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शौचालय रिर्माण की रिपोर्ट न देने पर सचिव को नोटिस
Updated Mon, 13 Aug 2018 11:45 PM IST
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बांदा। बिसंडा ब्लाक के लमेहटा गांव में शौचालय निर्माण में हुए घोटालों के आरोप पर अधिकारियों ने ग्राम विकास अधिकारी/सचिव से शौचालय की खामियां ठीक कराकर सूचना मांगी थी, लेकिन उसने नहीं दिया। सचिव के रवैये से खफा जिला पंचायत राज अधिकारी ने उसको कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी संजय कुमार यादव ने ग्राम विकास अधिकारी/सचिव आकाश वर्मा को जारी नोटिस में कहा है कि उनके कार्यालय से अप्रैल में जारी पत्र में कहा गया था कि वर्ष 2013-14 में लमेहटा गांव में 245 शौचालय निर्माण के लिए 24 लाख 18 हजार रुपये दिए गए थे।
इसमें 176 शौचालयों का सत्यापन कराया गया तो मानक के विपरीत पाए गए। निर्देश दिया गया था कि इन कमियों को एक हफ्ते के अंदर ठीक कराकर सूचना उपलब्ध कराएं, लेकिन ग्राम विकास अधिकारी ने अब तक कोई सूचना नहीं दी है। जिला पंचायत अधिकारी ने कहा है कि इससे स्पष्ट है कि शौचालय निर्माण में धनराशि का दुरुपयोग किया गया है।
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पंचायत राज अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी को पुन: निर्देश दिया कि शौचालयों की कमियां ठीक कराकर तीन दिन के अंदर अवगत कराएं। यदि नहीं दिया तो धनराशि का दुरुपयोग मानते हुए कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी और दुरुपयोग की गई धनराशि की वसूली की जाएगी।
पंचायत राज अधिकारी ने बिसंडा के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को निर्देश दिया है कि ग्राम पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण लेकर और जांच में अधूरे पाए गए शौचालयों का पुन: सत्यापन कर एक हफ्ते के अंदर अपनी आख्या अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।
सत्यापन में अगर शौचालय अपूर्ण या मानक विहीन पाए जाते हैं तो संबंधित ब्लाक के तकनीकी सहायक/जेई के साथ संयुक्त सत्यापन करते हुए वसूली की धनराशि निर्धारित करें और रिपोर्ट दें। क्षेत्र के समाजसेवी रामजी भाई ने कहा है कि शौचालय निर्माण में अन्य तमाम गांवों में यही अंधेरगर्दी चल रही है।
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जिला पंचायत राज अधिकारी संजय कुमार यादव ने ग्राम विकास अधिकारी/सचिव आकाश वर्मा को जारी नोटिस में कहा है कि उनके कार्यालय से अप्रैल में जारी पत्र में कहा गया था कि वर्ष 2013-14 में लमेहटा गांव में 245 शौचालय निर्माण के लिए 24 लाख 18 हजार रुपये दिए गए थे।
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इसमें 176 शौचालयों का सत्यापन कराया गया तो मानक के विपरीत पाए गए। निर्देश दिया गया था कि इन कमियों को एक हफ्ते के अंदर ठीक कराकर सूचना उपलब्ध कराएं, लेकिन ग्राम विकास अधिकारी ने अब तक कोई सूचना नहीं दी है। जिला पंचायत अधिकारी ने कहा है कि इससे स्पष्ट है कि शौचालय निर्माण में धनराशि का दुरुपयोग किया गया है।
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पंचायत राज अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी को पुन: निर्देश दिया कि शौचालयों की कमियां ठीक कराकर तीन दिन के अंदर अवगत कराएं। यदि नहीं दिया तो धनराशि का दुरुपयोग मानते हुए कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी और दुरुपयोग की गई धनराशि की वसूली की जाएगी।
पंचायत राज अधिकारी ने बिसंडा के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को निर्देश दिया है कि ग्राम पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण लेकर और जांच में अधूरे पाए गए शौचालयों का पुन: सत्यापन कर एक हफ्ते के अंदर अपनी आख्या अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।
सत्यापन में अगर शौचालय अपूर्ण या मानक विहीन पाए जाते हैं तो संबंधित ब्लाक के तकनीकी सहायक/जेई के साथ संयुक्त सत्यापन करते हुए वसूली की धनराशि निर्धारित करें और रिपोर्ट दें। क्षेत्र के समाजसेवी रामजी भाई ने कहा है कि शौचालय निर्माण में अन्य तमाम गांवों में यही अंधेरगर्दी चल रही है।