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आत्मदाह के मंसूबे पर पानी फेरा
Banda
Updated Wed, 02 Jan 2013 05:30 AM IST
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बांदा। मीसा बंदी लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को सम्मान राशि न दिए जाने के विरोध में एक सेनानी द्वारा किया जा रहा आत्मदाह प्रशासन ने टाल दिया है। पेट्रोल से भरी बोतल हाथ में लिए सेनानी को नाटकीय ढंग से बातचीत के दौरान दबोच लिया गया। बाद में सम्मान राशि जल्द ही उनके खाते में भेजने का आश्वासन देकर घर भेज दिया। हालांकि सेनानी ने कहा है कि अगला कदम वह लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने उठाएगा।
मीसा बंदियों को बांदा जनपद में पिछले नौ माह से पेंशन नहीं मिल रही। सेनानी नौशाद अली भारती ने इसके विरोध में मंगलवार को अशोक लाट में आत्मदाह की घोषणा की थी। कई दिन पूर्व की गई इस घोषणा के बाद से प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई थी। मंगलवार को सुबह से ही अशोक लाट में प्रशासन, पुलिस और खुफिया एजेंसियों की नजरें गड़ी रहीं। सुबह लगभग 10 बजे श्री भारती पेट्रोल से भरी बोतल लेकर अशोक लाट पहुंचे। उनके साथ कई और सेनानी थे। साथ ही सेनानियों ने उन्हें माला पहनाई। इसी बीच एसडीएम सदर गिरीश कुमार शर्मा आ गए। उनके साथ पुलिस क्षेत्राधिकारी आशुतोष शुक्ल व विनोद सिंह सहित राजस्व विभाग के कुछ अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल था। एसडीएम ने श्री भारती को समझाने का प्रयास किया। न माने तो उन्हें सदर तहसील ले गए। आश्वासन दिया कि पेंशन राशि जल्द ही उनके खाते में पहुंच जाएगी। बाद में श्री भारती को घर के लिए रवाना कर दिया गया। उधर, श्री भारती ने कहा कि प्रशासन ने बैनर फाड़ दिया। अब लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने आंदोलन करेंगे।
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मीसा बंदियों को बांदा जनपद में पिछले नौ माह से पेंशन नहीं मिल रही। सेनानी नौशाद अली भारती ने इसके विरोध में मंगलवार को अशोक लाट में आत्मदाह की घोषणा की थी। कई दिन पूर्व की गई इस घोषणा के बाद से प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई थी। मंगलवार को सुबह से ही अशोक लाट में प्रशासन, पुलिस और खुफिया एजेंसियों की नजरें गड़ी रहीं। सुबह लगभग 10 बजे श्री भारती पेट्रोल से भरी बोतल लेकर अशोक लाट पहुंचे। उनके साथ कई और सेनानी थे। साथ ही सेनानियों ने उन्हें माला पहनाई। इसी बीच एसडीएम सदर गिरीश कुमार शर्मा आ गए। उनके साथ पुलिस क्षेत्राधिकारी आशुतोष शुक्ल व विनोद सिंह सहित राजस्व विभाग के कुछ अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल था। एसडीएम ने श्री भारती को समझाने का प्रयास किया। न माने तो उन्हें सदर तहसील ले गए। आश्वासन दिया कि पेंशन राशि जल्द ही उनके खाते में पहुंच जाएगी। बाद में श्री भारती को घर के लिए रवाना कर दिया गया। उधर, श्री भारती ने कहा कि प्रशासन ने बैनर फाड़ दिया। अब लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने आंदोलन करेंगे।
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