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मंडल में बकरी पालन पर फिर 58 लाख रुपये खर्च की तैयारी

Fri, 29 Dec 2017 12:01 AM IST
Updated Fri, 29 Dec 2017 12:01 AM IST
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मंडल में बकरी पालन पर फिर 58 लाख रुपये खर्च की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
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बांदा। बुंदेलखंड विकास पैकेज से साढ़े चार करोड़ रुपये की 13,400 बरबरी नस्ल की दुधारू बकरियां पिछले दो सालों में लाभार्थियों को दी गई। उनका अता-पता नहीं है। इस पर घपले के आरोप भी खूब लगे। केंद्रीय योजना आयोग के प्रतिनिधि मंडल ने भी जांच की। तमाम खामियों को दरकिनार कर इस साल फिर 58 लाख रुपये की 167 यूनिट बकरियां बांटने की तैयारी है।

चित्रकूटधाम मंडल में बुंदेलखंड विकास पैकेज से बकरी पालन योजना की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई थी। चित्रकूटधाम मंडल में इस योजना पर हर साल लगभग एक करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। लाभार्थी को एक यूनिट में 5 बकरियां व एक बकरा देने का लक्ष्य है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों ने 4.68 करोड़ रुपये कीमत की बकरियां खरीदकर लाभार्थियों को दी। प्रति एक यूनिट बकरी में शासन का 35 हजार रुपये खर्च हो रहा है। इसका 10 फीसदी (3500 रुपये) लाभार्थी को अंशदान देना होता है। एक बकरी की कीमत करीब 9 हजार है। मंडल में वर्ष 2014-15 और वर्ष 2016-17 में 4.32 करोड़ रुपये से बकरियां खरीदी गईं। 7440 बकरियों में इस साल 694 बकरियां मर गईं। 221 लाभार्थियों ने बीमा क्लेम किया। लेकिन सिर्फ 14 लाभार्थियों को ही बीमा क्लेम मिला।
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इस साल पशुपालन विभाग ने फिर 167 यूनिट (1000) बकरियों के लिए 58.45 लाख रुपये दिए हैं। बांदा में 54, चित्रकूट में 28, हमीरपुर में 50 और महोबा में 35 यूनिट बकरियों की खरीद की जा रही है। प्रति यूनिट बकरी खरीद पर 35 हजार रुपये सरकार के और 3500 रुपये पशुपालकों को अंशदान जमा करना होगा। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को इसमें वरीयता दी जा रही है।
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उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.सतीश अग्रवाल का कहना है कि बुंदेलखंड में बरबरी बकरियों के लिए वातावरण अनुकूल नहीं है। इस वजह से यहां बकरियां मर रही हैं। प्रति बकरी 200 रुपये बीमा प्रीमियम कटता है। ऐसे में बीमा कंपनी भी बीमा देने से कतराती है। सरकार को चाहिए कि यहां के वातावरण के अनुकूल देसी बकरियों के खरीद का आदेश जारी करे। इससे स्थानीय बकरी पालकों की भी आय बढ़ेगी। बकरियां भी नहीं मरेंगी।



‘बकरी पालन में शासन के आदेशों का पूरी तरह अनुपालन किया गया है। बंटी 7440 बकरियों में कुनबा बढ़ा है। 2277 बच्चे तैयार हैं। विभाग की ओर से सभी पात्र लाभार्थियों को बकरियां बांटी जा रही हैं। जितनी बकरियां मरी हैं। उनका बीमा क्लेम भी दिया गया है। कुछ का रह गया है उन्हें भी जल्द ही क्लेम दिया जाएगा।’-
डॉ.एके सिंह, अपर निदेशक, पशुपालन विभाग, चित्रकूटधाम मंडल
प्रदीप द्विवेदी



-इस साल 1000 बरबरी बकरी बांटने का लक्ष्य
-पिछले साल की 667 बकरियों की हो गई मौत
-पूर्व में भी बकरियों पर खर्च हो चुके हैं करोड़ों रुपये
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