{"_id":"5995dece4f1c1b0a098b46da","slug":"91502994126-banda-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस को चकमा देकर पुतले में लगाई आग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस को चकमा देकर पुतले में लगाई आग
Updated Thu, 17 Aug 2017 11:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को औरैया में हिरासत में लिए जाने की खबर से भड़के सपा नेताओं ने भारी पुलिस पहरे के बीच मुख्यमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला फूंक दिया। नेशनल हाईवे पर धरना देकर जाम लगाया। आधा सैकड़ा से ज्यादा सपाइयों को पुलिस अपने वाहन में उठा ले गई और कुछ दूर स्थित जीआईसी ग्राउंड में छोड़ दिया।
गुरुवार दोपहर अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने की खबर आते ही सपा जिला कार्यालय में सपाइयोें का जमघट शुरू हो गया। कुछ ही देर में जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी और पूर्व विधायक विशंभर सिंह यादव आदि के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के विरुद्ध नारे लगाते हुए जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट आए। उधर, खबर मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट रमेशचंद्र और पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर सोहराब आलम समेत कई चौकी प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स भी जुलूस के इर्दगिर्द आ गया। कचहरी के पास भी पुलिस तैनात कर दी गई।
उधर, सपाई भी पुलिस को छकाए रहे। कलक्ट्रेट के सामने अशोक लाट तिराहे पर सपाई हाइवे पर धरने में बैठ गए। यातायात ठप हो गया। चारोें ओर से पुलिस उन्हें घेरे रही। इसी बीच नजदीक में ही छिपाकर रखा गया मुख्यमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला पूर्व महासचिव राजेंद्र यादव लेकर आ गए और अन्य सपाइयों के साथ आग लगा दी। पुलिस धरने में ही उलझी रही। पुतला जल उठने के बाद सीओ, दारोगा और कांस्टेबिल दौड़े तथा आधे जल चुके पुतले को छीनकर बुझा दिया। सपाई अपनी गिरफ्तारी की जिद पर अड़े रहे।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक ने कहा कि योगी सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही है। औरैया जिला पंचायत उप चुनाव इसकी बानगी है। आक्सीजन में कमीशनखोरी से गोरखपुर में बच्चों को जान गंवानी पड़ी। सपा नेताओं ने कहा कि अपने मुखिया अखिलेश की रिहाई न होने तक वह जेल भरो आंदोलन जारी रखेंगे। कुछ देर हंगामे के बाद पुलिस सपाइयों को अपने वाहन में बैठाकर ले गई और जीआईसी ग्राउंड में छोड़ दिया। इस बीच यह खबर भी मिल गई कि पूर्व मुख्यमंत्री रिहा हो गए हैं।
प्रदर्शन और आंदोलन में बृृजभूषण यादव, अधिवक्ता अशोक दीक्षित, पूर्व जिलाध्यक्ष इमरान अली राजू व इमत्याज खां, जिला पंचायत पूर्व अध्यक्ष शकील अली, नंदकिशोर यादव, मनोज वर्मा, उमेश यादव, विजयकरन यादव, मनोज निगम लाला, मदनगोपाल, बाबूलाल चक्रवर्ती, निर्भय सिंह, अमीर खंा, सुशील यादव, रवि गुप्ता, देवराज गुप्ता, अमित सेठ, अशोक बागवानी, अशोक श्रीवास, शैलेंद्र यादव, अनूप यादव, रूख्साना हाशमी, उर्मिला वर्मा, किरन यादव, सुनीता रैकवार, अवधनरेश, वीरेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।
-अखिलेश की गिरफ्तारी पर भड़के सपाई फूंक रहे थे सीएम का प्रतीकात्मक फोटो
-हाईवे पर धरना देकर पुलिस को दी गिरफ्तारियां
-आधा जल जाने के बाद पुलिस ने छीना पुतला
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
गुरुवार दोपहर अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने की खबर आते ही सपा जिला कार्यालय में सपाइयोें का जमघट शुरू हो गया। कुछ ही देर में जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी और पूर्व विधायक विशंभर सिंह यादव आदि के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के विरुद्ध नारे लगाते हुए जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट आए। उधर, खबर मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट रमेशचंद्र और पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर सोहराब आलम समेत कई चौकी प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स भी जुलूस के इर्दगिर्द आ गया। कचहरी के पास भी पुलिस तैनात कर दी गई।
विज्ञापन
उधर, सपाई भी पुलिस को छकाए रहे। कलक्ट्रेट के सामने अशोक लाट तिराहे पर सपाई हाइवे पर धरने में बैठ गए। यातायात ठप हो गया। चारोें ओर से पुलिस उन्हें घेरे रही। इसी बीच नजदीक में ही छिपाकर रखा गया मुख्यमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला पूर्व महासचिव राजेंद्र यादव लेकर आ गए और अन्य सपाइयों के साथ आग लगा दी। पुलिस धरने में ही उलझी रही। पुतला जल उठने के बाद सीओ, दारोगा और कांस्टेबिल दौड़े तथा आधे जल चुके पुतले को छीनकर बुझा दिया। सपाई अपनी गिरफ्तारी की जिद पर अड़े रहे।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक ने कहा कि योगी सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही है। औरैया जिला पंचायत उप चुनाव इसकी बानगी है। आक्सीजन में कमीशनखोरी से गोरखपुर में बच्चों को जान गंवानी पड़ी। सपा नेताओं ने कहा कि अपने मुखिया अखिलेश की रिहाई न होने तक वह जेल भरो आंदोलन जारी रखेंगे। कुछ देर हंगामे के बाद पुलिस सपाइयों को अपने वाहन में बैठाकर ले गई और जीआईसी ग्राउंड में छोड़ दिया। इस बीच यह खबर भी मिल गई कि पूर्व मुख्यमंत्री रिहा हो गए हैं।
प्रदर्शन और आंदोलन में बृृजभूषण यादव, अधिवक्ता अशोक दीक्षित, पूर्व जिलाध्यक्ष इमरान अली राजू व इमत्याज खां, जिला पंचायत पूर्व अध्यक्ष शकील अली, नंदकिशोर यादव, मनोज वर्मा, उमेश यादव, विजयकरन यादव, मनोज निगम लाला, मदनगोपाल, बाबूलाल चक्रवर्ती, निर्भय सिंह, अमीर खंा, सुशील यादव, रवि गुप्ता, देवराज गुप्ता, अमित सेठ, अशोक बागवानी, अशोक श्रीवास, शैलेंद्र यादव, अनूप यादव, रूख्साना हाशमी, उर्मिला वर्मा, किरन यादव, सुनीता रैकवार, अवधनरेश, वीरेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।
-अखिलेश की गिरफ्तारी पर भड़के सपाई फूंक रहे थे सीएम का प्रतीकात्मक फोटो
-हाईवे पर धरना देकर पुलिस को दी गिरफ्तारियां
-आधा जल जाने के बाद पुलिस ने छीना पुतला
अमर उजाला ब्यूरो