंडल महासचिव कल्लन भाई ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी की लड़ाकापुरवा में स्थित नान जेड भूमि को नत्थूराम पुत्र छक्कीलाल (खुटला) द्वारा कानूनी तथ्य छिपाकर बेचा गया है। इसे मनोज कुमार जैन व राजेश कुमार जैन (छोटी बाजार) ने खरीदा है। शिकायती पत्र के साथ बैनामा व नकल खतौनी की फोटो प्रतियां भी लगी थीं।
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शिकायत के बाद अपर जिलाधिकारी केएन सिंह ने बृहस्पतिवार को उप जिलाधिकारी सदर को पत्र भेजकर निर्देश दिया कि शिकायत वाले बैनामे की जांच कराएं। संबंधित लेखपाल और कानूनगो द्वारा बैनामा के समय किस आधार पर रिपोर्ट लगाई गई ? किसके आदेश पर दाखिल-खारिज हुआ ? एडीएम ने संबंधित लेखपाल और कानूनगो को अपने समक्ष 7 जनवरी को तलब भी किया है। साथ ही एसडीएम को निर्देश दिया है कि सभी लेखपाल और कानूनगो को निर्देश जारी करें कि नान जेड या नजूल भूमि का कोई भी व्यक्ति बैनामा करा रहा हो तो इसकी सूचना तत्काल जिलाधिकारी या एडीएम को दें। भविष्य में ऐसी शिकायत मिली तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। एडीएम ने उप निबंधक बांदा को तीन दिन के अंदर अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही बबेरू, नरैनी और अतर्रा के उप निबंधकों को भी इस आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) से बैनामे के बारे में कानूनी राय मांगी है।
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