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गैर इरादतन हत्या में 7 वर्ष कैद, 20 हजार जुर्माना

Thu, 13 Feb 2020 11:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Feb 2020 11:42 PM IST
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7 years imprisonment for non-willful murder, 20 thousand fine
बांदा। गैरइरादतन हत्या के मामले नौ सालों तक चले मुकदमे में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शैलेंद्र कुमार सैलट की कोर्ट ने दोषी को सात वर्ष की सश्रम कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की कैद और होगी।
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अतर्रा थाना के ग्राम अनथुवा का हरीमोहन उर्फ रजऊवा 11 मई 2011 की रात विवाह में शामिल होकर लौट रहा था। रास्ते में गांव के गोरेलाल चौबे ने उसका मोबाइल छीनना चाहा और विरोध करने पर जनरेटर का हैंडिल उसके सिर में मार दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर गया। दूसरे दिन उसकी हालत बिगड़ गई।
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सीएचसी से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। रजउवा के पिता ने धारा 156/3 के तहत अदालत में अर्जी दी। अदालत के आदेश पर 29 अक्टूबर 2011 को 304/394 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की गई।
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विवेचना के बाद पुलिस ने धारा 304 की चार्जशीट अदालत में दाखिल की। अभियोजन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी ने सात गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद बृहस्पतिवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने कोर्ट से दोषी गोरेलाल उर्फ प्रमोद कुमार चौबे को धारा 304 (2) में दोषी पाते हुए सात वर्ष की सश्रम कारावास व बीस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माने की आधी राशि मृतक के पिता को देने के आदेश दिए। पुलिस ने दोषी को कोर्ट से जेल भेज दिया।
बिजली चोरी में एक वर्ष की कैद
बांदा। बिजली चोरी के दोषी को बृहस्पतिवार को अपर सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) रामकरन ने एक वर्ष की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माने लगाया। कोतवाली नगर के पीछे रहने वाले वृंदावन गुप्ता पुत्र श्यामाचरण गुप्ता के घर बिजली विभाग की टीम ने 24 जून 2010 को बिजली चोरी पकड़ी थी।
वह मौके से भाग निकला। तत्कालीन अवर अभियंता केके जायसवाल ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय की कोर्ट ने दोषी वृंदावन को विद्युत अधिनियम का दोषी पाते हुए एक वर्ष की सजा और दस हजार जुर्माना से दंडित किया। दोषी को जमानत पर रिहा कर दिया गया। ब्यूरो

हमले के तीन आरोपियों को जेल भेजा गया
बांदा। प्राणघातक हमला करने के तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर सीजेएम न्यायालय में पेश किया। उन्हं धारा 147, 148, 149 व 307 के तहत जेल भेज दिया गया। नरैनी निवासी सुनील कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पुत्र अमनदीप व महेश राजन बुधवार 12 फरवरी को स्टेट बैंक पैसा निकालने जा रहे थे, तभी उन्हें तलवार, चाकू व डंडा मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी असद नियाजी, लल्लू, मोहम्मद सिराज सिददीकी उर्फ लड्डन को गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। संवाद
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