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समाजवादी पार्टी के वोटों में 62% इजाफा तो भाजपा को 6% का घाटा
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बांदाः भाजपा की जीत के बाद मतगणना स्थल के बाहर जश्न मनाते समर्थक।
- फोटो : BANDA
बांदा। इस विधानसभा चुनाव में सपा के जनाधार में इजाफा हुआ है। वोटों की खेती सबसे ज्यादा सपा ने काटी है। यहां की चार सीटों में से न सिर्फ एक सीट भाजपा से छीन ली बल्कि एक लाख से अधिक लोगों को अपने पक्ष में जोड़ा भी है।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव की तुलना में भाजपा ने जहां तीन सीट बरकरार रखने के बाद भी करीब छह फीसदी वोट का घाटा सहा, वहीं सपा ने अपने वोट बैंक में 62 फीसदी की बढ़त हासिल की है। भाजपा को 19,307 वोटों का घटा सहना पड़ा। सपा को 1,07,478 वोटों का फायदा हुआ।
टिकट वितरण को लेकर भाजपा और सपा दोनों में ही अंदरूनी कलह थी। हालांकि यह खुलकर सामने नहीं आई। अब घोषित हुए नतीजों से यह बात निकलकर आई कि आंकड़ों की गणित में भले ही भाजपा भारी पड़ी पर सिर्फ तिंदवारी को छोड़कर शेष तीन सीटों पर उसके वोटों में गिरावट आई है। बांदा में 1612, नरैनी में 9114 और बबेरू में 3966 वोट पिछले चुनाव से कम मिले। अलबत्ता तिंदवारी में भाजपा ने 4615 वोट ज्यादा कमाए।
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पिछले चुनाव में बांदा, नरैनी और तिंदवारी में सपा और कांग्रेस का गठबंधन था। सिर्फ बबेरू सीट पर सपा के मौजूदा प्रत्याशी विशंभर सिंह यादव तब भी उम्मीदवार थे। बांदा, तिंदवारी और नरैनी में कांग्रेस के गठबंधन उम्मीदवार थे। अबकी सपा अकेले दम लड़ी। चारों सीटों पर उसे गठबंधन के मुकाबले 1,07,478 वोट ज्यादा मिले। सबसे ज्यादा 34120 वोट बांदा सीट पर बढ़े।
पिछले और मौजूदा चुनाव में भाजपा के वोटों का गणित-
सीट 2017 2022 घटे/बढ़े
बांदा 83169 81557 1612 घटे
नरैनी 92412 83263 9114 घटे
बबेरू 76187 72221 3966 घटे
तिंदवारी 82197 86812 4615 बढ़े
योग 3,33,965 3,23,853 19,307 घटे
पिछले और मौजूदा चुनाव में सपा के वोटों का गणित
सीट 2017 2022 घटे/बढ़े
बांदा कांग्रेस से गठबंधन 32223 66343 34120 बढ़े
नरैनी कांग्रेस से गठबंधन 47405 76544 29139 बढ़े
तिंदवारी कांग्रेस से गठबंधन 42089 58387 16298 बढ़े
बबेरू 51693 79614 27921 बढ़े
योग - 1,73,410 2,29,195 1,07,478 बढ़े
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वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव की तुलना में भाजपा ने जहां तीन सीट बरकरार रखने के बाद भी करीब छह फीसदी वोट का घाटा सहा, वहीं सपा ने अपने वोट बैंक में 62 फीसदी की बढ़त हासिल की है। भाजपा को 19,307 वोटों का घटा सहना पड़ा। सपा को 1,07,478 वोटों का फायदा हुआ।
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टिकट वितरण को लेकर भाजपा और सपा दोनों में ही अंदरूनी कलह थी। हालांकि यह खुलकर सामने नहीं आई। अब घोषित हुए नतीजों से यह बात निकलकर आई कि आंकड़ों की गणित में भले ही भाजपा भारी पड़ी पर सिर्फ तिंदवारी को छोड़कर शेष तीन सीटों पर उसके वोटों में गिरावट आई है। बांदा में 1612, नरैनी में 9114 और बबेरू में 3966 वोट पिछले चुनाव से कम मिले। अलबत्ता तिंदवारी में भाजपा ने 4615 वोट ज्यादा कमाए।
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पिछले चुनाव में बांदा, नरैनी और तिंदवारी में सपा और कांग्रेस का गठबंधन था। सिर्फ बबेरू सीट पर सपा के मौजूदा प्रत्याशी विशंभर सिंह यादव तब भी उम्मीदवार थे। बांदा, तिंदवारी और नरैनी में कांग्रेस के गठबंधन उम्मीदवार थे। अबकी सपा अकेले दम लड़ी। चारों सीटों पर उसे गठबंधन के मुकाबले 1,07,478 वोट ज्यादा मिले। सबसे ज्यादा 34120 वोट बांदा सीट पर बढ़े।
पिछले और मौजूदा चुनाव में भाजपा के वोटों का गणित-
सीट 2017 2022 घटे/बढ़े
बांदा 83169 81557 1612 घटे
नरैनी 92412 83263 9114 घटे
बबेरू 76187 72221 3966 घटे
तिंदवारी 82197 86812 4615 बढ़े
योग 3,33,965 3,23,853 19,307 घटे
पिछले और मौजूदा चुनाव में सपा के वोटों का गणित
सीट 2017 2022 घटे/बढ़े
बांदा कांग्रेस से गठबंधन 32223 66343 34120 बढ़े
नरैनी कांग्रेस से गठबंधन 47405 76544 29139 बढ़े
तिंदवारी कांग्रेस से गठबंधन 42089 58387 16298 बढ़े
बबेरू 51693 79614 27921 बढ़े
योग - 1,73,410 2,29,195 1,07,478 बढ़े