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शिक्षा की अलख जगा रहा राजकीय डिग्री कालेज
Updated Tue, 13 Nov 2018 10:47 PM IST
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बांदा। पिपरहरी गांव में जहां कभी प्राथमिक शिक्षा दूभर थी वहां अब राजकीय महाविद्यालय शिक्षा की अलख जगा रहा है। तिंदवारी क्षेत्र के इस गांव में मौजूदा समय में दो सौ से ज्यादा छात्र-छात्राएं शिक्षा ले रहे हैं। अगले शिक्षा सत्र में इनकी संख्या बढ़ाकर एक हजार करने का लक्ष्य है।
वर्ष 2016 में 15 छात्र-छात्राओं के प्रवेश के साथ राजकीय डिग्री कालेज का शिक्षण सत्र शुरू हुआ था। कालेज में बीए, बीएससी, बीकाम की कक्षाएं चल रही हैं। इन तीनों संकायों में 210 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि अगले सत्र में छात्र संख्या एक हजार करने के प्रयास चल रहे हैं। पिपरहरी के अलावा पड़ोसी गांव पैलानी, अमलोर, अतरहट, पलरा, चिल्ला, तिंदवारी, छिरहुंटा, महेदू, बिछवाही, नरी, निवाइच, खप्टिहाकलां, कुकुआ खास आदि गांवों में स्नातक शिक्षा से वंचित छात्र-छात्राओं को चिन्हित कर उन्हें महाविद्यालय में प्रवेश के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सपा सरकार में इस विद्यालय की स्थापना में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले सपा नेता और इस क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य रहे अशोक सिंह गौर ने बताया कि क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को 32 किलोमीटर दूर पढ़ने जाना पड़ता था। अब राजकीय डिग्री कालेज शुरू हो जाने से छात्र-छात्राओं को खासी राहत मिली है। पूरे क्षेत्र में शिक्षा के प्रति लोगों में रुझान बढ़ रहा है। पचनेही के शिवराम यादव, विजय बहादुर प्रजापति, गंगासागर ने बताया कि पिछड़े क्षेत्र में महाविद्यालय उच्च शिक्षा की अलख जगा रहा है।
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-अगले वर्ष एक हजार छात्र-छात्राएं होंगे पिपरहरी कालेज में
-पिछड़े क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय से बढ़ा शिक्षा का रुझान
-जहां प्राइमरी शिक्षा दूभर थी वहां उच्च शिक्षा की सौगात
अमर उजाला ब्यूरो
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वर्ष 2016 में 15 छात्र-छात्राओं के प्रवेश के साथ राजकीय डिग्री कालेज का शिक्षण सत्र शुरू हुआ था। कालेज में बीए, बीएससी, बीकाम की कक्षाएं चल रही हैं। इन तीनों संकायों में 210 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि अगले सत्र में छात्र संख्या एक हजार करने के प्रयास चल रहे हैं। पिपरहरी के अलावा पड़ोसी गांव पैलानी, अमलोर, अतरहट, पलरा, चिल्ला, तिंदवारी, छिरहुंटा, महेदू, बिछवाही, नरी, निवाइच, खप्टिहाकलां, कुकुआ खास आदि गांवों में स्नातक शिक्षा से वंचित छात्र-छात्राओं को चिन्हित कर उन्हें महाविद्यालय में प्रवेश के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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सपा सरकार में इस विद्यालय की स्थापना में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले सपा नेता और इस क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य रहे अशोक सिंह गौर ने बताया कि क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को 32 किलोमीटर दूर पढ़ने जाना पड़ता था। अब राजकीय डिग्री कालेज शुरू हो जाने से छात्र-छात्राओं को खासी राहत मिली है। पूरे क्षेत्र में शिक्षा के प्रति लोगों में रुझान बढ़ रहा है। पचनेही के शिवराम यादव, विजय बहादुर प्रजापति, गंगासागर ने बताया कि पिछड़े क्षेत्र में महाविद्यालय उच्च शिक्षा की अलख जगा रहा है।
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-अगले वर्ष एक हजार छात्र-छात्राएं होंगे पिपरहरी कालेज में
-पिछड़े क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय से बढ़ा शिक्षा का रुझान
-जहां प्राइमरी शिक्षा दूभर थी वहां उच्च शिक्षा की सौगात
अमर उजाला ब्यूरो